ख़बर सुनता है

केंद्र सरकार ने मंगलवार रात को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में भारी बढ़ोतरी की। पेट्रोल पर प्रति लीटर 10 रुपये और डीजल पर प्रति लीटर 13 रुपये उत्पाद शुल्क बढ़ाया गया, जो अब तक सबसे अधिक है। इसके साथ ही पंप पर मिलने वाले पेट्रोल-डीजल पर टैक्स से ऊपर 69 फीसदी हो गया है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है।

पिछले साल तक भारत में पेट्रोल-डीजल पर 50 प्रति तक टैक्स था। मंगलवार रात जारी अधिसूचना के मुताबिक, डीजल व पेट्रोल पर रोड व इंफ्रास्ट्रक्चर सेस रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इसके अलावा डीजल पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क पाँच रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल पर दो रुपये प्रति लीटर बढ़ाया गया है।

इससे पहले, दिल्ली सरकार ने भी डीजल पर 7.1 रुपये और पेट्रोल पर 1.6 रुपये वैट बढ़ा दिया था। अब दिल्ली में प्रति लीटर पेट्रोल 71.26 रुपये और डीजल 69.39 रुपये है। इस तरह पेट्रोल पर 49.23 रुपये और डीजल पर 48.09 रुपये टैक्स चुकाना पड़ा है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है।

दिल्ली सरकार के वैट और अब एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने से इसके खुदरा दामों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि तेल कंपनियों को विश्व बाजार से सस्ता तेल मिल है। भारतीय वास्तुकला के क्रूड का मूल्य लगभग 65 प्रति तक टूटा है। पिछले साल दिसंबर में यह 65.5 डॉलर प्रति औंस था, लेकिन सोमवार को इसकी कीमत 23.38 डॉलर प्रति दिन तक पहुंच गई थी। अप्रैल में यह 19.9 डॉलर प्रति घंटा था।

  • 18 18 गैसोलीन 71 रुपये में ऐसी समझ

देश की सबसे बड़ी कंपनी तेल मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल के मुताबिक, दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल का बेस क्वालिटी 17.96 रुपये है। इसमें 32 मुद्रा संचालन, 32.98 रुपये उत्पाद शुल्क, 3.56 पैसे डीलर की कमीशन और 16.44 रुपये राज्य सरकार का वैट शामिल है।

ये सब को जोड़ दें तो एक लीटर पेट्रोल का दाम 71.26 रुपये हो जाता है। इसमें केंद्र और राज्य सरकार के टैक्स का हिस्सा 49.42 रुपये है। इसी तरह, दिल्ली में एक लीटर डीजल का बेस नोट 18.49 रुपये है। इस पर प्रति लीटर परिचालन खर्च 29 पैसे, एक्साइज ड्यूटी 31.83 रुपये, वैट 16.26 रुपये और डीलर कमीशन 2.52 रुपये है। इस तरह इसकी कीमत 69.39 रुपये प्रति लीटर पड़ती है। आय 48.09 रुपये कर देना पड़ता है।

  • सबसे ज्यादा कर देश
  • जर्मनी- 63 प्रतिशत
  • फ्रांस -63 मे
  • इटली -64 प्रतिशत
  • ब्रिटेन- 62 प्रति
  • स्पेन- 53 फीसदी
  • जापान -47 प्रति
शिशु संकट से जूझ रही केंद्र सरकार को पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने से चालू वित्त वर्ष में 1.6 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है। इससे सरकार को कोरोना से हुए नुकसान की भरपाई करने में मदद मिलेगी।

औद्योगिक स्रोतों का कहना है कि वित्त वर्ष 2019-20 के बराबर उपभोग होने पर सरकार को 1.7 लाख करोड़ की आय होने की उम्मीद है, लेकिन लॉकडाउन के कारण ईंधन के उपयोग में कमी आई है। ऐसे में चालू वित्त वर्ष 2020-21 के बचे 11 महीने में इस वृद्धि से होने वाली अतिरिक्त आय 1.6 लाख करोड़ रुपये रह सकती है।

राहुल बोले … उठो ले सरकार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, कोरोना से लड़ाई करोड़ों लोगों के लिए गंभीर आर्थिक संकट का कारण बनी हुई है। इस बार सरकार का पेट्रोल व डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 और 13 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला गलत है। इसे तुरंत वापस ले जाना चाहिए।

केंद्र सरकार ने मंगलवार रात को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में भारी बढ़ोतरी की। पेट्रोल पर प्रति लीटर 10 रुपये और डीजल पर प्रति लीटर 13 रुपये उत्पाद शुल्क बढ़ाया गया, जो अब तक सबसे अधिक है। इसके साथ ही पंप पर मिलने वाले पेट्रोल-डीजल पर टैक्स से ऊपर 69 फीसदी हो गया है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है।

पिछले साल तक भारत में पेट्रोल-डीजल पर 50 प्रति तक टैक्स था। मंगलवार रात जारी अधिसूचना के मुताबिक, डीजल व पेट्रोल पर रोड व इंफ्रास्ट्रक्चर सेस रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इसके अलावा डीजल पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क पाँच रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल पर दो रुपये प्रति लीटर बढ़ाया गया है।

इससे पहले, दिल्ली सरकार ने भी डीजल पर 7.1 रुपये और पेट्रोल पर 1.6 रुपये वैट बढ़ा दिया था। अब दिल्ली में प्रति लीटर पेट्रोल 71.26 रुपये और डीजल 69.39 रुपये है। इस तरह पेट्रोल पर 49.23 रुपये और डीजल पर 48.09 रुपये टैक्स चुकाना पड़ा है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है।

दिल्ली सरकार के वैट और अब एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने से इसके खुदरा दामों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि तेल कंपनियों को विश्व बाजार से सस्ता तेल मिल है। भारतीय वास्तुकला के क्रूड का मूल्य लगभग 65 प्रति तक टूटा है। पिछले साल दिसंबर में यह 65.5 डॉलर प्रति औंस था, लेकिन सोमवार को इसकी कीमत 23.38 डॉलर प्रति दिन तक पहुंच गई थी। अप्रैल में यह 19.9 डॉलर प्रति घंटा था।

  • 18 18 गैसोलीन 71 रुपये में ऐसी समझ

देश की सबसे बड़ी कंपनी तेल मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल के मुताबिक, दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल का बेस क्वालिटी 17.96 रुपये है। इसमें 32 मुद्रा संचालन, 32.98 रुपये उत्पाद शुल्क, 3.56 पैसे डीलर की कमीशन और 16.44 रुपये राज्य सरकार का वैट शामिल है।

ये सब को जोड़ दें तो एक लीटर पेट्रोल का दाम 71.26 रुपये हो जाता है। इसमें केंद्र और राज्य सरकार के टैक्स का हिस्सा 49.42 रुपये है। इसी तरह, दिल्ली में एक लीटर डीजल का बेस नोट 18.49 रुपये है। इस पर प्रति लीटर परिचालन खर्च 29 पैसे, एक्साइज ड्यूटी 31.83 रुपये, वैट 16.26 रुपये और डीलर कमीशन 2.52 रुपये है। इस तरह इसकी कीमत 69.39 रुपये प्रति लीटर पड़ती है। आय 48.09 रुपये कर देना पड़ता है।

  • सबसे ज्यादा कर देश
  • जर्मनी- 63 प्रतिशत
  • फ्रांस -63 मे
  • इटली -64 प्रतिशत
  • ब्रिटेन- 62 प्रति
  • स्पेन- 53 फीसदी
  • जापान -47 प्रति

आगे पढ़ें

वृद्धि से सरकार को मिलेंगे 1.6 लाख करोड़





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *