• के-लीग के इस सीजन का पहला दौर जियोनबुक मोटर्स के लिए ली डोंग-गोक ने किया
  • पहली बार 20 देशों की तुलना में लाइव दिखाया जा रहा है, यू-ट्यूब पर भी स्ट्रीमिंग की गई

दैनिक भास्कर

08 मई, 2020, 07:59 PM IST

दक्षिण कोरिया में आज से के-लीग की शुरुआत हो गई है। कोरोनावायरस के बीच शुरू होने वाला यह पहला फुटबॉल टूर्नामेंट है। खाली स्टेडियम में खेले गए सीजन के पहले मैच में मौजूद टेनिस जियोनबुक मोटर्स ने सुवॉन ब्लूविंग्स को 1-0 से जीत दिलाई है।

के-लीग के इस सीजन का पहला दौर जियोनबुक मोटर्स के लिए ली डोंग-गोक ने किया है। यह सफलता उन्होंने मैच के 83 वें मिनट में हासिल की। मैच में सबसे ज्यादा 59 प्रतिशत पजेशन सुवॉन के पास हो रहा है, लेकिन टीम का कोई भी खिलाड़ी इसका फायदा नहीं उठा सका।

जियोन्जू स्टेडियम में खेला गया मैच
यह जियोन्जु स्टेडियम में होगा। 2002 में जब जोन्स और जापान ने संयुक्त रूप से फुटबॉल विश्व कप की बुकिंग की थी तो इस शहर में मुकाबला हुआ था। तीन दिन पहले ही देश में प्रोफेशनलबॉल लीग शुरू हुई है।

पिछले साल 6 देशों में मैच लाइव दिखाया गया था
जानने के फुटबॉल फैन्स के लिए अच्छी खबर है कि इस से के अलावा बाकी सभी मैच की यू-ट्यूब और ट्वीटर पर लाइव स्ट्रीमिंग होगी। इसके अलावा पहली बार 20 देशों में लाइव दिखाए जाने की तुलना में। इसमें जर्मनी, स्विट और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। इस बार के लीग में इन देशों के बड़े कार्कास्टर्स से लाइव मैच दिखाने का समझौता किया गया है। पिछले साल सिर्फ 6 देशों को भी-लीग के अवशेष बेचे गए थे और सभी एशिया महाद्वीप के ही थे।

विदेशों में मैच दिखाने से के-लीग की लोकप्रियता बढ़ेगी
इस मौके पर के-लीग के प्रवक्ता ली जॉन्ग ने कहा कि कॉम्पीटिटिव सॉक्स के बावजूद के-लीग की दुनिया में पहचान उतनी बुलंद नहीं थी। इसकी एक वजह यह भी थी कि हमारे पास आंतरिक दर्शक नहीं थे। लेकिन इस बार 20 देशों में लाइव दिखाए जाने की तुलना में। इससे के-लीपुलर होगा।

खिलाड़ियों का मेडिकल परीक्षण होगा
लीग में सभी टीमों को सेफ्टी गाइडलाइन का पालन करना होगा। खिलाड़ियों को गोल के बाद जश्न मनाने की छूट नहीं होगी और न ही वे एक-दूसरे से बात कर सकते हैं। सभी दर्शकों के बिना दर्शकों के खाली स्टेडियम में ही होंगे। इसके अलावा, खिलाड़ी, कोचिंग स्टाफ और मैच ऑफिशियल्स का मेडिकल परीक्षण होगा।

हर मैच से पहले तापमान चेक होगा
हर मैच से पहले खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ का तापमान चेक किया जाएगा। पहला मैच में भी यही किया गया। अगर यह 37.5 डिग्री सेल्सियस (99.5 फारेनहाइट) से ज्यादा हुआ तो संबंधित खिलाड़ी या स्टाफ को आइसोलेट किया जाएगा और उनका कोरोना टेस्ट होगा। प्री-मैच प्रैक्टिस सेशन में भी खिलाड़ी एकडूसरे से हाथ नहीं मिला होगा। उन्हें दूर से सिर झुकाकर एकदूसरे का सम्मान करने की इजाजत है।





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *