नई दिल्ली: इस्लामाबाद में भारतीय दूतावासों के अधिकारियों की उत्पीड़न की शिकायतों पर भारत ने सख्त रवैया अपनाया है. भारत (India) ने अब पाकिस्तानी (Pakistan) विदेश मंत्रालय को नोटिस जारी कर चेताया है. बीते दिनों पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा भारतीय राजनयिकों को धमकी, निगरानी और उत्पीड़न करने की जानकारी सामने आई थी. इस तरह के दो मामले 5-6 जून को सामने आए थे.

6 जून को, भारत के शीर्ष राजनयिक गौरव अहलूवालिया मार्निंग वॉक पर निकले थे. इस दौरान पाकिस्तान की कुख्यात जासूसी एजेंसी आईएसआई से जुड़े लोगों ने घेर लिया था. कारों और बाइकों में कई लोगों ने उन्हें परेशान करने के उद्देश्य से इशारों-इशारों में आवास को घेर लिया था.

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इसके अगले दिन यानी 7 जून को भी ऐसा ही हुआ, जब एक भारतीय उच्चायोग के अधिकारी नजदीकी मार्केट गए. वहां पर उन्हें कई बाइक सवारों ने आक्रामकता के साथ घेरा था. इसके बाद भारतीय उच्चायोग के एक स्थानीय कर्मचारी के भारतीय राजनयिकों के आवास से बाहर निकले के बाद आक्रामक तरीके से पूछताछ की गई.

भारतीय अधिकारियों ने उत्पीड़न के मामले को उठाते हुए कहा कि उत्पीड़न का मौजूदा पैटर्न 1961 के राजनयिक संबंधों के वियना कन्वेंशन (Vienna Convention) का उल्लंघन है. भारत और पाकिस्तान ने 1992 में आचार संहिता पर राजनयिक की सुरक्षा के लिए हस्ताक्षर किए थे.

भारतीय अधिकारियों का पाकिस्तान में उत्पीड़न कोई नई बात नहीं है, लेकिन यह घटना भारत में पाकिस्तानी उच्चायोग के 2 अधिकारियों को दिल्ली में जासूसी गतिविधि में रंगे हाथों पकड़ने के दो दिन बाद ही हुई.

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