• संधू ने कहा- आईसीएमआर और अमेरिका की सीडीसी और एनआईएच कई वर्षों से मिलकर काम कर रहे हैं
  • उन्होंने कहा- 2-3 साल पहले दोनों देशों ने रोटावायरस नाम के अन्य वायरस का वैक्सीन भी विकसित किया था

दैनिक भास्कर

10 मई, 2020, 10:12 AM IST

वॉशिंगटन। अमेरिका में भारतीय राजदूत टीएस संधू ने रविवार को कहा कि कोरोनावायरस बीमारी ने अमेरिका को दिखाया कि ऐसे समय में दुनिया में भारत से बड़ा साझेदार नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी तक दोनों देश कम से कम तीन वैक्सीन पर साथ काम कर रहे हैं।

संधू ने कहा कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और अमेरिका की सीडीसी और एनआईएच कई वर्षों से मिलकर काम कर रहे हैं। 2-3 साल पहले दोनों देशों ने रोटावायरस नाम के अन्य वायरस का वैक्सीन भी विकसित किया था। इससे न केवल भारत और अमेरिका, बल्कि कई अन्य देशों को मदद मिली।

भारत ने अमेरिका को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन भेजी थी

भारतीय राजनयिक ने कहा कि भारत और अमेरिका सप्लाई चैन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। भारत ने पिछले महीने ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के अनुरोध के बाद मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की खेप भीगी।]





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