• डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकार में यह दूसरा मौका है जब व्हाइट हाउस और पेंटागन में तनाव हुआ
  • प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई से दुखी रक्षा विभाग के सलाहकार जेम्‍स जूनियर मिलर ने इस्‍तीफा दिया

दैनिक भास्कर

Jun 07, 2020, 02:38 PM IST

वॉशिंगटन. अमेरिका में अश्वेत जॉर्ज फ्लायड की मौत के बाद शुरू हुआ प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। ट्रम्प ने प्रदर्शनकारियों पर सैन्य कार्रवाई की धमकी दी थी, इसके बाद व्हाइट हाउस और रक्षा विभाग पेंटागन के बीच तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। ट्रम्प के इस बयान के खिलाफ खिलाफ अमेरिकी रक्षा विभाग के सलाहकार जेम्‍स जूनियर मिलर ने इस्‍तीफा दे दिया। रक्षा मंत्री मार्क एस्पर भी ट्रम्प के विरोध में खड़े हो गए हैं।

व्‍हाइट हाउस और पेंटागन के बीच यह संघर्ष सामान्‍य नहीं है। ट्रम्प के कार्यकाल में यह दूसरा मौका है, जब पेंटागन और व्‍हाइट हाउस के बीच तनाव पैदा हुआ है। इससे पहले 2018 में रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने ट्रम्प से असहमत होकर इस्तीफा दे दिया था। हाल ही में व्हाइट हाउस के बाहर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे लोगों पर रबर की गोलियां और आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे। कार्रवाई का मकसद व्हाइट हाउस के सामने से प्रदर्शनकारियों को हटाना था ताकि ट्रम्प चर्च जाकर फोटो खिंचा सकें। इससे से दुखी जेम्‍स जूनियर मिलर ने इस्‍तीफा दे दिया था। उन्‍होंने इस्तीफा देते हुए लिखे एक लेटर में राष्‍ट्रपति ट्रम्प और रक्षा मंत्री मार्क एस्‍पर का भी विरोध किया था। इसके बाद से पेंटागन और व्‍हाइट हाउस के बीच मतभेद और गहरा गया है।

रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ट्रम्प के विरोध में 
इस घटना के बाद अमेरिका के रक्षा मंत्री मार्क एस्पर भी ट्रम्प के विरोध में आ गए। उन्होंने पेंटागन में पत्रकार वार्ता के दौरान ट्रम्प की ओर से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ विद्रोही कानून लागू करने पर असहमति जताई। इस कानून के लागू होने पर ट्रम्प प्रदर्शन को कुचलने के लिए सेना का इस्तेमाल कर पाते। 

सेना के ट्रम्प का राजनीतिक हथियार बनने का खतरा 
ट्रम्प के अपने ही नागरिकों के खिलाफ सेना के इस्तेमाल की धमकी पर बहस छिड़ गई है। लोगों में राष्ट्रपति के इस नजरिए पर नराजगी और बेचैनी है। आलोचकों का कहना है कि सेना को मजबूत बनाने में देश वाशियों का बड़ा योगदान है। लोगों की सेना के प्रति आस्था है, इसलिए सेना का राजनीतिक इस्तेमाल करना बहुत चिंता की बात है। 
वहीं, मीलिट्री लीडर्स का मानना है कि सैनिकों को केवल सबसे बुरी स्थितियों में कानून लागू करने के लिए इस्तेमाल में लाया जाना चाहिए। हाल ही में रिटायर हुए फोर स्टार जनरल विनसेंट के ब्रूक्स कहते हैं कि ट्रम्प की धमकी से लोगों का सेना पर विश्वास खत्म होगा। 

पहले भी रक्षा मंत्री ट्रम्प से असहमत होकर इस्तीफा दे चुके हैं
ट्रम्प प्रशासन में पहले रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने दिसंबर 2018 में ट्रम्प से असहमति जताते हुए इस्तीफा दे दिया है। वह सीरिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती घटाए जाने से नाराज थे। उन्होंने ट्रम्प को लिखे पत्र में कहा था, “क्योंकि आपको (ट्रम्प) अपने विचारों से मेल खाने वाले किसी व्यक्ति को रक्षा मंत्री रखने का अधिकार है। इसलिए मुझे यह पद छोड़ देना चाहिए।”

.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *