• गवर्नर्स की एसोसिएशन सप्लाई के लिए खुद कर दूसरे देशों से संपर्क कर रहे हैं
  • राष्ट्रपति ट्रम्प ने जिस कंपनी की किट को प्रभावी बताया था, अब वह कमजोर निकली है

दैनिक भास्कर

03 मई, 2020, 01:47 बजे IST

वॉशिंगटन। (मोली बॉल) कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित अमेरिका में राज्यों के गवर्नर अब भी टेस्ट किट और उपकरणों की कमी से जूझ रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने टेस्टिंग और आवश्यक उपकरणों के इंतजाम की जिम्मेदारी राज्यों पर डाल दी है। इसी तरह, केंद्र सरकार ने राज्यों को कुछ छूट-सामान की सप्लाई की है। लेकिन, ज्यादातर राज्य अपने स्तर पर व्यवस्थाजम करते हैं। वे विदेशों से स्वयं सामान मंगवा रहे हैं। संकट गहराने के बावजूद राष्ट्रपति के रुख ने कठिन स्थितियां पैदा की हैं। गवर्नर्स को अब अपने राज्यों में लॉकडाउन खोलने से जुड़ा सबसे मुश्किल निर्णय करना है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चाहते हैं कि तीन चरणों में कारोबार शुरू किया जाए। जनजीवन सामान्य बनाने की शुरुआत हो। कई राज्यों में प्रतिबंध हटाने के पक्ष में पिछले कुछ दिनों से प्रदर्शन हो रहे हैं। गवर्नर्स के सामने सवाल है कि जनता के स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए?

ट्रम्प के रूख को देखते हुए गवर्नरों ने एक-दूसरे से संपर्क किया
मैरीलैंड के गर्वनर लारी कल्याणन ने एक पहल की है। इसके तहत ट्रम्प के रूख को देखते हुए गवर्नरों ने एक-दूसरे से संपर्क किया है। दरअसल, ज्ञानी नेशनल गवर्नर्स एसोसिएशन (एनजीए) के चेयरमैन हैं। पवन ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के हैं। वे ट्रम्प का खुलकर विरोध करते हैं। लेनन ने टाइम को बताया कि वे पिछले 24 घंटों में न्यूयॉर्क के गर्वनर फ्रेंच कुओमो, इलिनॉय के गवर्नर जे बी प्रिट्जकर और एरिजोना के गर्वनर डग ड्यूसी से संपर्क कर चुके हैं। वर्तमान संकट में गवर्नरों की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि ट्रम्प राष्ट्रीय स्तर पर तालमेल बनाने की बजाय हमेशा अपने कामकाज को लेकर बयान देते रहते हैं। दूसरों को दोषी ठहराते हैं।

विशेषज्ञों ने वायरस के गंभीर नतीजों की चेतावनी दी थी

नैनन ने जुलाई में एनजीए चेयरमैन का पद संभाला था। फरवरी की शुरुआत में जब वाशिंगटन में गर्वनरों का सम्मेलन हुआ, तब भी ट्रम्प कोरोनावायरस को हल्के ढंग से ले रहे थे। वे कहते थे, यह स्व चला जाएगा। लेनन ने गवर्नरों को वायरस के संबंध में जानकारी देने के लिए विशेषज्ञों की बैठक बुलाई थी। उनमें राष्ट्रीय सब संक्रामक बीमारी संस्थान के निदेशक डॉ। एंथोनी फोसी और बीमारी नियंत्रण, हस्तक्षेप केंद्र के प्रमुख डॉ। रॉबर्ट रेडफील्ड भी शामिल थे। उस समय विशेषज्ञों ने वायरस के गंभीर नतीजों की चेतावनी दी थी।

पागलन ने अपने राज्य में सबसे पहले इमरजेंसी घोषित की
पागलन अपने राज्य में सबसे पहले इमरजेंसी घोषित करने वाले गवर्नरों में एक हैं। उन्होंने सबसे पहले स्कूल बंद करने के आदेश दिए थे। केंद्र सरकार से टेस्ट किट का इंतजाम ना होने पर ज्ञानन ने दक्षिण कोरिया की कंपनी से सीधे पांच लाख जांच किट मंगवाए थे। केन्या की पत्नी दक्षिण कोरियाई हैं। इससे ट्रम्प गुस्सा हो गए थे। लेनन हर दिन गवर्नरों से टेलीकांफ्रेंसिंग के माध्यम से बात करते हैं। महामारी फैलने के बाद 44 गवर्नर उनसे चर्चा कर चुके हैं।

कई गवर्नर बोले: ट्रम्प की दिलचस्पी मदद में नहीं बल्कि उन्हें ठहराने में ज्यादा है
राष्ट्रपति ने 29 मार्च को एबॉट बिलोरेटरी के रेपिड टेस्टिंग डिवाइस की प्रशंसा की थी। पांच मिनट में जांच का नतीजा आने का दावा किया गया था। लेकिन, मौलिकता कुछ अलग है। कई राज्यों के गवर्नरों को इनसे शिकायत है। एक गवर्नर का कहना है कि उन्हें मालूम नहीं है कि वाशिंगटन में व्हसे टेस्ट के लिए संपर्क किया जाए। कुछ गवर्नरों का कहना है कि ट्रम्प प्रशासन की इच्छा उनकी मदद में नहीं बल्कि राज्यों को दोषी ठहराने में अधिक है।

(समय और समय लोगो regord और हैं। इनका इस्तेमाल अनुबंध के तहत किया गया है)





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