हांगकांग में विरोध प्रदर्शन
– फोटो: सोशल मीडिया

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हांगकांग में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में संलिप्त 200 से अधिक लोगों को रविवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि 12 से 65 वर्ष के 230 लोगों को गैरकानूनी तरीके से एकत्रित होने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले सामान हाथों में रहने और पहचान पत्र नहीं दिखाने जैसा जैसे कई आरोपों के आधार पर पकड़ा गया है।

पुलिस ने एक बयान में कहा कि 19 लोगों को रोग नियंत्रण और रोकथाम अधिनियम का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। बताया गया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को घेर लिया था जिसके बाद भीड़ को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने काली मिर्च पाउडर की गोलियां चलाई।

पुलिस ने सरकार के रोग नियंत्रण और रोकथाम उपायों का उल्लंघन करने वाले सुनियोजित तरीके से समूह में इकट्ठा होने की निंदा की है। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और होंडा के मेंगकॉक जिले की ओर जाने वाले मार्ग में अवरोधक लगाकर कुछ सड़कों पर आगजनी भी की थी। प्रदर्शनकारी इस अर्ध स्वायत्त चीनी क्षेत्र में लोकतंत्र की स्थापना और प्रदर्शनों को दबाने के लिए पुलिस की कथित बर्बरता की जांच की मांग कर रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले साल भी यहां बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे।

हांगकांग में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में संलिप्त 200 से अधिक लोगों को रविवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि 12 से 65 वर्ष के 230 लोगों को गैरकानूनी तरीके से एकत्रित होने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले सामान हाथों में रहने और पहचान पत्र नहीं दिखाने जैसा जैसे कई आरोपों के आधार पर पकड़ा गया है।

पुलिस ने एक बयान में कहा कि 19 लोगों को रोग नियंत्रण और रोकथाम अधिनियम का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। बताया गया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को घेर लिया था जिसके बाद भीड़ को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने काली मिर्च पाउडर की गोलियां चलाई।

पुलिस ने सरकार के रोग नियंत्रण और रोकथाम उपायों का उल्लंघन करने वाले सुनियोजित तरीके से समूह में इकट्ठा होने की निंदा की है। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और होंडा के मेंगकॉक जिले की ओर जाने वाले मार्ग में अवरोधक लगाकर कुछ सड़कों पर आगजनी भी की थी। प्रदर्शनकारी इस अर्ध स्वायत्त चीनी क्षेत्र में लोकतंत्र की स्थापना और प्रदर्शनों को दबाने के लिए पुलिस की कथित बर्बरता की जांच की मांग कर रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले साल भी यहां बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे।





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