न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
अपडेटेड शुक्र, 08 मई 2020 02:27 PM IST

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
– फोटो: अमर उजाला

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार उत्तर प्रदेश के हर श्रमिक और कामगार को सुरक्षित उनके घर तक लाएगी। यह प्रक्रिया मार्च के अंतिम सप्ताह से ही जारी होती है। जरूरत के अनुसार हम इसके लिए ट्रेन और बसों की मदद ले रहे हैं।

अलग-प्रदेशों (महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, कर्नाटक, केरल और तेलंगाना आदि) से प्रदेश के श्रमिकों को लेकर गौण 79 गाड़ियों के रास्ते हैं: शनिवार तक ये अपने-अपने लक्ष्य तक पहुंच जाएंगे। 56 ट्रेनों से अब तक गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब, आंध्र प्रदेश और केरल आदि राज्यों से लगभग 70 हजार श्रमिकों की वापसी हो चुकी है।

ट्रेनों के अलावा उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की लगभग 10 हजार बसें भी आने वाले लोगों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंच रही हैं। शुक्रवार को हरियाणा से 30,000 श्रमिक अपने प्रदेश में पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अपील की है कि खुद के स्वास्थ्य और सुरक्षा के नाते कोई भी श्रमिक पैदल, साइकिल या दो पहिया से अपने घर के लिए न निकले। ये सारी व्यवस्था उसके लिए ही की गई है। धैर्य रखें सरकार उन तक जल्दी पहुंचेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले हर प्रवासी के स्वास्थ्य की जांच उस जिले के क्वारंटीन केंद्र पर अनिवार्य रूप से हो रही है। स्वस्थ लोगों को उनके घर इस हिदायत के साथ भेजा जा रहा है कि वह घर पर घर क्वारंटीन के मानकों का अनुपालन करेगा। संदिग्ध को पूरी जांच के लिए केंद्र में ही आइसोलेट किया जा रहा है। घर जाने वाले हर श्रमिक को अनिवार्य रूप से भरण-पोषण के लिए एक हजार रुपये और तय मात्रा में खाद्यान्न भी दिया जा रहा है।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे लॉक डाउन के दौरान भी औद्योगिक इकाई के मालिकों से कह कर श्रमिकों को वेतन या मानदेय दिलाना कराएंगे। अब लगभग 55 हजार इकाइयां श्रमिकों को वेतन और मानदेय के रूप में 633.44 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुके हैं। इस प्रक्रिया को संबंधित विभाग और तेज करते हुए हर अनंत श्रमिक को मानदेय या वेतन दिलाते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार उत्तर प्रदेश के हर श्रमिक और कामगार को सुरक्षित उनके घर तक लाएगी। यह प्रक्रिया मार्च के अंतिम सप्ताह से ही जारी होती है। जरूरत के अनुसार हम इसके लिए ट्रेन और बसों की मदद ले रहे हैं।

अलग-प्रदेशों (महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, कर्नाटक, केरल और तेलंगाना आदि) से प्रदेश के श्रमिकों को लेकर गौण 79 गाड़ियों के रास्ते हैं: शनिवार तक ये अपने-अपने लक्ष्य तक पहुंच जाएंगे। 56 ट्रेनों से अब तक गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब, आंध्र प्रदेश और केरल आदि राज्यों से लगभग 70 हजार श्रमिकों की वापसी हो चुकी है।

ट्रेनों के अलावा उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की लगभग 10 हजार बसें भी आने वाले लोगों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंच रही हैं। शुक्रवार को हरियाणा से 30,000 श्रमिक अपने प्रदेश में पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अपील की है कि खुद के स्वास्थ्य और सुरक्षा के नाते कोई भी श्रमिक पैदल, साइकिल या दो पहिया से अपने घर के लिए न निकले। ये सारी व्यवस्था उसके लिए ही की गई है। धैर्य रखें सरकार उन तक जल्दी पहुंचेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले हर प्रवासी के स्वास्थ्य की जांच उस जिले के क्वारंटीन केंद्र पर अनिवार्य रूप से हो रही है। स्वस्थ लोगों को उनके घर इस हिदायत के साथ भेजा जा रहा है कि वह घर पर घर क्वारंटीन के मानकों का अनुपालन करेगा। संदिग्ध को पूरी जांच के लिए केंद्र में ही आइसोलेट किया जा रहा है। घर जाने वाले हर श्रमिक को अनिवार्य रूप से भरण-पोषण के लिए एक हजार रुपये और तय मात्रा में खाद्यान्न भी दिया जा रहा है।


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लॉकडाउन में भी श्रमिकों को 633.44 करोड़ रुपये का मानदेय मिला





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