• दीपा मलिक पैरालिट्रिक खेलों में मेडल जीतने वाली देश की पहली महिला खिलाड़ी हैं, उन्होंने 2016 के रियो खेलों में सिल्वर मेडल जीते थे।
  • संन्यास लेने पर दीपा ने कहा- मैंने भारी मन ये यह फैसला लिया, जरूरत पड़ी तो 2022 एशियन गेम्स से पहले दोहराए गए विचारगोष्ठी

दैनिक भास्कर

11 मई, 2020, 11:01 PM IST

देश का सबसे बड़ा खेल सम्मान खेल रत्न पाने वालीँ पैरा पैराट दीपा मलिक ने संन्यास का ऐलान किया। दीपा देश के लिए पैरालिचिक में मेडल हासिल करने वाली पहली महिला खिलाड़ी भी हैं।

उन्होंने पैरालिस्टिक कमेटी ऑफ इंडिया (पीसीआई) का अध्यक्ष बनने के लिए खेल को अलविदा कहा।

अब पैराग्राफट के लिए काम करूंगी: दीपा

इस मौके पर उन्होंने कहा- मैंने पिछले साल 16 सितंबर को ही संन्यास से जुड़ी चिठ्ठी पीसीआई को सौंपी थी। लेकिन आज मैंने यह पत्र खेल और युवा कल्याण विभाग को भी दे दिया। मैं पीसीआई में नई कमेटी के गठन के लिए हाई कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रहा था। जो हमारे पक्ष में आया। दीपा ने कहा कि मुझे बड़ी तस्वीर देखनी होगी ताकि देश में पैरालिंपिक खिलाड़ियों को आगे लाने का काम कर सकूं।

‘राष्ट्रीय खेल संहिता का पालन करूंगी’

राष्ट्रीय खेल संहिता के मुताबिक, एक सक्रिय एथलीट किसी को भी अधिशेष में आधिकारिक रूप से पद पर नहीं रह सकता है। इसी नियम का हवाला देते हुए मलिक ने संन्यास लिया है। उन्होंने कहा कि संन्यास की घोषणा करना महत्वपूर्ण है। मुझे देश के नियमों के मुताबिक ही चलना होगा। लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो मैं 2022 के एशियन गेम्स के बारे में अपने फैसले की समीक्षा कर सकता हूं। मुझे पता नहीं है कि मेरे अंदर का खिलाड़ी कभी खत्म होगा या नहीं।

मैंने भारी मन से यह निर्णय लिया: दीपा
उन्होंने आगे कहा कि मैंने बहुत भारी दिमाग से यह फैसला लिया है। लेकिन खेल की बेहतरी के लिए मुझे ऐसा करना था। अगर मुझे पीसीआई में पद संभालना है तो मुझे कानून मानना ​​होगा।

दीपा को पदमश्री भी मिली

देश में पैरालिंपिक खेलों को बढ़ावा देने में उनका नाम सबसे आगे है। उन्हें पिछले साल खेल दिवस के मौके पर देश का सर्वोच्च खेल सम्मान खेल रत्न मिला था। उन्हें पदमश्री और अजुर्न अवॉर्ड भी मिला है। वे अब तक 23 आंतरिक मेडल जीत चुके हैं।





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