न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 11 मई 2020 01:53 PM IST

राहुल गांधी (फाइल फोटो)
– फोटो: सोशल मीडिया

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देश में फैली कोरोनावायरस महामारी की वजह से लगभग डेढ महीने से उद्योग-धंधे ठप होते हैं। अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कई राज्यों में श्रम कानूनों में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को उनपर निशाना साधा है। उनका कहना है कि ये श्रमिकों के शोषण और उनकी आवाज दबाने का बहाना नहीं हो सकता।

राहुल ने ट्वीट कर कहा, ‘कई राज्यों द्वारा श्रमकानियां में संशोधन किया जा रहा है। हम कोरोना के खिलाफ मिलकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन यह मानवाधिकारों को रौंदने, पूर्व कार्यस्थलों की अनुमति, श्रमिकों के शोषण और उनकी आवाज दबाने का बहाना नहीं हो सकता। ये मूलभूत सिद्धांत ‘कोई समझौता नहीं हो सकता।’

दरअसल, कई राज्यों ने अपने यहां श्रमिकों के लिए कामकाज के घंटे को आठ घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दिया है। कांग्रेस के नेता पिछले कई दिनों से श्रम कानूनों में बदलाव का विरोध कर रहे हैं।

देश में फैली कोरोनावायरस महामारी की वजह से लगभग डेढ महीने से उद्योग-धंधे ठप होते हैं। अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कई राज्यों में श्रम कानूनों में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को उनपर निशाना साधा है। उनका कहना है कि ये श्रमिकों के शोषण और उनकी आवाज दबाने का बहाना नहीं हो सकता।

राहुल ने ट्वीट कर कहा, ‘कई राज्यों द्वारा श्रमकानियां में संशोधन किया जा रहा है। हम कोरोना के खिलाफ मिलकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन यह मानवाधिकारों को रौंदने, पूर्व कार्यस्थलों की अनुमति, श्रमिकों के शोषण और उनकी आवाज दबाने का बहाना नहीं हो सकता। ये मूलभूत सिद्धांत ‘कोई समझौता नहीं हो सकता।’

दरअसल, कई राज्यों ने अपने यहां श्रमिकों के लिए कामकाज के घंटे को आठ घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दिया है। कांग्रेस के नेता पिछले कई दिनों से श्रम कानूनों में बदलाव का विरोध कर रहे हैं।





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