न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
अद्यतित मंगल, 12 मई 2020 08:53 PM IST

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सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प पर बल दिया। प्रधानमंत्री का पूरा भाषण आत्मनिर्भर भारत के मुद्दे पर ही पकड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने एक विशेष आर्थिक पैकेज की भी घोषणा भी की। हालांकि लॉकडाउन को आगे बढ़ाने पर प्रधानमंत्री ने कुछ स्पष्ट नहीं किया लेकिन यह इशारा कर दिया कि जनता अभी लॉकडाउन का एक और चरण का सामना करने के लिए तैयार रही। पढ़िए प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन की बड़ी बातें …

विस्तार

  • ऐसी परिस्थिति कभी नहीं देखी गई लेकिन हमें थकना, बटना मंजूर नहीं: प्रधानमंत्री ने कहा कि एक वायरस ने दुनिया को तहस नहस कर दिया। दुनिया भर में करोड़ों जिंदगियां संकट का सामना कर रहे हैं। सारी दुनिया की जिंदगी बचाने में एक तरह से जंग में जुटी हैं। हमने ऐसा परिस्थिति न देखा है न ही सुना है। निश्चित रूप से ये अस्वीकार्य है। लेकिन थकना, हारना, टूटना और बटनाना मन को मंजूर नहीं है। सावधानी बनाए हुए ऐसे जंग में सभी नियमों का पालन करते हुए अब हमसे बचना भी है और आगे बढ़ना भी है।
  • आत्मनिर्भर भारत का संकल्प कोरोना संकट से बहुत बड़ा: पीएम मोदी ने कहा, हम पिछली शताब्दी से ही लगातार सुनते आए हैं कि 21 वीं सदी हिंदुस्तान की है। हमें कोरोना से पहले की दुनिया को वैश्विक व्यवस्थाओं को विस्तार से देखने समझने का मौका मिला है। कोरोना संकट के बाद भी दुनिया में जो स्थितियां बन रही हैं उन्हें भी देख रहे हैं। जब विश्व प्रशासन में है तो हमें अपना आत्मनिर्भर भारत का संकल्प और मजबूत करना होगा। हमारा संकल्प इस संकट से भी विराट होगा।
  • 21 वीं सदी भारत की हो यह सपना ही नहीं हमारी जिम्मेदारी भी है: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, जब ये दोनों कालखंडों को भारत के नजरिये से हस्तक्षेपते हैं तो लगता है कि 21 वीं शताब्दी भारत की हो यह हमारा सपना ही नहीं जिम्मेदारी भी है। विश्व की आज की स्थिति हमें सिखाती है कि इसका मार्ग एक ही है, आत्मनिर्भर भारत। एक राष्ट्र के रूप में आज हम ऐसी अहम मोड़ पर खड़े हैं जहां इतनी बड़ी आपदा भारत के लिए एक संदेश के साथ आई है, एक अवसर सहित आई।
  • भारत में रोज़ बन रहे हैं दो लाख बोके किट्टी और एन -95 सेकंड्स: उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, जब कोरोना संकट शुरू हुआ तब भारत में एक भी पैकेजई किट नहीं बनती थी, एन -95 फेस का नाममात्र का उत्पादन था। आज स्थिति यह है कि भारत में ही हर रोज दो लाख बैगई किट और दो लाख एन -95 सेकंड बनाए जा रहे हैं। यह हम इसलिए कर पाए क्योंकि भारत ने आपदा को आवसर में बदल दिया। आपदा को अवसर में बदलने की भारत की यह दृष्टि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के लिए उतनी ही प्रभावी सिद्ध होने वाली है।
  • पूरी तरह से नए कलेवर वाला होगा लॉकडाउन का चौथा चरण: लॉकडाउन का चौथा चरण यानी लॉकडाउन -4 पूरी तरह से नए रंग रूप वाला होगा, नए नियम होंगे। राज्यों से हमें जो सुझाव मिल रहे हैं, उनके आधार पर लॉकडाउन 4 से जुड़ी जानकारी भी आपको 18 मई से पहले दे दी जाएगी।
  • लोकल का महत्व समझना है, अपने ‘लोकल का वोकल’ बनना है: इस परिस्थिति ने लोकल परीक्षण, लोकल बाजार, लोकल सप्लाई चेन का महत्व बराबर समझा है। हमें यह लोकल ही उपलब्ध है। लोकल जरूरत नहीं बल्कि जिम्मेदारी है। समय ने हमें सिखाया है कि लोकल को हमें अपना जीवन मंत्र बनाना ही होगा। आज से हर भारतीय को अपने ‘लोकल’ के लिए ‘वोकल’ बनना है। लोकल प्रोडक्ट्स खरीदने और andire से उनका प्रचार भी करना है।
  • हम लड़ेंगे पहनेंगे, दो गज दूर रहेंगे, लेकिन दूर नहीं होने देंगे: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सभी विशेषज्ञ और वैज्ञानिक हमें बता रहे हैं कि कोरोना संकट लंबे समय तक हमारे जीवन का हिस्सा बना रहेगा। लेकिन हम ऐसा भी नहीं होने दे सकते हैं कि हमारा जीवन केवल कोरोना के ही इर्द-गिर्द सिमट जाए। हम अक्सर पहनते हैं, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे, लेकिन लक्ष्यों को दूर नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा, जो हमारे वश में है वहीं खुशी है। आत्मनिर्भरता हमें सशक्त भी करती है।
  • हर वर्ग को राहत देगा 20 लाख करोड़ का विशेष आर्थिक पैकेज: इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा करते हुए कहा कि यह पैकेज आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह पैकेज लगभग 20 लाख करोड़ रुपये का होगा जिसमें किसानों, मजदूरों, छोटे व मझोले उद्योगों, मध्यम वर्ग सहित हर वर्ग के लिए प्रावधान किए जाएंगे। पीएम ने कहा कि इस पैकेज की जानकारी वित्त मंत्री आने वाले दिनों में लेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि 20 लाख करोड़ रुपये का यह पैकेज 2020 में देश की विकास यात्रा को नई गति देगा।
  • देश के विकास को गति देने वालों को समर्पित है यह पैकेज है: इस पैकेज में लैंड, लेबर, लिक्विडिटी सब पर बल दिया गया है। यह पैकेज कुटीर, गृह, लघु मंज़ोले उद्योग (जीएमएमई) के लिए जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन है। जो आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का मजबूत आधार हैं। ये पैकेज देश के उस श्रमिक के लिए है, किसान के लिए है जो हर स्थिति, हर मौसम में देशवासियों के लिए दिन रात परिश्रम कर रही है। ये पैकेज हमारे मध्यम वर्ग के लिए है जो ईमानदारी से टैक्स देता है और विकास में योगदान देता है। उद्योग जगत के लिए है जो भारत के आर्थिक सामर्थ्य को बुलंदी देने को संकल्पित है।
  • सिस्टम से सप्लाई चेन तक तक बदलाव लाने की जरूरत है: जरूरत है कि अर्थव्यवस्था में क्विंटम जंप लाएं। ऐसा इन्फ्रास्ट्रक्चर हो जो आधुनिक भारत की पहचान बन गया। ऐसा सिस्टम हो जो बीटी शताब्दी की रीति-नीति नहीं बल्कि 21 वीं सदी के सपनों को साकार करने वाली टेकोल क्रांति ड्रिवेन गतिविधियों पर आधारित हो। हमारी डेमोग्राफी आत्मनिर्भर भारत के लिए ऊर्जा का स्रोत है। हमारी अर्थव्यवस्था में डिमांड और सप्लाई चेन की ताकत का पूरी क्षमता से इस्तेमाल हो सकता है। हम देश की सप्लाई चेन को और मजबूत करेंगे जिसमें हमारे देश की मिट्टी महक हो और मजदूरों के पसीने की खुशबू हो।





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