राष्ट्रपति जॉन मागगुलुली
– फोटो: ट्विटर

ख़बर सुनता है

वैश्विक महामारी कोरोनावायरस से प्रभावित पूर्वी अफ्रीकी देश तंजानिया में चीनी जांच किट से परीक्षण करने पर बकरी और फल भी कोरोनाशक पाए गए हैं। इस तरह के नतीजे सामने आने के बाद राष्ट्रपति जॉन मग ग्राफुली ने कहा कि जांच किट सही नहीं है और इसकी जांच की जानी चाहिए।

बकरी और एक विशेष फल की जांच के बाद उनके नमूने रिलायंस में भेजे गए, लेकिन इस बात की जानकारी नहीं दी गई कि ये फल और बकरी के नमूने हैं। जब ये जांच की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई तब जाकर इस बात का खुलासा हुआ।

राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने तंजानिया के सुरक्षा बलों को किट की गुणवत्ता की जांच करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि फल और बकरी के नमूने को विभाजित -19 से हानिकारक पाए गए हैं। इसका मतलब यह था कि कुछ लोग पॉजिटिव पाए जा रहे थे, जबकि वास्तव में वे कोरोनावायरस से आशंकित नहीं थे। राष्ट्रपति माग प्रोपुली ने कहा कि मैंने पहले भी कहा था कि हमें चीन की हर सहायता को स्वीकार नहीं करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि इन किट्स की जांच होनी चाहिए।

दरअसल, तंजानिया एकलौता ऐसा देश नहीं है जहां चीन ने ऐसा गलत किया है बल्कि दुनिया के तमाम देशों के साथ चीन ने इस संकट की घड़ी में इतनी घिनौना मजाक किया है। इससे पहले भारत में चीन ने जो बैगई किट भेजा था उसमें से लगभग एक चौथाई क्वालिटी टेस्ट में ही पास नहीं पाए गए थे। 5 अप्रैल तक भारत में चीन से लगभग 1.7 लाख बैगई किट की सप्लाई की गई थी, जिसमें से 50,000 किट क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गए थे।

खाना पकाने के लिए महिलाओं के अंडरवियर से मुखौटा की शोपियां बनी
भारत ही नहीं इन घटिया मेडिकल कीटो की सप्लाई यूरोप सहित कई जगह पर की गई है। सोशल मीडिया पर इस तरह के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें चीन के सेंड बैगी किट पहनने वाले फट जा रहे हैं, वहीं स्कल्स के नाम पर भी चीन ने शर्मनाक हरकत की है चीन ने अपने दोस्त पाकिस्तान देश को घटिया माल भेज दिया था, कोरोना संदीप के बीच चीन ने पाक को महिलाओं के अंडरवियर से बने मुखौटे की सप्लाई की थी।

चीन ने इटली को धोखा दिया
चीन ने पड़ोसी देश नेपाल तक को नहीं छोड़ा। अप्रैल की शुरुआत में ही नेपाल सरकार ने चीन की एक कंपनी के साथ कोरोनावायरस टेस्टिंग और पीसीबीई किट खरीदने के लिए एक बड़ी खरीद को रद्द कर दिया था। वही इटली के साथ भी चीन ने घिनौना मजाक किया है। जब चीन के वुहान शहर में कोरोनावायरस से हालात खराब थे तो इटली ने चीन को बड़े पैमाने पर मेडिकल सप्लाई दान किया था और जब बाद में इटली खुद वायरस की चपेट में आया तो चीन ने उसी सप्लाई को बिल के साथ इटली में भेज दिया। इसके अलावा जो उन्होंने अपने यहाँ से सप्लाई भेजी थी वह बहुत ही घटिया क्वालिटी की थी।

यूरोप के देशों को भी घटिया क्वालिटी का सप्लाई भेजा गया
इटली के अलावा यूरोप के देशों में भी चीन ने यही किया है स्पेन, तुर्की, जॉर्जिया, चेक रिपब्लिक और नीदरलैंड में चीन से आया मेडिकल सप्लाई के खराब क्वालिटी की वजह से उसे खारिज कर दिया। जिसमें बड़े पैमाने पर पहलू और थोकई किट्टी थे। चीन ने मेक्सिको को भी नहीं बख्शा 17 अप्रैल को चीन से आया ग्लब्स, मास्क, गाउन सहित मेडिकल सप्लाई को उन्होंने यह कह कर खारिज कर दिया कि यह बहुत ही घटिया क्वालिटी के हैं।

वैश्विक महामारी कोरोनावायरस से प्रभावित पूर्वी अफ्रीकी देश तंजानिया में चीनी जांच किट से परीक्षण करने पर बकरी और फल भी कोरोनाशक पाए गए हैं। इस तरह के नतीजे सामने आने के बाद राष्ट्रपति जॉन मग ग्राफुली ने कहा कि जांच किट सही नहीं है और इसकी जांच की जानी चाहिए।

बकरी और एक विशेष फल की जांच के बाद उनके नमूने रिलायंस में भेजे गए, लेकिन इस बात की जानकारी नहीं दी गई कि ये फल और बकरी के नमूने हैं। जब ये जांच की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई तब जाकर इस बात का खुलासा हुआ।

राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने तंजानिया के सुरक्षा बलों को किट की गुणवत्ता की जांच करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि फल और बकरी के नमूने को विभाजित -19 से हानिकारक पाए गए हैं। इसका मतलब यह था कि कुछ लोग पॉजिटिव पाए जा रहे थे, जबकि वास्तव में वे कोरोनावायरस से आशंकित नहीं थे। राष्ट्रपति माग प्रोपुली ने कहा कि मैंने पहले भी कहा था कि हमें चीन की हर सहायता को स्वीकार नहीं करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि इन किट्स की जांच होनी चाहिए।

दरअसल, तंजानिया एकलौता ऐसा देश नहीं है जहां चीन ने ऐसा गलत किया है बल्कि दुनिया के तमाम देशों के साथ चीन ने इस संकट की घड़ी में इतनी घिनौना मजाक किया है। इससे पहले भारत में चीन ने जो बैगई किट भेजा था उसमें से लगभग एक चौथाई क्वालिटी टेस्ट में ही पास नहीं पाए गए थे। 5 अप्रैल तक भारत में चीन से लगभग 1.7 लाख बैगई किट की सप्लाई की गई थी, जिसमें से 50,000 किट क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गए थे।

खाना पकाने के लिए महिलाओं के अंडरवियर से मुखौटा की शोपियां बनी
भारत ही नहीं इन घटिया मेडिकल कीटो की सप्लाई यूरोप सहित कई जगह पर की गई है। सोशल मीडिया पर इस तरह के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें चीन के सेंड बैगी किट पहनने वाले फट जा रहे हैं, वहीं स्कल्स के नाम पर भी चीन ने शर्मनाक हरकत की है चीन ने अपने दोस्त पाकिस्तान देश को घटिया माल भेज दिया था, कोरोना संदीप के बीच चीन ने पाक को महिलाओं के अंडरवियर से बने मुखौटे की सप्लाई की थी।

चीन ने इटली को धोखा दिया
चीन ने पड़ोसी देश नेपाल तक को नहीं छोड़ा। अप्रैल की शुरुआत में ही नेपाल सरकार ने चीन की एक कंपनी के साथ कोरोनावायरस टेस्टिंग और पीसीबीई किट खरीदने के लिए एक बड़ी खरीद को रद्द कर दिया था। वही इटली के साथ भी चीन ने घिनौना मजाक किया है। जब चीन के वुहान शहर में कोरोनावायरस से हालात खराब थे तो इटली ने चीन को बड़े पैमाने पर मेडिकल सप्लाई दान किया था और जब बाद में इटली खुद वायरस की चपेट में आया तो चीन ने उसी सप्लाई को बिल के साथ इटली में भेज दिया। इसके अलावा जो उन्होंने अपने यहाँ से सप्लाई भेजी थी वह बहुत ही घटिया क्वालिटी की थी।

यूरोप के देशों को भी घटिया क्वालिटी का सप्लाई भेजा गया
इटली के अलावा यूरोप के देशों में भी चीन ने यही किया है स्पेन, तुर्की, जॉर्जिया, चेक रिपब्लिक और नीदरलैंड में चीन से आया मेडिकल सप्लाई के खराब क्वालिटी की वजह से उसे खारिज कर दिया। जिसमें बड़े पैमाने पर पहलू और थोकई किट्टी थे। चीन ने मेक्सिको को भी नहीं बख्शा 17 अप्रैल को चीन से आया ग्लब्स, मास्क, गाउन सहित मेडिकल सप्लाई को उन्होंने यह कह कर खारिज कर दिया कि यह बहुत ही घटिया क्वालिटी के हैं।





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *