• भारत में पहला कोरोना मरीज 30 जनवरी को मिला था, आज भारत में 67 हजार से ज्यादा मामले हैं
  • ब्रिटेन में पहले मरीज जनवरी के आखिरी सप्ताह में आए थे, आज लगभग 2.20 लाख केस आ चुके हैं

डॉ। ज्ञानेश नामजोशी, कार्डियोथोरेसिस एनेस्थेटिक्स

12 मई 2020, सुबह 06:15 बजे IST

लंदन / नई दिल्ली। ब्रिटेन में 45 दिन तक बिना जांच के सिर्फ लक्षण के आधार पर कोरोना मरीज तय होते रहे। ब्रिटेन में पहले मरीज जनवरी के आखिरी सप्ताह में आया था, लेकिन इसकी पहचान आरटी-पीसीआर जांच से नहीं हुई थी। लक्षण के आधार पर स्पिन स्कैन और चेस्ट एक्स-रे कर कोरोना की पुष्टि की गई थी। ऐसे 15 मार्च तक चलना चाहिए। तब तक 1100 मरीज मिले थे। 21 की मौत हो गई थी।

मार्च के आखिरी में आरटी-पीसीआर किट पहुंची। भारत में पहला कोरोना रोगी 30 जनवरी को मिला था। भारत ने आरटी-पीसीआर जांच कर मरीज की पहचान की। आज भारत में 67 हजार से ज्यादा मामले हैं। जबकि ब्रिटेन में लगभग 2.20 लाख केस आ चुके हैं। ब्रिटेन में पहले दो कोरोना मरीज चीन के दो यात्री थे। इसके बाद एक मार्कर, जो चीन और हॉलैंड की यात्रा कर लौटे थे, उन्हें यह बीमारी हुई।

मार्च के मध्य में सरकार ने इस बीमारी को कम्युनिटी ट्रांसमिशन को बताया। शुरू में यहां के विशेषज्ञ मान रहे थे कि संक्रमण भरावह नहीं होगा। इसी तरह से लॉकडाउन नहीं किया गया। हर्ड इम्युनिटी का रिस्क लिया गया, जो खतरनाक साबित हुआ। भले ही रोगियों की संख्या दो लाख के पार चली गई है, लेकिन अब भी पीक नहीं कहा जा रहा है।

कोरोना मठ: स्वास्थ्य कर्मियों के लिए रेस्तरां मुफ्त खाना पहुंचाते हैं
सरकार ने 20 दिन में एक स्टेडियम में 4000 आईसीयू बिस्तर वाला अस्थायी अस्पताल बनाया। आईसीयू में लगभग 70 प्रति मरीजों की मौत हो रही है। हालांकि यहां लगभग 1500 मरीज ही गंभीर हैं। कोरोना रोगियों के इलाज में जुटे स्वास्थ्यकर्मी घर नहीं जा रहे हैं। वे अस्पताल के आसपास के आवास में रह रहे हैं। रेस्तरां उनके लिए मुफ्त में खाना पहुंचाते हैं। खाना पहुंचाने की तारीख पहले ही तय कर दी जाती है।

मरीजों की खुशी: हर बिस्तर के साथ विवरण, ताकि मनोरंजन भी हो रहा है
मरीजों को परिजन से मिलने की इजाजत नहीं है। उनके मनोरंजन के लिए हर बिस्तर के साथ एक सुविधाजनक लगा हुआ है। इस पर रोगी अपनी पसंद के कार्यक्रम देख सकते हैं। दूसरे रोगियों को परेशानी न हो, इसलिए हेड फोन भी देते हैं। ब्रिटेन में लोग किसी न किसी जनरल प्रैक्टिसनर के पास रजिस्टर्ड हैं। डॉ। लॉकडाउन में फोन पर ही परामर्श देकर मरीज के घर दवा पहुंचाने का इंतजाम करते हैं।

सरकार ने निर्माण कार्य फिर से शुरू करने को मंजूरी दी

सरकार ने सोमवार से निर्माण कार्य फिर शुरू करने को मंजूरी दे दी है। पीएम बोरिस जॉनसन ने कहा कि निर्माण कार्यों से जुड़े कर्मचारी अगर घर से काम नहीं कर पा रहे हैं, तो वे कार्यस्थल जा सकते हैं।





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