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नेपाल के सरलाही जिले में भारत की मदद से तैयार हुई जल निकासी व्यवस्था का शनिवार को उद्घाटन हुआ। काठमांडो स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि इस परियोजना के लिए भारत की ओर से 4.27 करोड़ रुपये की मदद की गई थी। यह जल निकासी व्यवस्था मलंगवा नगरपालिका के वार्ड नंबर 3 और चार में बनाई गई है।

बीरगंज में भारत के महावाणिज्य दूत नितेश कुमार और मलंगवा नगरपालिका के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी होमनाथ सुबेदी ने इसका उद्घाटन किया। परियोजना से मलंगवा नगरपालिका में लगभग 500 परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। भारत लंबे समय से नेपाल के विकास में मदद कर रहा है। नेपाल को कोरोना का टीका भी भारत ने मुहैया कराया है।

इससे पहले भारत ने नेपाल में शुरू हुए एक माध्यमिक विद्यालय के पुनर्निर्माण के लिए भी 26.6 करोड़ रुपये की सहायता दी थी। बीते महीने दोनों देशों ने 108 किलोमीटर लंबी नई सड़क का भी संयुक्त रूप से उद्घाटन किया था। यह सड़क भारतीय सीमा को नेपाल के कई इलाकों से जोड़ती है।

भारतीय दूतावास ने बताया था कि भारत की सहायता से बनी सड़क भारतीय सीमा लक्ष्मीपुर-बलारा को नेपाल के सरलाही जिले के गढ़ैया से जोड़ती है।

नेपाल के सरलाही जिले में भारत की मदद से तैयार हुई जल निकासी व्यवस्था का शनिवार को उद्घाटन हुआ। काठमांडो स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि इस परियोजना के लिए भारत की ओर से 4.27 करोड़ रुपये की मदद की गई थी। यह जल निकासी व्यवस्था मलंगवा नगरपालिका के वार्ड नंबर 3 और चार में बनाई गई है।

बीरगंज में भारत के महावाणिज्य दूत नितेश कुमार और मलंगवा नगरपालिका के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी होमनाथ सुबेदी ने इसका उद्घाटन किया। परियोजना से मलंगवा नगरपालिका में लगभग 500 परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। भारत लंबे समय से नेपाल के विकास में मदद कर रहा है। नेपाल को कोरोना का टीका भी भारत ने मुहैया कराया है।

इससे पहले भारत ने नेपाल में शुरू हुए एक माध्यमिक विद्यालय के पुनर्निर्माण के लिए भी 26.6 करोड़ रुपये की सहायता दी थी। बीते महीने दोनों देशों ने 108 किलोमीटर लंबी नई सड़क का भी संयुक्त रूप से उद्घाटन किया था। यह सड़क भारतीय सीमा को नेपाल के कई इलाकों से जोड़ती है।

भारतीय दूतावास ने बताया था कि भारत की सहायता से बनी सड़क भारतीय सीमा लक्ष्मीपुर-बलारा को नेपाल के सरलाही जिले के गढ़ैया से जोड़ती है।

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