अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
अपडेटेड मैट, 06 मई 2020 11:22 AM IST

शव घर पहुंचा।
– फोटो: अमर उजाला

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जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में आतंकी हमले में शहीद हुए गाजीपुर के अश्वनी कुमार यादव का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 11 बजे उनके पैतृक गांव हलदौद पहुंच गया है। पार्थिव शरीर के पहुंचते ही गांव वालों की आखें नम हो गई।
मौसम खराब होने के कारण शहीद अश्वनी कुमार का पार्थिव शरीर मंगलवार की शाम दिल्ली से वाराणसी नहीं लाया जा रहा था। जम्मू कश्मीर से सेना के हेलीकॉप्टर द्वारा शहीद का पार्थिव शरीर दिल्ली पहुंचा। केवल आंधी और बारिश की सूचना मिलने पर आगे की यात्रा सुरक्षित रखना पड़ी। बुधवार की सुबह साढ़े 7 बजे ऑनलाइन प्लेन से पार्थिव शरीर वाराणसी लाया गया। वहां से सड़क मार्ग द्वारा सुबह 11 बजे गाजीपुर में पैतृक गांव हल्दौद पहुंच गए।

नोनहरा थाना क्षेत्र के चकदौद गांव निवासी राम सिंह के बेटे शहीद अश्वनी कुमार का परिवार सहित पूरा क्षेत्र इंतजार कर रहा था। शहीद को याद कर लोगों की आंखें नम हो गई हैं। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। शहीद के परिजनों को सांत्वना देने के लिए जिले के आला अधिकारी भी मंगलवार की रात घर पहुंचे हैं।

शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों लोग शहीद के गांव चकदौद में सुबह ही इकट्ठा हो गए। लॉकडाउन के बावजूद आम जनता के साथ सभी दलों के जनप्रतिनिधि तक मौजूद हैं। शहीद के सम्मान में आसपास के बाजार बंद रहे।

जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा के काजियाबाद इलाके में सोमवर को आतंकी हमले में गाजीपुर के सीआरपीएफ जवान अश्वनी कुमार यादव शहीद हो गए। वर्ष 2005 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए अश्विनी कुमार अपने तीन पुलिस में सबसे बड़े थे। पिता के निधन के बाद घर की जिम्मेदारी उन पर ही थी। घर में अश्वनी की मां लालमुनी, पत्नी अंशु देवी, दो बच्चे दो बच्चे आयशा यादव (6) व आदित्य यादव (4) हैं। इसके अलावा दो छोटे भाई अंजनी यादव व श्याम यादव हैं।

जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में आतंकी हमले में शहीद हुए गाजीपुर के अश्वनी कुमार यादव का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 11 बजे उनके पैतृक गांव हलदौद पहुंच गया है। पार्थिव शरीर के पहुंचते ही गांव वालों की आखें नम हो गई।

मौसम खराब होने के कारण शहीद अश्वनी कुमार का पार्थिव शरीर मंगलवार की शाम दिल्ली से वाराणसी नहीं लाया जा रहा था। जम्मू कश्मीर से सेना के हेलीकॉप्टर द्वारा शहीद का पार्थिव शरीर दिल्ली पहुंचा। केवल आंधी और बारिश की सूचना मिलने पर आगे की यात्रा सुरक्षित रखना पड़ी। बुधवार की सुबह साढ़े 7 बजे ऑनलाइन प्लेन से पार्थिव शरीर वाराणसी लाया गया। वहां से सड़क मार्ग द्वारा सुबह 11 बजे गाजीपुर में पैतृक गांव हल्दौद पहुंच गए।

नोनहरा थाना क्षेत्र के चकदौद गांव निवासी राम सिंह के बेटे शहीद अश्वनी कुमार का परिवार सहित पूरा क्षेत्र इंतजार कर रहा था। शहीद को याद कर लोगों की आंखें नम हो गई हैं। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। शहीद के परिजनों को सांत्वना देने के लिए जिले के आला अधिकारी भी मंगलवार की रात घर पहुंचे हैं।





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