सौरव गांगुली के मुरीद हैं गौतम गंभीर

गौतम गंभीर (गौतम गंभीर) ने कहा कि मौजूदा संकट में बीसीसीआई को एक नेता की भूमिका निभानी चाहिए

नई दिल्ली। कोरोनावायरस की वजह से क्रिकेट पूरी तरह ठप है लेकिन बीसीसीआई (बीसीसीआई) सहित दुनिया के सभी बोर्ड अब खेल को फिर से शुरू करने की रणनीति बनाने में जुट गए हैं। इस बीच खबरें हैं कि सौरव गांगुली (सौरव गांगुली) की अगुवाई में चल रही बीसीसीआई ने कोरोनावायरस के खतरे के बीच ऑस्ट्रेलिया दौरे करने का मन बना लिया है। बीसीसीआई के इस रवैये ने पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर (गौतम गंभीर) को काफी प्रभावित किया है। गौतम गंभीर का मानना ​​है कि मौजूदा संकट के दौर में भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) को अगुआ की भूमिका निभानी चाहिए और अगर इस साल के आखिरी में राष्ट्रीय टीम ऑस्ट्रेलिया का दौरा करती है तो इससे उनके मन में बोर्ड को लेकर सम्मान और बढ़ेगा।

बीसीसीआई के मुरीद हुआ गौतम गंभीर

गंभीर (गौतम गंभीर) बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल के बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया पहुंचने के बाद क्वारेंटीन पर हो सकती है। दो सप्ताह के पृथकवास की जरूरत हालांकि तभी होगी जब द्विपक्षीय श्रृंखला से पहले खेले जाने वाले टी 20 विश्व कप का आयोजन नहीं होगा। गंभीर ने स्टार स्पोर्ट्स के कार्यक्रम कनेक्ट क्रिकेट कनेक्टेड ’में कहा, आई बीसीसीआई की ओर से यह एक बहुत ही सकारात्मक संकेत है, क्योंकि मुझे लगता है कि वे एक बड़ी तस्वीर देख रहे हैं। इससे पूरे देश का मूड बदल सकता है। ‘ उन्होंने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया में श्रृंखला जीतना जरूरी है लेकिन यह सिर्फ श्रृंखला जीतने के बारे में नहीं है। इससे भरत ही नहीं ऑस्ट्रेलिया में भी संवेदनशील माहौल बना। ‘

बता दें कि भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर चार टेस्ट मैच खेलने हैं। अगर यह दौरा नहीं हुआ तो क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को 300 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 14.74 अरब रुपये) का नुकसान होगा। गंभीर ने कहा, ‘अगर भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया तो मेरे दिमाग में बीसीसीआई के लिए सम्मान और बढ़ेगा।’गंभीर ने आईसीसी रैंकिंग पर सवाल उठाया

भारत के लिए 58 टेस्ट और 147 एकदिवसीय खेलने वाले 38 साल के गौतम गंभीर (गौतम गंभीर) ने इस मौके पर आईसीसी (आंतरिक क्रिकेट परिषद) की हाल ही में जारी टेस्ट रैंकिंग पर सवाल उठाया। इस रैंकिंग में भारत को हटाकर ऑस्ट्रेलिया पहले स्थान पर आ गया। उन्होंने कहा, ‘नहीं, मैं आश्चर्यचकित नहीं हूं, क्योंकि मुझे इन सभी रैंकिंग और अंक प्रणाली में विश्वास नहीं है। विश्व टेस्ट काउंसिलिंग में शायद सबसे खराब अंक प्रणाली है। आप घरेलू मैदान पर मैच जीत या विदेशी सरजमीं पर आपको बराबर अंक मिलते हैं। इट्रेन है। ‘

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प्रथम प्रकाशित: 11 मई, 2020, 6:13 PM IST


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