ख़बर सुनता है

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में विकास, वैश्विक प्रगति में भारत की भूमिका, सहयोग आदि पर प्रमुखता से बात की। जिस मुद्दे को लेकर सार्वजनिक टीवी, मोबाइल पर प्रधानमंत्री का इंतजार कर रहा था कि लॉकडाउन तीन आगे बढ़ेगा या नहीं … अगर बढ़ेगा तो क्या राहतें मिलेंगी … अगर नहीं बढ़ेगा तो कौन-कौन से प्रतिबंध लागू रहेगा … उन मुद्दों पर प्रधानमंत्री स्पष्ट रूप से तो कुछ नहीं बोले लेकिन ये इशारा जरूर कर दिए कि लॉकडाउन का चौथा चरण भी जनता को देखना होगा।

राज्यों को दिए जा रहे अधिकार ज्यादा हो सकते हैं

सोमवार को पीएम मोदी की सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से हुई बातचीत में कई राज्यों ने मांग की थी कि उन्हें अपने हिसाब से नियम तय करने की छूट मिलनी चाहिए। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सुझाव दिया था कि रेड जोन के अलावा बाकी जोन में लॉकडाउन में छूट देने या न देने का फैसला राज्य को करने देना चाहिए।

राज्यों के रुख से स्पष्ट है कि वह लॉकडाउन की बगडोर के लिए अपने हाथों में लेना चाहते हैं। वहीं, केंद्र भी आर्थिक गतिविधियों को धीरे-धीरे बढ़ावा देना चाहता है। ऐसा हो सकता है कि ग्रीन और ऑरेंज जोन में नियमों की कमान राज्य को सौंप दी जाए और रेड जोन के नियम केंद्र ही तय करे।

शुरुआत हो सकती है, सार्वजनिक परिवहन सेवा है

लॉकडाउन -4 में जो राहतें मिल सकती हैं उनमें यह भी शामिल है। सीमित संख्या ही सही लेकिन रेलवे सेवा को तीसरे चरण में ही शुरू कर दिया गया। ऐसे में माना जा रहा है कि इस क्षेत्र में भी सरकार नरमी दिखा सकती है। दूसरी और कई सरकारी और निजी कार्यालय खुलेंगे, तो वहाँ के कर्मियों के भाषण के लिए भी परिवहन सेवा को शुरू करना होगा।

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने लॉकडाउन -4 के लिए राज्य की जनता से सुझाव माँहे हैं। इसमें पूछा गया है कि क्या बस, मेट्रो, ऑटो जैसी सेवाओं को अभी शुरू किया जाना चाहिए या नहीं। माना जा रहा है कि दिल्ली मेट्रो को भी कुछ नियमों और सख्ती के साथ किया जा सकता है।

लाइनों को मिल सकते हैं ये दिशा-निर्देश हैं

लॉकडाउन के चौथे चरण में कई सरकारी और निजी कार्यालय खुलेंगे। ऐसे में समुद्र को निर्देश दिया जा सकता है कि जो घर से काम कर सकते हैं उन्हें कार्यालय आने को न कहा जाना चाहिए और उन्हें घर से ही काम करने की घोषणा करनी चाहिए। कम से कम लोगों को कार्यालय कॉलोनी। सोशल डिस्टेंसिंग (सामाजिक दूरी) का विशेष ध्यान रखें।

कार्यस्थल को सैनिटरीज़ रखें। फंदे पहनने वाले रहें और किसी से हाथ न मिले हों या गले न मिलें। तबीयत खराब लगी तो किसी भी स्थिति में कार्यालय न जाओ और चिकित्सक से संपर्क करें। पहहिया वाहन पर एक ही व्यक्ति बैठे और चार पहिया वाहन में एक ही व्यक्ति को बैठाएं।

और आर्थिक गतिविधियों को दी जा सकती है की अनुमति है

उद्योग संगठन लगातार मांग कर रहे हैं कि आर्थिक गतिविधियों में शुरू की जाए वहीं, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कही गई बात कि संकाय पहनेंगे, दो गज दूरी बना कर चलेंगे, लेकिन लक्ष्य नहीं खोलने देंगे … इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि 18 मई से कई और आर्थिक गतिविधियों को इजाजत दी जा सकती है।

सार

राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लॉकडाउन का चौथा चरण यानी लॉकडाउन -4 पूरी तरह से नए रंग रूप वाला होगा, नए नियमों वाला होगा। राज्यों से हमें जो सुझाव मिल रहे हैं, उनके आधार पर लॉकडाउन -4 से जुड़ी जानकारी भी आपको 18 मई से पहले दे दी जाएगी। प्रधानमंत्री की इस बात से इतना तो स्पष्ट हो गया है कि 17 मई के बाद और राहतें भी मिलने वाली हैं। हम यहाँ आपको बताने जा रहे हैं कि लॉकडूँ के चौथे चरण में क्या प्रतिबंध लागू रह सकते हैं, सरकार क्या राहत दे सकती है …

विस्तार

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में विकास, वैश्विक प्रगति में भारत की भूमिका, सहयोग आदि पर प्रमुखता से बात की। जिस मुद्दे को लेकर सार्वजनिक टीवी, मोबाइल पर प्रधानमंत्री का इंतजार कर रहा था कि लॉकडाउन तीन आगे बढ़ेगा या नहीं … अगर बढ़ेगा तो क्या राहतें मिलेंगी … अगर नहीं बढ़ेगा तो कौन-कौन से प्रतिबंध लागू रहेगा … उन मुद्दों पर प्रधानमंत्री स्पष्ट रूप से तो कुछ नहीं बोले लेकिन ये इशारा जरूर कर दिए कि लॉकडाउन का चौथा चरण भी जनता को देखना होगा।

राज्यों को दिए जा रहे अधिकार ज्यादा हो सकते हैं

सोमवार को पीएम मोदी की सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से हुई बातचीत में कई राज्यों ने मांग की थी कि उन्हें अपने हिसाब से नियम तय करने की छूट मिलनी चाहिए। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सुझाव दिया था कि रेड जोन के अलावा बाकी जोन में लॉकडाउन में छूट देने या न देने का फैसला राज्य को करने देना चाहिए।

राज्यों के रुख से स्पष्ट है कि वह लॉकडाउन की बगडोर के लिए अपने हाथों में लेना चाहते हैं। वहीं, केंद्र भी आर्थिक गतिविधियों को धीरे-धीरे बढ़ावा देना चाहता है। ऐसा हो सकता है कि ग्रीन और ऑरेंज जोन में नियमों की कमान राज्य को सौंप दी जाए और रेड जोन के नियम केंद्र ही तय करे।

शुरुआत हो सकती है, सार्वजनिक परिवहन सेवा है

लॉकडाउन -4 में जो राहतें मिल सकती हैं उनमें यह भी शामिल है। सीमित संख्या ही सही लेकिन रेलवे सेवा को तीसरे चरण में ही शुरू कर दिया गया। ऐसे में माना जा रहा है कि इस क्षेत्र में भी सरकार नरमी दिखा सकती है। दूसरी और कई सरकारी और निजी कार्यालय खुलेंगे, तो वहाँ के कर्मियों के भाषण के लिए भी परिवहन सेवा को शुरू करना होगा।

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने लॉकडाउन -4 के लिए राज्य की जनता से सुझाव माँहे हैं। इसमें पूछा गया है कि क्या बस, मेट्रो, ऑटो जैसी सेवाओं को अभी शुरू किया जाना चाहिए या नहीं। माना जा रहा है कि दिल्ली मेट्रो को भी कुछ नियमों और सख्ती के साथ किया जा सकता है।

लाइनों को मिल सकते हैं ये दिशा-निर्देश हैं

लॉकडाउन के चौथे चरण में कई सरकारी और निजी कार्यालय खुलेंगे। ऐसे में समुद्र को निर्देश दिया जा सकता है कि जो घर से काम कर सकते हैं उन्हें कार्यालय आने को न कहा जाना चाहिए और उन्हें घर से ही काम करने की घोषणा करनी चाहिए। कम से कम लोगों को कार्यालय कॉलोनी। सोशल डिस्टेंसिंग (सामाजिक दूरी) का विशेष ध्यान रखें।

कार्यस्थल को सैनिटरीज़ रखें। फंदे पहनने वाले रहें और किसी से हाथ न मिले हों या गले न मिलें। तबीयत खराब लगी तो किसी भी स्थिति में कार्यालय न जाओ और चिकित्सक से संपर्क करें। पहहिया वाहन पर एक ही व्यक्ति बैठे और चार पहिया वाहन में एक ही व्यक्ति को बैठाएं।

और आर्थिक गतिविधियों को दी जा सकती है की अनुमति है

उद्योग संगठन लगातार मांग कर रहे हैं कि आर्थिक आंदोलनोंवादियों की शुरुआत वहीं, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कही गई बात कि संकाय पहनेंगे, दो गज दूरी बना कर चलेंगे, लेकिन लक्ष्य नहीं खुलने देंगे … इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि 18 मई से कई और आर्थिक गतिविधियों को इजाजत दी जा सकती है।





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *