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अफ्रीकी मूल के अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड के परिजनों और दोस्तों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने की तैयारी शुरू कर दी है। आज उनका अंतिम संस्कार होगा। ह्यूस्टन निवासी 46 वर्षीय जॉर्ज का पार्थिव शरीर उनके शहर पहुंच चुका है। शहर के पुलिस प्रमुख ने जानकारी दी कि जॉर्ज का परिवार शहर में पूरी तरह से सुरक्षित है।

पुलिस प्रमुख आर्ट ऐसवेदो ने बताया कि जॉर्ज फ्लॉयड को उनकी मां के बगल में दफनाया जाएगा। इस बीच, पूर्व उप राष्ट्रपति जो बिडेन ने कहा कि वे ह्यूस्टन में फ्लॉयड के परिवार के साथ मुलाकात करेंगे। हालांकि बिडेन अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे। वे फ्लॉयड की अंतिम संस्कार के लिए एक वीडियो संदेश भी देंगे।

अंतिम संस्कार से पहले लोगों ने फ्लॉयड का अंतिम दर्शन किया। अंतिम संस्कार में केवल आमंत्रित लोग ही हिस्सा ले सकेंगे। दोनों कार्यक्रम एक ही चर्च में होंगे। मेयर सिल्वेस्टर टर्नर ने कहा कि सभी मेहमानों को यहां 10 मिनट से अधिक रहने की अनुमति नहीं होगी। अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों को शारीरिक दूरी बनाए रखने और मास्क और दस्ताने पहनने की आवश्यकता होगी।

  •  पुलिस ने हटाए बैरीकेट, रात भर चला मार्च

 पुलिस ने कई जगहों से बैरिकेट हटाने की कार्रवाई की ताकि प्रदर्शनकारी मेनहट्टन मिडटाउन में ट्रंप इंटरनेशनल होटल और टॉवर तक जा सकें। इस बीच कर्फ्यू से मिली राहत के बाद प्रदर्शनकारी पूरी रात पुलिस बर्बरता के खिलाफ मार्च करते रहे। मेयर बिल डे ब्लासियो ने आठ बजे से ही कर्फ्यू हटा लिया था। बता दें कि शहर में कुछ दिनों पूर्व झड़प और तोड़फोड़ हुई थी।

  • ‘नस्लवाद से बदसूरत कुछ भी नहीं’

अमेरिका के मिनेसोटा में अफ्रीकन अमेरिकन व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद पूरा शहर न्याय की मांग में प्रदर्शन कर रहा है। ऐसे में हॉलीवुड के सितारे भी अपनी आवाज उठा रहे हैं। इस बीच पूर्व अमेरिकन पॉप सिंगर प्रिंस के साम्राज्य की ओर से एक संदेश जारी किया गया है। 7 जून को लिखे गए पत्र में उन्होंने लिखा कि नस्लवाद में असहिष्णुता से बदसूरत कुछ भी नहीं है।

  • दुर्व्यवहार  की संस्कृति से लड़ें : बीबर

मशहूर अमेरिकी गायक जस्टिन बीबर ने नस्लीय अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने की शपथ ली है। उन्होंने कहा, मेरा फैशन, मेरा गाना सब इसी संस्कृति से प्रभावित और प्रेरित हुआ है। मैं पूरी तरह इस नस्लवाद के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार हूं।

इस पूरे मामले की शुरुआत एक दुकानदार द्वारा 20 डॉलर के जाली नोट के इस्तेमाल के बारे में फ्लॉयड खिलाफ पुलिस को सूचना दी गई। बता दें कि 25 मई की शाम को जॉर्ज ने एक किराने की दुकान से सिगरेट खरीदा था। उस वक्त दुकान में मौजूद दुकानदार को लगा कि जॉर्ज जाली नोट दे रहे हैं और उसने इसकी सूचना देने के लिए पुलिस को लगभग आठ बजकर एक मिनट के करीब फोन किया था।

दुकानदार ने पुलिस को कॉल कर कहा कि मैं फ्लॉयड नाम के शख्स से वापस सिगरेट मांग रहा हूं तो वे देना नहीं चाह रहे हैं। उस स्टाफ ने यह भी कहा कि जॉर्ज ने बहुत अधिक शराब पी रखी है और अपने काबू में नहीं हैं।  इस कॉल के कुछ ही देर के बाद करीब आठ बजकर आठ मिनट पर दो पुलिस वाले वहां पहुंच गए। जॉर्ज फ्लॉयड दो अन्य लोगों के साथ किनारे खड़ी गाड़ी में बैठे हुए थे।

उनमें से एक पुलिस अधिकारी थॉमस लेन ने कार की ओर बढ़ते हुए अपनी बंदूक निकाल ली और फ्लॉयड को हाथ खड़ा करने को कहा। हालांकि अभियोजन पक्ष ने यह जरूर कहा कि थॉमस लेन ने जॉर्ज का हाथ पकड़कर उन्हें कार से बाहर खींचा था और फिर तब फ्लॉयड ने हथकड़ी लगाए जाने का विरोध कर रहे थे।

थॉमस लेन का कहना है कि वो जाली नोट के इस्तेमाल को लेकर जॉर्ज को गिरफ्तार कर रहे थे लेकिन जॉर्ज इसका लगातार विरोध कर रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक जॉर्ज जमीन पर गिर गए और पुलिस से छोड़ने की गुहार लगाने लगे। तभी वहां डेरेक पहुंचते हैं और दूसरे पुलिस अधिकारियो के साथ मिलकर फ्लॉयड को पुलिस कार में बिठाने की कोशिश करते हैं।

इस कोशिश के दौरान आठ बजकर 19 मिनट पर डेरेक चाउविन जॉर्ज को घुटने टेककर दबा देते है। वो वहीं फ्लॉयड हथकड़ी बंधे मुंह के बल जमीन पर गिरे रहते हैं। तभी वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने उनका वो वीडियो बनाना शुरू कर दिया जो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया गया है। जब डेरेक गर्दन दबाए हुए थे तब दूसरे पुलिस वाले जॉर्ज को पकड़ रखे थे।

इस दौरान फ्लॉयड कह रहे थे कि मुझे सांस नहीं आ रही है। वो अपनी मां का वास्ता दे रहे थे और फिर से खुद को छोड़ने की गुहार लगा रहे थे। करीब आठ बजकर 27 मिनट पर डेरेक ने उनकी गर्दन से अपना घुटना हटाया। इसके बाद शांत हो गए जॉर्ज को अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें एक घंटे के बाद मृत घोषित कर दिया गया।

सार

  • 25 मई की शाम पुलिस की बर्बरता के कारण जॉर्ज फ्लॉयड की हुई थी मौत
  • फ्लॉयड पर जाली नोट के इस्तेमाल का लगा था आरोप
  • आज होगा अब अंतिम संस्कार, कई जगह प्रदर्शन जारी

विस्तार

अफ्रीकी मूल के अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड के परिजनों और दोस्तों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने की तैयारी शुरू कर दी है। आज उनका अंतिम संस्कार होगा। ह्यूस्टन निवासी 46 वर्षीय जॉर्ज का पार्थिव शरीर उनके शहर पहुंच चुका है। शहर के पुलिस प्रमुख ने जानकारी दी कि जॉर्ज का परिवार शहर में पूरी तरह से सुरक्षित है।

पुलिस प्रमुख आर्ट ऐसवेदो ने बताया कि जॉर्ज फ्लॉयड को उनकी मां के बगल में दफनाया जाएगा। इस बीच, पूर्व उप राष्ट्रपति जो बिडेन ने कहा कि वे ह्यूस्टन में फ्लॉयड के परिवार के साथ मुलाकात करेंगे। हालांकि बिडेन अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे। वे फ्लॉयड की अंतिम संस्कार के लिए एक वीडियो संदेश भी देंगे।

अंतिम संस्कार से पहले लोगों ने फ्लॉयड का अंतिम दर्शन किया। अंतिम संस्कार में केवल आमंत्रित लोग ही हिस्सा ले सकेंगे। दोनों कार्यक्रम एक ही चर्च में होंगे। मेयर सिल्वेस्टर टर्नर ने कहा कि सभी मेहमानों को यहां 10 मिनट से अधिक रहने की अनुमति नहीं होगी। अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों को शारीरिक दूरी बनाए रखने और मास्क और दस्ताने पहनने की आवश्यकता होगी।

  •  पुलिस ने हटाए बैरीकेट, रात भर चला मार्च

 पुलिस ने कई जगहों से बैरिकेट हटाने की कार्रवाई की ताकि प्रदर्शनकारी मेनहट्टन मिडटाउन में ट्रंप इंटरनेशनल होटल और टॉवर तक जा सकें। इस बीच कर्फ्यू से मिली राहत के बाद प्रदर्शनकारी पूरी रात पुलिस बर्बरता के खिलाफ मार्च करते रहे। मेयर बिल डे ब्लासियो ने आठ बजे से ही कर्फ्यू हटा लिया था। बता दें कि शहर में कुछ दिनों पूर्व झड़प और तोड़फोड़ हुई थी।

  • ‘नस्लवाद से बदसूरत कुछ भी नहीं’

अमेरिका के मिनेसोटा में अफ्रीकन अमेरिकन व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद पूरा शहर न्याय की मांग में प्रदर्शन कर रहा है। ऐसे में हॉलीवुड के सितारे भी अपनी आवाज उठा रहे हैं। इस बीच पूर्व अमेरिकन पॉप सिंगर प्रिंस के साम्राज्य की ओर से एक संदेश जारी किया गया है। 7 जून को लिखे गए पत्र में उन्होंने लिखा कि नस्लवाद में असहिष्णुता से बदसूरत कुछ भी नहीं है।

  • दुर्व्यवहार  की संस्कृति से लड़ें : बीबर

मशहूर अमेरिकी गायक जस्टिन बीबर ने नस्लीय अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने की शपथ ली है। उन्होंने कहा, मेरा फैशन, मेरा गाना सब इसी संस्कृति से प्रभावित और प्रेरित हुआ है। मैं पूरी तरह इस नस्लवाद के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार हूं।


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