अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Updated Mon, 11 मई 2020 10:50 PM IST

विमान सेवा शुरू करने की तैयारी
– फोटो: पीटीआई

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रेलवे के बाद अब विमान सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। यात्री विमान सेवा शुरू होने की संभावना को देखते हुए दिल्ली टर्मिनल प्रशासन ने भी कमर कसनी शुरू कर दी है। उधर, विश्व तकनीकी दिवस पर सोमवार को टर्मिनल पर सामान की जांच के लिए यूवी टनल व यूवी ब्रांड हेल्ड डिवाइस सहित कई नई तकनीक का परीक्षण व निरीक्षण किया गया।

बंदरगाह को संचालित करने वाली कंपनी के अनुसार, काफी कम समय में ट्रॉली को सैनिटाइज करने करने के साथ ही जूतों को सैनिटाइज करने के लिए भी अलग से मैट्स लगाए गए हैं, ताकि जूतों पर अगर वायरस चिपकता है तो उसे खत्म करना चाहिए। वायरस से बचाव के लिए हरसंभव उपाय किए जा रहे हैं। यूवी टनल के माध्यम से सामान को संक्रमण रहित किया जाएगा।

सतह को संक्रमण से बचाने का भी उपाय किया गया है। एक ट्रॉली को पांच सेकंडेंड में ट्रांसपोर्ट फ्री किया जाएगा। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी नजर रखी जाएगी। डायल के अनुसार, हवा की गुणवत्ता व परिसर को संक्रमण मुक्त करने के लिए 700 यूवीमंड लगाए गए हैं। 336 अटैची ब्रांड सैनिटाइजर डिस्पेंसर जगह-जगह लगाए गए हैं।

कई तरह की योजनाएं तैयार हैं
विमानों के संचालन के लिए कई तरह की योजनाएं भी तैयार की गई हैं। बंदरगाह स्रोतों के अनुसार, दिनों में 30 प्रतिशत विमानों का संचालन किया जाएगा। परिस्थिति की समीक्षा के बाद धीरे-धीरे संख्या बढ़ाई जाएगी। सभी टर्मिनल पर उन स्थानों की पहचान की जा रही है, जहां यात्रियों को परेशानी होती है। उनकी सहूलियत के लिए कर्मचारी तैनात रहेंगे। सोशल डिस्टेंसिंग पर निगा भी रखेंगे।

प्रवेश के दौरान कॉन्टैक्टलेस सिस्टम तैयार किया गया है, इसलिए कोई भी यात्री एक-दूसरे के संपर्क में सक्षम नहीं है। रविवार को दिल्ली टर्मिनल पर नागर विमानन महानिदेशालय, ब्यूरो ऑफ सिविल एविशन सिक्योरिटी ऑफिस, भारतीय रेलवे के टर्मिनल अथॉरिटी ऑफ इंडिया, एसएसएफ व टर्मिनल संचालित करने वाली दिल्ली इंटरनेशनल टर्मिनल लिमिटेड की संयुक्त टीम ने निरीक्षणयना किया।

रेलवे के बाद अब विमान सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। यात्री विमान सेवा शुरू होने की संभावना को देखते हुए दिल्ली टर्मिनल प्रशासन ने भी कमर कसनी शुरू कर दी है। उधर, विश्व तकनीकी दिवस पर सोमवार को टर्मिनल पर सामान की जांच के लिए यूवी टनल व यूवी ब्रांड हेल्ड डिवाइस सहित कई नई तकनीक का परीक्षण व निरीक्षण किया गया।

बंदरगाह को संचालित करने वाली कंपनी के अनुसार, काफी कम समय में ट्रॉली को सैनिटाइज करने करने के साथ ही जूतों को सैनिटाइज करने के लिए भी अलग से मैट्स लगाए गए हैं, ताकि जूतों पर अगर वायरस चिपकता है तो उसे खत्म करना चाहिए। वायरस से बचाव के लिए हरसंभव उपाय किए जा रहे हैं। यूवी टनल के माध्यम से सामान को संक्रमण रहित किया जाएगा।

सतह को संक्रमण से बचाने का भी उपाय किया गया है। एक ट्रॉली को पांच सेकंडेंड में ट्रांसपोर्ट फ्री किया जाएगा। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी नजर रखी जाएगी। डायल के अनुसार, हवा की गुणवत्ता व परिसर को संक्रमण मुक्त करने के लिए 700 यूवीमंड लगाए गए हैं। 336 अटैची ब्रांड सैनिटाइजर डिस्पेंसर जगह-जगह लगाए गए हैं।

कई तरह की योजनाएं तैयार हैं

विमानों के संचालन के लिए कई तरह की योजनाएं भी तैयार की गई हैं। बंदरगाह स्रोतों के अनुसार, दिनों में 30 प्रतिशत विमानों का संचालन किया जाएगा। परिस्थिति की समीक्षा के बाद धीरे-धीरे संख्या बढ़ाई जाएगी। सभी टर्मिनल पर उन स्थानों की पहचान की जा रही है, जहां यात्रियों को परेशानी होती है। उनकी सहूलियत के लिए कर्मचारी तैनात रहेंगे। सोशल डिस्टेंसिंग पर निगा भी रखेंगे।

प्रवेश के दौरान कॉन्टैक्टलेस सिस्टम तैयार किया गया है, इसलिए कोई भी यात्री एक-दूसरे के संपर्क में सक्षम नहीं है। रविवार को दिल्ली टर्मिनल पर नागर विमानन महानिदेशालय, ब्यूरो ऑफ सिविल एविशन सिक्योरिटी ऑफिस, भारतीय रेलवे के टर्मिनल अथॉरिटी ऑफ इंडिया, एसएफएफ व टर्मिनल संचालित करने वाली दिल्ली इंटरनेशनल टर्मिनल लिमिटेड की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया।





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