• नेतन्याहू इजराइल के पहले ऐसे प्रधानमंत्री होंगे, जो भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच सरकार बनाने में कामयाब रहे
  • नेतन्याहू और पूर्व सेना प्रमुख बेनी गांत्ज की सत्ता में साझेदारी की योजना पर रोक से भी कोर्ट का इनकार

दैनिक भास्कर

07 मई, 2020, 09:37 पूर्वाह्न IST

तेल अवीव। इजराइल के सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री बेंजामीन नेतन्याहू को अयोग्य घोषित करने की मांग वाली याचिका खारिज करके उन्हें सरकार बनाने की इजाजत दे दी है। इस याचिका में नेतन्याहू पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। नेतन्याहू लगातार चौथे बार प्रधानमंत्री बनेंगे। इससे पहले जून 1996 में वे एक बार और प्रधानमंत्री बन चुके हैं। इस बार उनके सत्ता संभालने के विपक्षी दलों के लगातार विरोध कर रहे थे।

चुनाव में जीत नहीं मिली
मार्च में हुए संसदीय चुनाव में नेतन्याहू तीन सीटों पर बहुमत हासिल करने से चूक गए थे। दूसरी तरफ देश की दो प्रमुख पार्टियों को गठबंधन सरकार बनाने के लिए पर्याप्त वोट नहीं मिले थे। नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को 36 सीटें और उसकी (लिकुड पार्टी) अगुआई वाले रिवर्स विंग को 58 सीटें मिलीं। पूर्व सेना प्रमुख बेनी गांत्ज की ब्लू और व्हाइट पार्टी को 33 सीटें और उसकी (ब्लू एंड व्हाइट) अगुआई वाले वामपंथी गुट को 55 सीटें मिली थीं। 120 सीट वाली इजराइल की संसद में बहुमत के लिए 61 सीटों की जरूरत होती है। इसके बाद भी दोनों गठबंधन सरकार बनाने के प्रयास में जुटे थे।
भ्रष्टाचार के आरोपों में फंसे हैं शैतान्याहू
70 साल के नेतन्याहू इजराइल के सबसे लंबे समय तक रहने वाले प्रधानमंत्री हैं। वे चार कार्यकाल में 14 वर्ष प्रधान रहे हैं। उनके खिलाफ 17 मार्च से भ्रष्टाचार का मुकदमा शुरू हो रहा है। उन पर धोखाधड़ी, रिश्वत लेने और विश्वासघात के आरोप हैं। अगर वे सरकार बनाते हैं तो इजराइल के इतिहास में वे पहले ऐसे प्रधानमंत्री होंगे, जो भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच सरकार बनाने में कामयाब रहे। वहीं, 60 साल के गांठज ने अपना राजनितिक करियर दिसंबर 2018 में शुरू किया था। इससे पहले वे 2011-15 के बीच इजराइल की मिलिट्री के चीफ रहे थे।





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