मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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कोरोना वारियर्स को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्यकर्मियों के साथ ही सफाईकर्मियों, सुरक्षाकर्मियों और प्रत्येक कोरोना वैटर की सुरक्षा के लिए मजबूत कानून बनाया गया है। सीएम योगी की अगुवाई में उत्तर प्रदेश लोक स्वास्थ्य और महामारी रोग नियंत्रण अध्यादेश 2020 कैलकुलेटर से पास हो गया है। इसमें ये भी प्रावधान है कि अगर कोरोना मरीज ने खुद को छिपाया तो एक से तीन साल तक की सजा होगी।

क्या-क्या है इस अध्यादेश में पढ़ें

  • नए कानून के तहत स्वास्थ्य कर्मियों, सभी पैरा मेडिकल कर्मियों, पुलिसकर्मियों, व स्वच्छता कर्मियों के साथ ही शासन की ओर से तैनात किसी भी कोरोना वैटर से की गई अभद्रता या हमले पर छह महीने से लेकर सात साल तक की सजा का प्रावधान, पचास हजार। से पाच लाख तक का प्याज भी देना होगा।
  • चिकित्सकों, सफाईकर्मियों, पुलिसकर्मियों और किसी भी कोरोना वारियर्स पर थूकने या गंदगी फेंकने पर व आइसोलेशन तोड़ने पर भी इस कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होगी। कोरोना वॉरियर्स के ख़िलाफ़ समूह को उकसाने या भड़काने पर भी नए क़ानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी। दो साल से पांच साल तक की सजा का प्रावधान, पचास हजार से 2 लाख तक का जुर्माना देना होगा।
  • नए अध्यायदेश के अनुसार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक राज्य महामारी नियंत्रण प्राधिकरण बनेगा, जिसमें मुख्य सचिव सहित सात अन्य अधिकारी सदस्य होंगे। दूसरा तीन सदस्यीय जिला महामारी नियंत्रण प्राधिकरण होगा। जिसके अध्यक्ष डी.एम.
  • राज्य प्राधिकरण महामारी के हस्तक्षेप नियंत्रण से संबंधित मामलों में सरकार को परामर्श देगा, जबकि जिला प्राधिकरण जिले में विभिन्न विभागों के क्रियाकलापों के साथ समन्वय करेगा। कोरोना महामारी को देखते हुए क्वारंटीन का उल्लंघन करने पर एक से तीन साल की सजा और जुर्माना दस हजार से एक लाख तक का होता है।
  • अस्पताल से उड़ान भरने वालों के खिलाफ एक साल से तीन साल की सजा और जुर्माना दस हजार एक लाख तक होगा। अश्लील और अभद्र आचरण करने पर एक से तीन साल की सजा और पचास पचास हजार से एक लाख तक का होगा। लॉकडाउन तोड़ने, इस बीमारी को फैलाने वालों के लिए भी कठोर दंड का प्रावधान है।
  • अध्यादेश के मुताबिक अगर कोई कोरोना मरीज खुद को छिपाएगा तो उसे एक साल से लेकर तीन साल की सजा हो सकती है और 50 हाजर से एक लाख तक का दर्द हो सकता है।
  • अगर कोरोना रोगी मूल्यों को सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से यात्रा करता है तो उसके लिए एक साल से तीन साल तक की सजा और 50 हजार से 2 लाख तक का दर्द हो सकता है।
कोरोना वारियर्स को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्यकर्मियों के साथ ही सफाईकर्मियों, सुरक्षाकर्मियों और प्रत्येक कोरोना वैटर की सुरक्षा के लिए मजबूत कानून बनाया गया है। सीएम योगी की अगुवाई में उत्तर प्रदेश लोक स्वास्थ्य और महामारी रोग नियंत्रण अध्यादेश 2020 कैलकुलेटर से पास हो गया है। इसमें ये भी प्रावधान है कि अगर कोरोना मरीज ने खुद को छिपाया तो एक से तीन साल तक की सजा होगी।

क्या-क्या है इस अध्यादेश में पढ़ें

  • नए कानून के तहत स्वास्थ्य कर्मियों, सभी पैरा मेडिकल कर्मियों, पुलिसकर्मियों, व स्वच्छता कर्मियों के साथ ही शासन की ओर से तैनात किसी भी कोरोना वैटर से की गई अभद्रता या हमले पर छह महीने से लेकर सात साल तक की सजा का प्रावधान, पचास हजार। से पाच लाख तक का प्याज भी देना होगा।
  • चिकित्सकों, सफाईकर्मियों, पुलिसकर्मियों और किसी भी कोरोना वारियर्स पर थूकने या गंदगी फेंकने पर व आइसोलेशन तोड़ने पर भी इस कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होगी। कोरोना वॉरियर्स के ख़िलाफ़ समूह को उकसाने या भड़काने पर भी नए क़ानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी। दो साल से पांच साल तक की सजा का प्रावधान, पचास हजार से 2 लाख तक का जुर्माना देना होगा।
  • नए अध्यायदेश के अनुसार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक राज्य महामारी नियंत्रण प्राधिकरण बनेगा, जिसमें मुख्य सचिव सहित सात अन्य अधिकारी सदस्य होंगे। दूसरा तीन सदस्यीय जिला महामारी नियंत्रण प्राधिकरण होगा। जिसके अध्यक्ष डी.एम.





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