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Updated Thu, 03 Sep 2020 11:39 PM IST

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भारत और रूस के बीच एके-47 203 राइफल्स को लेकर डील पक्की हो गई है। एके-47 203 को एके-47 राइफल्स का सबसे एडवांस्ड वर्जन माना जाता है। अब इस राइफल को भारत में भी बड़े पैमाने पर तैयार किया जा सकेगा। रूसी मीडिया ने गुरुवार को इस डील की जानकारी दी। एके-203 रायफल, एके-47 रायफल का एडवांस वर्जन है। 

यह ‘इंडियन स्मॉल ऑर्म्स सिस्टम’ (इनसास) 5.56×45 मिमी रायफल की जगह लेगा। रूस की सरकारी समाचार एजेंसी स्पुतनिक के मुताबिक भारतीय थल सेना को लगभग 770,000 एके-203 रायफलों की जरूरत है, जिनमें से एक लाख का आयात किया जाएगा और शेष का विनिर्माण भारत में किया जाएगा। इन रायफलों का विनिर्माण भारत में संयुक्त उद्यम भारत-रूस रायफल प्राइवेट लिमिटेड (आईआरआरपीएल) के तहत किया जाएगा।

यह डील आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) और कलाशनीकोव कंसर्न तथा रोसोबोरेनेक्सपोर्ट के बीच हुई है। 

 

भारत और रूस के बीच एके-47 203 राइफल्स को लेकर डील पक्की हो गई है। एके-47 203 को एके-47 राइफल्स का सबसे एडवांस्ड वर्जन माना जाता है। अब इस राइफल को भारत में भी बड़े पैमाने पर तैयार किया जा सकेगा। रूसी मीडिया ने गुरुवार को इस डील की जानकारी दी। एके-203 रायफल, एके-47 रायफल का एडवांस वर्जन है। 

यह ‘इंडियन स्मॉल ऑर्म्स सिस्टम’ (इनसास) 5.56×45 मिमी रायफल की जगह लेगा। रूस की सरकारी समाचार एजेंसी स्पुतनिक के मुताबिक भारतीय थल सेना को लगभग 770,000 एके-203 रायफलों की जरूरत है, जिनमें से एक लाख का आयात किया जाएगा और शेष का विनिर्माण भारत में किया जाएगा। इन रायफलों का विनिर्माण भारत में संयुक्त उद्यम भारत-रूस रायफल प्राइवेट लिमिटेड (आईआरआरपीएल) के तहत किया जाएगा।

यह डील आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) और कलाशनीकोव कंसर्न तथा रोसोबोरेनेक्सपोर्ट के बीच हुई है। 

 

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