• सुरक्षा बलों में 80 लोग शामिल हैं, जिनमें कई महिलाएं शामिल हैं
  • 15 लोग हमले में घायल भी हुए, इनमें से भी महिलाएं और बच्चे थे

दैनिक भास्कर

13 मई, 2020, सुबह 02:27 बजे IST

काबुल। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में मंगलवार को आतंकवादियों ने एक मैटरनिटी अस्पताल पर हमला किया। इसमें 14 लोगों की मौत हो गई। 15 घायल हैं। मरने वालों में दो नवजात शामिल हैं।घटना के बाद सुरक्षा बलों ने अस्पताल को घेर लिया। लगभग 80 लोगों को बचाया गया है। कुछ खबरों में कहा गया है कि हमले में कुछ डॉक्टर और नर्स भी शामिल हैं। इधर, भारत ने महिलाओं, नवजातों सहित निर्दोष नागरिकों के खिलाफ बर्बर आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की है।

विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि नवजातों, उनकी मांओं और नर्सों पर किए गए इस हमले की जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है। यह मानवता के खिलाफ गंभीर अपराध है। हम इस हमले में जान गंवाने वालों के परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करते हैं और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करते हैं।
अस्पताल में अचानक आतंक का दौर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पश्चिमी काबुल के बारची अस्पताल में कुछ आतंकी घुसे और उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। यह अस्पताल पीड़ित यानी मैटरनिटी के अलावा बच्चों के इलाज के लिए जाना जाता है। सुरक्षा बल लगभग केवल मौजूद थे। उन्होंने फौरन अस्पताल की घेराबंदी की और लोगों को निकालना शुरू किया। इस ऑपरेशन में 80 लोगों की जान बचा ली गई।

काबुल के मैटरनिटी अस्पताल में हमले के बाद विशेष फोर्सेस का जवान नवजात को सुरक्षित निकालकर लाता है। इस हाडसे में एक दर्जन से ज्यादा लोगों की जान गई।

15 घण्टों में से कुछ की स्थिति गंभीर है
अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि 15 लोग घायल हैं। इनमें से ज्यादातर की हालत गंभीर है। इस अस्पताल में कुछ विदेशी लोग भी काम करते हैं। सभी सुरक्षित हैं। इसे अन्य देशों और चैरिटी ऑर्गनाइजेशन से मदद मिलती है। मंत्रालय ने हमले को मानवता के खिलाफ बताते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं होगी। कुछ खबरों में कहा गया है कि यह एक अजीब अटैक था।

पश्चिम काबुल में स्थित बारची राष्ट्रीय अस्पताल में मंगलवार को हुए हमले के बाद अफगान विशेष फोर्सेस के युवा परिसर के बाहर खड़े नजर आ रहे हैं। कई घंटे चली मुठभेड़ में दो नवजात समेत कई महिलाओं की मौत हुई।

किस पर?
न्यूज एजेंसी से बातचीत में एक डॉ ने बताया, “इस इलाके में ज्यादातर शिया मुस्लिम रहते हैं। मैंने एक जबरदस्त धमाके की आवाज सुनी। 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में सभी बेड फुल थे। एक अधिकारी के मुताबिक, अफगानिस्तान में इस तरह के हमले आईएसआईएस करता रहा है। इस हमले के लिए भी शायद यही आतंकी संगठन जिम्मेदार होगा। जाँच की जा रही है।





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