न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 11 मई 2020 07:42 PM IST

ख़बर सुनता है

दिल्ली हाईकोर्ट में तबलीगी जमात प्रमुख मौलाना साद के मामले की जांच एनआईए द्वारा समयबद्ध तरीके से प्रदान करने के लिए याचिका दायर की गई है। अभी दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है।

मौलाना साद पर सरकार के आदेशों का उल्लंघन करत हुए बड़ी सभा आयोजित करने का आरोप है। याचिका की सुनवाई 13 मई को दिल्ली हाईकोर्ट में होनी है। दिल्ली पुलिस काफी समय बीतने के बावजूद साद को गिरफ्तार करने में नाकाम रही है।

मुंबई के वकील घनश्याम उपाध्याय द्वारा दायर की गई याचिका में केंद्र, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस आयुक्त को अपराध शाखा से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को जांच सौंपने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है। जो समयबद्ध तरीके से मामले की जांच और जांच की निगरानी उच्च न्यायालय द्वारा की जाए।

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 31 मार्च को निजीमुद्दीन पुलिस स्टेशन एसएचओ की शिकायत पर सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें बड़ी सभाओं के खिलाफ आदेशों के उल्लंघन में तबलीगी जमात अनुयायियों की भूमिका पाई गई थी।

बता दें कि दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में बड़ी संख्या में तब्लीगी जमात से जुड़े लोग कोरोनाटिक पाए गए हैं।]लॉकडाउन और धारा 144 लागू होने के बावजूद मरकज में जमात से जुड़े सैकड़ों लोग शामिल हुए थे। इस घटना के बाद से ही मौलाना साद फरार है। पुलिस के बार-बार नोटिस के बावजूद वह अब तक सामने नहीं आया है।

मौलाना साद के सास ससुर सहित 81 लोगों की रिपोर्ट आई निगेटिव
नोएडा तंबाकू से शनिवार को 81 लोगों की रिपोर्ट जारी की गई थी और सभी निगेटिव आई। विशेष बात यह है कि ये मौलाना साद के सास-ससुर सहित ससुराल के चार लोग शामिल थे।

मौलाना साद की ससुराल से जुड़े लोगों के सैंपल 14 अप्रैल को नोएडा अस्पताल भेजे गए थे। ऐसे में विभाग ने तीन दिन पहले मौलाना साद के ससुराल के सात लोगों के सैंपल फिर से भेजे थे। इनमें से चार लोगों की जांच रिपोर्ट शनिवार को 81 लोगों के साथ जारी की गई।

दिल्ली हाईकोर्ट में तबलीगी जमात प्रमुख मौलाना साद के मामले की जांच एनआईए द्वारा समयबद्ध तरीके से प्रदान करने के लिए याचिका दायर की गई है। अभी दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है।

मौलाना साद पर सरकार के आदेशों का उल्लंघन करत हुए बड़ी सभा आयोजित करने का आरोप है। याचिका की सुनवाई 13 मई को दिल्ली हाईकोर्ट में होनी है। दिल्ली पुलिस काफी समय बीतने के बावजूद साद को गिरफ्तार करने में नाकाम रही है।

मुंबई के वकील घनश्याम उपाध्याय द्वारा दायर की गई याचिका में केंद्र, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस आयुक्त को अपराध शाखा से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को जांच सौंपने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है। जो समयबद्ध तरीके से मामले की जांच और जांच की निगरानी उच्च न्यायालय द्वारा की जाए।

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 31 मार्च को निजीमुद्दीन पुलिस स्टेशन एसएचओ की शिकायत पर सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें बड़ी सभाओं के खिलाफ आदेशों के उल्लंघन में तबलीगी जमात अनुयायियों की भूमिका पाई गई थी।

बता दें कि दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में बड़ी संख्या में तब्लीगी जमात से जुड़े लोग कोरोनाटिक पाए गए हैं।]लॉकडाउन और धारा 144 लागू होने के बावजूद मरकज में जमात से जुड़े सैकड़ों लोग शामिल हुए थे। इस घटना के बाद से ही मौलाना साद फरार है। पुलिस के बार-बार नोटिस के बावजूद वह अब तक सामने नहीं आया है।

मौलाना साद के सास ससुर सहित 81 लोगों की रिपोर्ट आई निगेटिव
नोएडा तंबाकू से शनिवार को 81 लोगों की रिपोर्ट जारी की गई थी और सभी निगेटिव आई। विशेष बात यह है कि ये मौलाना साद के सास-ससुर सहित ससुराल के चार लोग शामिल थे।

मौलाना साद की ससुराल से जुड़े लोगों के सैंपल 14 अप्रैल को नोएडा अस्पताल भेजे गए थे। ऐसे में विभाग ने तीन दिन पहले मौलाना साद के ससुराल के सात लोगों के सैंपल फिर से भेजे थे। इनमें से चार लोगों की जांच रिपोर्ट शनिवार को 81 लोगों के साथ जारी की गई।





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *