अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Updated Mon, 11 मई 2020 04:31 PM IST

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हिमाचल प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में अब जिले के भीतर आवाजाही के लिए कर्फ्यू पास अनिवार्य नहीं है। हालांकि एक से दूसरे जिले में जाने के लिए कर्फ्यू पास अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार को जिलों के एसडी और एसपी के साथ हुई बैठक में यह फैसला लिया ।सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि अब जिले के भीतर बिना कर्फ्यू पास आवाजाही की अनुमति होगी, जबकि एक से दूसरे जिले में जाने के लिए पास बनाना अनिवार्य है। होगा। बिना किसी एक के दूसरे जिले में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में पहले जारी हुए आदेश ही मान्य होंगे। इस क्षेत्र को नए नियमों से बाहर रखा गया है।

सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य के 68 हजार लोगों ने प्रदेश में प्रवेश के लिए ई-पास के लिए आवेदन किया है। उन्होंने कहा कि इनमें से बड़ी संख्या में लोग रेड जोन से आ रहे हैं, इसलिए संस्थागत क्वारंटीन सुविधा की आवश्यकता होगी। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिया कि वे ऐसे स्थानों की पहचान करें जहां सुविधाओं के साथ ऐसे लोगों को रखा जा सके। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों की स्वच्छता को सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि बंगलूरू से विशेष ट्रेन 13 मई को सुबह छह बजे उड़ीसा पहुंचेगी और थिविम, मड़गांव और करमाली (जाने) से एक और विशेष ट्रेन 15 मई, 2020 को ऊना पहुंचेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि वे पूरी व्यवस्था करें। सीएम ने कहा कि इन लोगों की सुविधा के लिए भोजन के पैकेट, पानी आदि की व्यवस्था भी की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेड जोन से आ रही सर्दी, खांसी जुकाम के लक्षणों वाले हिमाचलियों को संस्थागत क्वारंटीन रखे गए हैं। राज्य में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पूरी तरह से चिकित्सीय जांच की जानी चाहिए और उसके बाद ही यह तय किया जाना चाहिए कि उसे संस्थागत क्वारंटीन में रखना है या होम क्वारंटीन में।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्होंने उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से भी बातचीत की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों पर सभी फंसेचलियों को देहरादून तक लाने के लिए प्रतिद्वंद्वी हो गए हैं और वहां से उन्हें उनके मूल स्थान पर लाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी।

सीएम ने राज्य में आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि होम क्वारंटीन को और अधिक कठोर बनाने के लिए एक सिस्टम विकसित करने के लिए भी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि उपायुक्तों को ऐसे घरों पर नजर रखने के लिए पंचायती राज संस्थानों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के संगठनों को शामिल करना चाहिए, ताकि होम क्वारंटीन में बने लोग घर से बाहर न निकलें।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में अब जिले के भीतर आवाजाही के लिए कर्फ्यू पास अनिवार्य नहीं है। हालांकि एक से दूसरे जिले में जाने के लिए कर्फ्यू पास अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार को जिलों के एसडी और एसपी के साथ हुई बैठक में यह फैसला लिया ।सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि अब जिले के भीतर बिना कर्फ्यू पास आवाजाही की अनुमति होगी, जबकि एक से दूसरे जिले में जाने के लिए पास बनाना अनिवार्य है। होगा। बिना किसी एक के दूसरे जिले में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में पहले जारी हुए आदेश ही मान्य होंगे। इस क्षेत्र को नए नियमों से बाहर रखा गया है।

सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य के 68 हजार लोगों ने प्रदेश में प्रवेश के लिए ई-पास के लिए आवेदन किया है। उन्होंने कहा कि इनमें से बड़ी संख्या में लोग रेड जोन से आ रहे हैं, इसलिए संस्थागत क्वारंटीन सुविधा की आवश्यकता होगी। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिया कि वे ऐसे स्थानों की पहचान करें जहां सुविधाओं के साथ ऐसे लोगों को रखा जा सके। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों की स्वच्छता को सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि बंगलूरू से विशेष ट्रेन 13 मई को सुबह छह बजे उड़ीसा पहुंचेगी और थिविम, मड़गांव और करमाली (जाने) से एक और विशेष ट्रेन 15 मई, 2020 को ऊना पहुंचेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि वे पूरी व्यवस्था करें। सीएम ने कहा कि इन लोगों की सुविधा के लिए भोजन के पैकेट, पानी आदि की व्यवस्था भी की जानी चाहिए।





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