• ज्यूरिख में 1968 में ऐसी जगह प्रचलित थी, जहाँ जाकर कुछ कर सकते थे
  • ज्यूरिख के एक स्पोर्ट्स क्लब ने 1968 में इसे बनाया था, खिलाड़ी यहीं प्रशिक्षण करते थे

नोएल इलियन

07 मई, 2020, 05:58 बजे IST

ज्यूरिख ()। बुकिंग में कोरोना के कहर की वजह से लॉकडाउन है। हालांकि, कई जगह में ढील मिला है। अभी तक इस तरह की छूट नहीं है और जिम से लेकर बाजार तक बंद हैं। ऐसे में लोग फिट के लिए 50 साल पुरानी व्यायामशालाओं की तरफ लौट रहे हैं।

ज्यूरिख में 1968 में ऐसी जगह प्रचलित थी, जहाँ जाकर ठहरें और अन्य शारीरिक क्रियाओं कर सकते थे। लॉकडाउन की वजह से लोग फिर इन जगहों पर पहुंच रहे हैं। इन में से 58 वर्ष की फिट ट्रेनर बीट शाल्टर हैं। वे एक रेस्तरां में एक्जीक्यूटिव हैं। वे बताते हैं, ‘मैं सप्ताह में 5 दिन फिट प्रशिक्षण करता हूं, लेकिन सब कुछ बंद है। ऐसे में इन पुराने तरीकों को आजमाने का फैसला किया है।)

में उन स्थानों को विटापार्कोर्स या पार्कोर्स ने कहा है
सिबली हर्लिमान तो कोरोना के पहले से ही यहाँ हर सप्ताह आते थे। वे कहती हैं, ‘ताजी हवा में व्यायाम करने में मजा आता है। लोग यहां मॉर्निंग वॉक के लिए आते हैं, लेकिन 16 मार्च को लॉकडाउन के बाद से यहां भीड़ बढ़ी है। ‘ 1968 में ज्यूरिख के एक स्पोर्ट्स क्लब ने इसे बनाया था। खिलाड़ी यहीं प्रशिक्षण करते थे। में उन स्थानों को विटापार्कोर्स या पार्कोर्स ने कहा है।

अब कोविड -19 ने लोगों को एक बार फिर इनकी ओर मोड़ दिया है
धीरे-धीरे यह पड़ोसी देश जर्मनी में भी पहुँच गया। वहाँ इस तरह के निकास सर्किट को ट्रिम-डीच-पफेड नाम दिया गया है, जिसका मतलब है- फ़िट होने का रास्ता। इसे एक क्लब ने शुरू किया था, जिसे आज जर्मन स्पोर्ट्स फेडरेशन के नाम से जाना जाता है। 1970 के दशक में इन सर्किटों पर लाखों यूरोपियन एक्सरसाइज करते थे। कमर्शियल जिम शुरू होने से पहले ये काफी व्यस्त रहे थे। अब कोविड -19 ने लोगों को एक बार फिर इनकी ओर मोड़ दिया है।

शरीर को लचीला, संयोजनिला बनाने वाले 15 स्टॉप, तरीके भी लिखित हैं
ये व्यायामशालाएँ या विटापारकोर्स लगभग 3 किमी तक फैली हैं, जिनमें आधुनिक जिम जैसे कई उपकरण लगे हुए हैं। इन शरीर को ताकत, और गठिला बनाने वाले 15 से ज्यादा स्टॉप हैं। हर स्टॉप पर उपकरण के इस्तेमाल का तरीका और बहुत बार करना है, यह जानकारी दी गई है। सीट-अप, पुल-अप और बेंच प्रेस जैसे कामों के लिए लकड़ी से बने उपकरण लगे हुए हैं।





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