• लद्दाख में चीन के साथ गालवन नाला, डेमचौक और पैंगोंग त्सो झील में टकराव है
  • 5 मई को दोनों देशों के 200 सैनिक आमने सामने आ गए, 12 जख्मी भी हुए

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 03:39 PM IST

नई दिल्ली. भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चल रहे विवाद के बीच सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे ने शनिवार को लद्दाख का दौरा किया। यहां उन्होंने टॉप फील्ड कमांडरों के साथ बैठक की और हालात का जायजा लिया।

सूत्रों के मुताबिक, लद्दाख में चीन के साथ तीन जगह- गालवन नाला, डेमचौक और दौलत बेग और पैंगोंग त्सो झील में तनाव है। गालवन नाला में दोनों देशों के 300-300 सैनिक आमने-सामने हैं। इस इलाके पर चीन अपना दावा कर रहा है। भारतीय सेना के फील्ड कमांडर चीन के कमांडरों से बात कर रहे हैं और मामले का हल निकालने की कोशिश की जा रही है।

सीमा पर दोनों देशों ने सैनिक बढ़ाए  
पिछले दिनों लद्दाख की पैंगोंग त्सो झील और गालवन घाटी में दोनों देशों ने सैनिकों की संख्या बढ़ा दी थी। यहां पिछले दो हफ्ते से टकराव बना हुआ है। इसे लेकर ब्रिगेड कमांडरों की फ्लैग मीटिंग भी हुई, लेकिन बेनतीजा रही। चीन की इस हरकत पर भारत के सेना के टॉप अफसर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उधर, अमेरिका ने भी कहा था है कि चीनी सैनिकों का आक्रामक बर्ताव खतरे की तरफ इशारा करता है।

भारत के सड़क बनाने से टकराव शुरू हुआ 

  • दोनों देशों के बीच टकराव की स्थिति पैंगोंग त्सो झील के पास भारत के सड़क निर्माण से शुरू हुई। दरअसल, लद्दाख के पूर्वी इलाके में आवागमन के लिए सड़क नेटवर्क को मजबूत कर रहा है। इस पर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने आपत्ति जताई। इसके बाद चीन ने इस इलाके में अपने जवानों की संख्या बढ़ाना शुरू कर दिया। भारत ने भी इस इलाके में तैनाती बढ़ा दी। 
  • भारत ने साफ किया है कि वह अपने इलाके में सड़क निर्माण कर रहा है। और यह ठीक वैसा ही जैसा चीन ने अपने इलाके में किया है। इसके बाद चीनी सैनिक इस इलाके में बने हुए हैं। चीनी सेना ने पैंगोंग त्सो झील में अपनी स्पीड बोट्स की मौजूदगी भी बढ़ा दी है। डेमचौक और दौलत बेग ओल्डी जैसे इलाकों में भी दोनों देशों के सैनिकों की संख्या में इजाफा हुआ है। 

हाल में दोनों सैनिकों के बीच कहां-कहां झड़प हुईं 

  • 5 मई, पूर्वी लद्दाख की पैंगोंग झील:  शाम के वक्त इस झील के उत्तरी किनारे पर फिंगर-5 इलाके में भारत-चीन के करीब 200 सैनिक आमने-सामने हो गए। भारत ने चीन के सैनिकों की मौजूदगी पर ऐतराज जताया। पूरी रात टकराव के हालात बने रहे। अगले दिन तड़के दोनों तरफ के सैनिकों के बीच झड़प हो गई। बाद में दोनों तरफ के आला अफसरों के बीच बातचीत के बाद मामला शांत हुआ।
  • 9 मई, नाकू ला सेक्टर:  यहां भारत-चीन के 150 सैनिक आमने-सामने हो गए थे। आधिकारिक तौर पर इसकी तारीख सामने नहीं आई। हालांकि, द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां झड़प 9 मई को ही हुई। गश्त के दौरान आमने-सामने हुए सैनिकों ने एक-दूसरे पर घूंसे चलाए। इस झड़प में 10 सैनिक घायल हुए। यहां भी बाद में अफसरों ने दखल दिया। फिर झड़प रुकी। 
  • 9 मई को ही लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास चीन की सेना के हेलिकॉप्टर दिखने के बाद भारतीय वायुसेना सतर्क हो गई। भारतीय वायुसेना ने भी सुखोई समेत दूसरे फाइटर जेट (लड़ाकू विमानों) से पेट्रोलिंग शुरू कर दी। एलएसी के पास चीन के हेलिकॉप्टर उसी दौरान देखे गए, जब उत्तरी सिक्किम के नाकू ला सेक्टर में चीनी सैनिकों और भारतीय सैनिकों में झड़प हुई थी। न्यूज एजेंसी एएनआई के सूत्रों के मुताबिक, चीन के हेलिकॉप्टरों ने एलएसी को क्रॉस नहीं किया, लेकिन पहले कई बार ऐसा हो चुका है।

.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *