• रनवे पर मिले रगड़ने के निशान, जांचकर्ताओं ने कहा- इसी वजह से इंजन में खराबी आई होगी
  • पाकिस्तान के के नागरिक उड्‌डयन प्राधिकरण (सीएए) ने तैयार की रिपोर्ट, ब्लैक बॉक्स की जांच शुरू

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 09:34 PM IST

कराची. पाकिस्तान के कराची में शुक्रवार को हुए विमान हादसे की शुरुआती रिपोर्ट में प्लेन ऑपरेशन को लेकर कई  सवाल सामने आए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसी क्या वजह थी, जिससे कॉकपिट में बैठे क्रू मेंबर एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (एटीसी) को वक्त पर जानकारी नहीं दे पाए।

जियो न्यूज के अनुसार पाकिस्तान के जांचकर्ता पीआईए (पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस) के प्लेन हादसे की जांच कर रहे हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या हादसा पायलट की गलती से हुआ? या कोई तकनीकी खामी थी।

तीन बार रनवे को छुआ
 सीएए की रिपोर्ट के अनुसार, फ्लाइट ने जिन्ना नेशनल एयरपोर्ट पर उतरने की पहली कोशिश में तीन बार रनवे को छुआ था। रनवे पर रगड़ के साथ चिंगारी भी भड़की थी। तीसरी बार रनवे छूने के बाद पायलट ने प्लेन को फिर से हवा में उठा लिया। सबसे अजीब बात यह है कि इस दौरान कॉकपिट में मौजूद क्रू ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को कोई जानकारी नहीं। ऐसी स्थिति में प्लेन के आटोमैटेड इमरजेंसी सिस्टम बंद हो जाते हैं। तेज अलार्म बजने लगता है। इसको अनदेखा करना असंभव है।

रगड़ से इंजन के खराब होने की आशंका
‘द न्यूज इंटरनेशनल’ ने सीएए के सूत्रों के हवाले से बताया कि संभवत: जब विमान जमीन से रगड़ खाया होगा तो इंजन का ऑयल और फ्यूल पंप खराब हो गए होंगे। इनमें लीकेज हुई होगी। इसके चलते पायलट को विमान ऊंचा ले जाने के लिए जरूरी थ्रस्ट नहीं मिला होगा। पायलट ने पहली बार लैंडिंग के दौरान एटीसी को किसी खराबी की जानकारी नहीं दी। और खुद गो-अराउंड (गोल चक्कर) का फैसला लिया। इसके बाद एटीसी को जानकारी दी गई।

इंजन में खराबी
एटीसी ने पायलट को विमान को तीन हजार फीट की ऊंचाई पर ले जाने को कहा था, लेकिन वह केवल 1800 फीट की ऊंचाई तक ही ले जा पाया। इसके बाद जब फिर से कहा गया तो फर्स्ट ऑफिसर (पायलट) ने कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं। जांचकर्ताओं ने बताया कि इंजन में खराबी की वजह से प्लेन उतनी उंचाई पर नहीं पहुंच पाया। इसके बाद प्लेन झुका और दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
 
ब्लैक बॉक्स की जांच शुरू की गई
पीआईए के सीईओ अरशद मलिक ने बताया है कि विमान का ब्लैक बॉक्स जांच टीम को दे दिया गया है। पीआईए के इंजीनियरिंग और मेंटीनेंस डिपार्टमेंट के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त विमान की दो महीने पहले जांच की गई थी और इसने दुर्घटना से एक दिन पहले मस्कट से लाहौर के लिए उड़ान भरी थी।

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