नई दिल्‍ली: पाकिस्तान ने अपने नक्शे में संपूर्ण जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा माना है. इसके तहत कोरोना संक्रमण की जानकारी के लिए बनाई गई पाकिस्तान की सरकारी वेबसाइट पर जो नक्शा जारी किया गया है, उसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्‍मीर यानी PoK को भारत का हिस्सा दिखाया गया है. यानी नक्‍शे में जिस हिस्‍से पर पाकिस्‍तान ने कब्‍जा कर रखा है, उसको भारत के नक्शे में रूप में दिखाया गया है. मीडिया में खबर आने के बाद पाकिस्तान ने इसे बदल दिया लेकिन अब तक इसके स्क्रीनशॉट लिए जा चुके थे.

वैसे भी पिछले साल पांच अगस्‍त को जम्‍मू-कश्‍मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद पीओके को भी भारत में शामिल करने की मांग उठ रही है. सरकार ने भी स्‍पष्‍ट रूप से कहा है कि वह पीओके को भारत का हिस्‍सा मानती है और संपूर्ण जम्‍मू-कश्‍मीर भारत का हिस्‍सा है. यहां तक कि आठ मई को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा कि डीडी न्यूज और ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) अपने प्राइम टाइम न्यूज बुलेटिनों में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के मीरपुर, मुजफ्फराबाद और गिलगित के तापमान और मौसम की रिपोर्ट प्रसारित करेंगे. इस घोषणा के एक दिन पहले भारत के मौसम विभाग ने कहा था कि ये शहर भारत का हिस्सा हैं और यही वजह है कि वे अपने मौसम बुलेटिन में इन स्थानों के मौसम का अपडेट देंगे.

मंत्रालय के सचिव अमित खरे ने कहा, “डीडी न्यूज और ऑल इंडिया रेडियो अपने प्राइम टाइम न्यूज बुलेटिनों में मीरपुर, मुजफ्फराबाद और गिलगित सहित भारतीय नगरों और शहरों के तापमान और मौसम की रिपोर्ट प्रसारित करेंगे.”

यह घोषणा इसलिए भी मायने रखती है क्‍योंकि भारत का लगातार मानना रहा है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भारत का हिस्सा है. आईएमडी के महानिदेशक ने भी पिछले दिनों कहा कि मौसम विभाग ने पिछले कुछ दिनों से अपने क्षेत्रीय बुलेटिन में इस जानकारी का उल्लेख करना शुरू कर दिया है. 

इस बीच पाकिस्तान ने भारत की आपत्ति के बावजूद अपने कब्जे वाले गिलगित बाल्टिस्तान इलाके में दियामिर-भाषा बांध के निर्माण के फैसले पर अड़े रहने का फैसला किया है. गौरतलब है कि पाकिस्तान द्वारा 12 मई को इस बांध का निर्माण शुरू करने के ऐलान के बाद भारत ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी और साफ कहा था कि पाकिस्तान द्वारा अपने अवैध कब्जे वाले इलाकों में इस तरह का निर्माण पूरी तरह से अवैध है. भारत ने पाकिस्तान और उसके साथ चीन को भी याद दिलाया था कि उन्हें नहीं भूलना चाहिए कि गिलगित-बाल्टिस्तान समेत समूचा जम्मू-कश्मीर व लद्दाख भारतीय क्षेत्र है.

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