• मनमीत 2 साल से एएलएस बीमारी से पीड़ित थे, इसमें मंशेशी कमजोर होने लगते हैं
  • 1989 में राष्ट्रीय चैंपियंस बने मनमीत सिंह ने कनाडा के मोनट्रीयल में अंतिम सांस ली
  • आईटीटीएफ के बोर्ड मेंबर धनराज चौधरी ने कहा- अच्छा खिलाड़ी और बेहतरीन इंसान हार गया

दैनिक भास्कर

12 मई, 2020, 07:36 PM IST

टेबल-टेनिस चेनियन मनमीत सिंह वालिया का 58 साल की उम्र में निधन हो गया है। उन्होंने कनाडा के मोनट्रीयल में सोमवार को अंतिम सांस ली। मनमीत 2 साल से एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस (एएलएस) बीमारी से पीड़ित थे। यह बीमारी से पीड़ितों को कमजोर होने लगती है।

मनमीत टेबल टेनिस से संन्यास लेने के बाद कनाडा में ही बस गए थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं। मनमीत ने अपना इलाज कोयंबटूर में भी करवाया था।

1989 में नेशनल चैयरियन बने थे मनमीत
मनमीत ने 80 के दशक में बेहतरीन प्रदर्शन किया था। 1989 में वे नेशनल स्पोर्ट्समैन बने। मनमीत ने तब हैदराबाद के एस श्रीराम को अंतिम में लैपटॉप दिया था। 18 साल की उम्र में मनमीत वर्ल्ड रैकिंग में 13 वें नंबर पर पहुंच गए थे।

1989 में नेशनल स्टॉकियन बनने के बाद मनमीत भावुक हो गए थे। दैनिक भास्कर को यह फोटो रेटेड टेबल टेनिस एसोसिएशन ने उपलब्ध करवाई है।

1980 में खेले जाने वाले प्रथम बार के ब्रिटिश निबंध
उन्होंने 1980 में 8 बार के राष्ट्रीय चैंपियंस कमलेश मेहता के साथ चीनी निबंध में अपना पहला आंतरिक बैनर खेला। इस टीम में उनके अलावा बी अरुण कुमार, मंजीत सिंह दुआ और वी चंद्रशेखर शामिल थे। टीम टॉम स्थान पर रही थी।

‘टेबल-टेनिस परिवार के लिए दुखद क्षण’
टेबल-टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीटीएफआई) के महासचिव एमपी सिंह ने अपने निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि टेबल टेनिस परिवार के लिए दुखद क्षण है। टीटीएफआई के पूर्व महासचिव और इंटरनेशनल टेबल-टेनिस फेडरेशन (आईटीटीएफ) के बोर्ड मेंबर धनराज चौधरी ने कहा है कि टेबल-टेनिस ने एक अच्छा खिलाड़ी और बेहतरीन इंसान खो दिया है।





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