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यूरोपीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने पृथ्वी से 1000 प्रकाश वर्ष दूर एक नए ब्लैकहोल की खोज की है। यह अब तक का ज्ञात पृथ्वी से सबसे अधिक ब्लैकहोल है। इसके इर्द-गिर्द दो तारों को झिलमिलाते देखा जा सकता है। खगोलविदों की भाषा में बात करें तो यह बुटीक में हमारा पड़ोसी है।

यूरोपीय खगोलशास्त्री थॉमस रिविनस ने बताया कि इससे पहले पृथ्वी का सबसे लगभग ब्लैकहोल 3200 प्रकाश वर्ष की दूरी पर था। नई ब्लैक होल दक्षिणी गोलार्ध में टेलीस्कोपियम तारामंडल का हिस्सा है। वैज्ञानिकों ने जर्नल एस्ट्रोनॉमी और एस्ट्रोफिजिक्स में छपे अध्ययन में बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि इसके आसपास और भी ब्लैकहोल मिल सकते हैं। यह नया ब्लैकहोल का व्यास 25 मील (लगभग 40 किलोमीटर) हो सकता है।

यूरोपीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने पृथ्वी से 1000 प्रकाश वर्ष दूर एक नए ब्लैकहोल की खोज की है। यह अब तक का ज्ञात पृथ्वी से सबसे अधिक ब्लैकहोल है। इसके इर्द-गिर्द दो तारों को झिलमिलाते देखा जा सकता है। खगोलविदों की भाषा में बात करें तो यह बुटीक में हमारा पड़ोसी है।

यूरोपीय खगोलशास्त्री थॉमस रिविनस ने बताया कि इससे पहले पृथ्वी का सबसे लगभग ब्लैकहोल 3200 प्रकाश वर्ष की दूरी पर था। नई ब्लैक होल दक्षिणी गोलार्ध में टेलीस्कोपियम तारामंडल का हिस्सा है। वैज्ञानिकों ने जर्नल एस्ट्रोनॉमी और एस्ट्रोफिजिक्स में छपे अध्ययन में बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि इसके आसपास और भी ब्लैकहोल मिल सकते हैं। यह नया ब्लैकहोल का व्यास 25 मील (लगभग 40 किलोमीटर) हो सकता है।





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