• विशेषज्ञों के मुताबिक, दुर्लभ बीमारी के लक्षण कावासाकी और टॉक्सिक शॉक से मिलते-जुलते हैं
  • न्यूयॉर्क गवर्नर ने कहा- बच्चों में इस बीमारी और कोरोना के बीच कोई संबंध नहीं है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है

दैनिक भास्कर

10 मई, 2020, सुबह 11:17 बजे IST

वॉशिंगटन। अमेरिका के न्यूयॉर्क में तीन बच्चों की दुर्लभ बीमारी से मौत हो गई। इसकी जानकारी गवर्नर पॉल क्यूमो ने शनिवार को दी। उन्होंने कहा कि शनिवार तक न्यूयॉर्क में 73 से ज्यादा बच्चे दुर्लभ बीमारी से पीड़ित मिले हैं। इसके लक्षण कावासाकी बीमारी और टॉक्सिक शॉक से मिलते-जुलते हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में इस बीमारी की पहचान की गई थी।

गवर्नर ने कहा कि राज्य न्यूयॉर्क जीनोम सेंटर और रॉकफेलर यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर इस पर काम कर रहा है, इसलिए यह पता चल सकता है कि बीमारी का कारण क्या है। क्यूमो ने कहा कि बच्चों में इस बीमारी और कोरोनावायरस के बीच कोई संबंध नहीं है या नहीं यह अभी स्पष्ट नहीं है। लेकिन, इसने हमारी चिंता बढ़ा दी है।

अपने बच्चों में बीमारी के लक्षण को लेकर माता-पिता सावधान रहें: क्यूमो

क्यूमो ने माता-पिता को अपने बच्चों में लंबे समय तक बुखार, पेट दर्द, त्वचा के रंग में बदलाव, छाती में दर्द जैसी शिकायतों को लेकर सतर्क रहने के लिए कहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, गंभीर मामलों में दिल की धमनियों में इन्फ्लेशन होने का लगता है। गवर्नर ने कहा कि इन बच्चों का कोरोना या कैंसर टेस्ट पॉजिटिव था, लेकिन अस्पताल ले जाने पर ये सिंड्रोम के लक्षण नहीं दिखेंगे।

कावासाकी बीमारी क्या है?

  • 6 महीने से लेकर 6 साल तक के बच्चों पर असर करने वाली कावासाकी डिजीज को अमेरिका में दुर्लभ माना जाता है। इसकी शुरुआत लिन और चकबंदी से होती है, लेकिन अगर इसका इलाज नहीं किया गया तो यह गंभीर हृदय समस्या बन सकती है।
  • शॉक, कावासाकी बीमारी की एक असामान्य परेशानी है। डॉ कर्णी ने बताया कि हाल ही में आए कोरोनावायरस के मामलों के बाद कई बच्चों लो ब्ल्ड प्रेशर के साथ शुरू किया गया था। उनके खून में शरीर के दूसरे हिस्सों तक ऑक्सीजन और पोषण पहुंचाने में असमर्थता देखी जा रही है।
  • लेखकों रिसर्च बताती है कि बड़ों के मुकाबले बच्चों में को विभाजित 19 से गंभीर रूप से बीमार होने की संभावना बेहद कम है। सिटी डेटा के मुताबिक न्यूयॉर्क सिटी में अब कोविड से हुईं 13724 मौत में 17 से कम उम्र के केवल 6 लोग शामिल थे।
  • हालांकि डॉक्टर्स का कहना है कि, यह सच है कि स्वस्थ्य बच्चे इस नए सिंड्रोम का शिकार हो रहे हैं, लेकिन अभी भी व्यर्थ की तुलना में बच्चे को विभाजित 19 के खतरे से दूर हैं।
  • एनवाईयू लैंगोन मेडिकल सेंटर में डॉ। जेनिफर लाइटर बताती हैं कि यह बहुत अधिक दुर्लभ और काफी हद तक बच्चे बेहतर रहे हैं। डॉ लाइटर नए वेर से जूज़ रहे एक मरीज का इलाज कर रहे हैं। मेरा रोगी घर पर है और ठीक है।
  • ब्रॉन्क्स की डॉ नडीन शोआईटर के मुताबिक मैं कहूंगा कि अब तक हमने 13 मरीजों को देखा है। फिर भी डॉ। यह पता लगाने में संकोच कर रहे हैं कि यह शहर में कितना फैला है।





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