दुनिया में कोरोनावायरस
– फोटो: पीटीआई

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कोरोना महामारी की वजह से पिछले कुछ महीनों से ठप्प पड़े कई मुल्क अब वापस से खुलने लगे हैं। दिसंबर में चीन के वुहान से फैले जानलेवा वायरस की वजह से जानने में 200 से अधिक देश प्रभावित हुए जिसके बाद कइयों ने सतर्कता बरतते हुए लॉकडाउन लगाने का फैसला किया।

हालांकि इससे कुछ अधिक लाभ नहीं दिखा और कोरोना से अनंत लोगों की संख्या में लगातार वृद्धि होती रही, जबकि लॉकडाउन की वजह से कई मुल्कों की अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर हुआ। ऐसे में अब कई देशों ने अपने यहाँ से या तो लॉकडाउन को हटाने का फैसला किया है या कइयों ने इसमें ढील देने की तैयारी ली है।

लेकिन विश्व के एक शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी ने सोमवार को चेतावनी दी कि अगर कोरोनाटेन्स के संपर्क में आए लोगों की जांच कराई बगैर लॉकडाउन खोला गया तो ये बहुत खतरनाक होगा और कोरोना को रोकना मुश्किल होगा।

फ्रांस और बेल्जियम द्वारा लॉकडाउन खोलने, नीदरलैंड द्वारा बच्चों को स्कूल भेजने और कई अमेरिकी राज्यों द्वारा व्यापारिक प्रतिबंध हटाकर आगे बढ़ने के फैसले के बाद यह चेतावनी जारी की गई है। अधिकारियों ने आगाह किया है कि बिना व्यापक परीक्षण और ईमानदार लोगों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाया बगैर संक्रमण फिर से तेजी से फैल सकता है।

जर्मनी, दक्षिण कोरिया और चीन के वुहान में इसका परिणाम भी देखने को मिला जब यहां लॉकडाउन खुलने के बाद फिर से ट्रांसफर के मामले सामने आने शुरू हो गए हैं। लॉकडाउन खोलने को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) भी लगातार चेतावनी जारी कर रहा है और वायरस के प्रभाव को लेकर भी जोरदार कर रहा है।

वर्तमान में कोरोना से रहने में 42 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं और दो लाख से अधिक मौतें हुई हैं। इसमें अमेरिका में केवल 80 हजार से अधिक लोगों की जान गई है।

कोरोना महामारी की वजह से पिछले कुछ महीनों से ठप्प पड़े कई मुल्क अब वापस से खुलने लगे हैं। दिसंबर में चीन के वुहान से फैले जानलेवा वायरस की वजह से जानने में 200 से अधिक देश प्रभावित हुए जिसके बाद कइयों ने सतर्कता बरतते हुए लॉकडाउन लगाने का फैसला किया।

हालांकि इससे कुछ अधिक लाभ नहीं दिखा और कोरोना से अनंत लोगों की संख्या में लगातार वृद्धि होती रही, जबकि लॉकडाउन की वजह से कई मुल्कों की अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर हुआ। ऐसे में अब कई देशों ने अपने यहाँ से या तो लॉकडाउन को हटाने का फैसला किया है या कइयों ने इसमें ढील देने की तैयारी ली है।

लेकिन विश्व के एक शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी ने सोमवार को चेतावनी दी कि अगर कोरोनाटेन्स के संपर्क में आए लोगों की जांच कराई बगैर लॉकडाउन खोला गया तो ये बहुत खतरनाक होगा और कोरोना को रोकना मुश्किल होगा।

फ्रांस और बेल्जियम द्वारा लॉकडाउन खोलने, नीदरलैंड द्वारा बच्चों को स्कूल भेजने और कई अमेरिकी राज्यों द्वारा व्यापारिक प्रतिबंध हटाकर आगे बढ़ने के फैसले के बाद यह चेतावनी जारी की गई है। अधिकारियों ने आगाह किया है कि बिना व्यापक परीक्षण और ईमानदार लोगों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाया बगैर संक्रमण फिर से तेजी से फैल सकता है।

जर्मनी, दक्षिण कोरिया और चीन के वुहान में इसका परिणाम भी देखने को मिला जब यहां लॉकडाउन खुलने के बाद फिर से ट्रांसफर के मामले सामने आने शुरू हो गए हैं। लॉकडाउन खोलने को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) भी लगातार चेतावनी जारी कर रहा है और वायरस के प्रभाव को लेकर भी जोरदार कर रहा है।

वर्तमान में कोरोना से रहने में 42 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं और दो लाख से अधिक मौतें हुई हैं। इसमें अमेरिका में केवल 80 हजार से अधिक लोगों की जान गई है।





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