पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
अपडेटेड शुक्र, 08 मई 2020 04:42 AM IST

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निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी मरकज में आए जमातियों मे से चार की कोरोना से मौत हो गई है। इनमें दो विदेशी और दो TN के रहने वाले थे। पहली मौत आरएमएल अस्पताल में टीएम के बुजुर्ग की हुई थी। स्वास्थ्य विभाग ने अपराध शाखा को सौंपी रिपोर्ट में इसका खुलासा किया है। मरकज से 30 मार्च के आसपास 2300 से ज्यादा जमाती निकाले गए थे।

इनमें से बड़ी संख्या में कोरोना पॉजिटीव पाए गए थे। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा वर्तमान में इस पर विचार कर रही है कि क्वारंटीन केंद्रों से छोड़ने के बाद जमाकर्ताओं के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।

अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य विभाग, दिल्ली सरकार और डिफेंस कॉलोनी एमडीएम से जमाकर्ताओं के बारे में डिटेल पूछा गया है। इसके अलावा उन सभी राज्यों से भी जानकारी मांगी गई है, जिनके यहां जमाती गई थीं। अपराध शाखा यह जानना चाहती है कि कैसे लोग निजीमुद्दीन स्थित तब्लीगी मरकज में आए थे। ये से कितने कोरोनार्ट हुए और कैसे की मौत हो गई है।

अपराध शाखा ये डेटा एकत्रित कर मौलाना मोहम्मद साद के खिलाफ लगाई गई गैर इरादतन हत्या के मामलें में पर्याप्त सबूत जुटाना चाहते हैं। दिल्ली पुलिस को स्वास्थ्य विभाग व डिफेंस कॉलोनी एसडीएम की रिपोर्ट मिल चुके हैं।

वहीं, एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि मरकज से करीब 2300 जमाती निकाले गए थे। निजामुद्दीन थाना पुलिस ने मरकज से जुड़ी जानकारी पहले ही अपराध शाखा को दे दी थी। पुलिस को अभी तक गृह मंत्रालय, दिल्ली सरकार व किसी भी राज्य से रिपोर्ट नहीं मिली है।

मरकज से लिए सैंपल की रिपोर्ट नहीं मिली
लॉकडाउन से रोहिणी स्थित एफएसएल के अधिकारी व कर्मचारी भी प्रभावित हुए हैं। इस कारण मरकज से लिए गए जैविक व अन्य सैंपल की रिपोर्ट पुलिस को नहीं मिली है। क्राइम ब्रांच के अधिकारी का कहना है कि रिपोर्ट लेने पुलिसकर्मी गए थे, लेकिन वहां कोई नहीं मिला।

निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी मरकज में आए जमातियों मे से चार की कोरोना से मौत हो गई है। इनमें दो विदेशी और दो TN के रहने वाले थे। पहली मौत आरएमएल अस्पताल में टीएम के बुजुर्ग की हुई थी। स्वास्थ्य विभाग ने अपराध शाखा को सौंपी रिपोर्ट में इसका खुलासा किया है। मरकज से 30 मार्च के आसपास 2300 से ज्यादा जमाती निकाले गए थे।

इनमें से बड़ी संख्या में कोरोना पॉजिटीव पाए गए थे। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा वर्तमान में इस पर विचार कर रही है कि क्वारंटीन केंद्रों से छोड़ने के बाद जमाकर्ताओं के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।

अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य विभाग, दिल्ली सरकार और डिफेंस कॉलोनी एमडीएम से जमाकर्ताओं के बारे में डिटेल पूछा गया है। इसके अलावा उन सभी राज्यों से भी जानकारी मांगी गई है, जिनके यहां जमाती गई थीं। अपराध शाखा यह जानना चाहती है कि कैसे लोग निजीमुद्दीन स्थित तब्लीगी मरकज में आए थे। ये से कितने कोरोनार्ट हुए और कैसे की मौत हो गई है।

अपराध शाखा ये डेटा एकत्रित कर मौलाना मोहम्मद साद के खिलाफ लगाई गई गैर इरादतन हत्या के मामलें में पर्याप्त सबूत जुटाना चाहते हैं। दिल्ली पुलिस को स्वास्थ्य विभाग व डिफेंस कॉलोनी एसडीएम की रिपोर्ट मिल चुके हैं।

वहीं, एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि मरकज से करीब 2300 जमाती निकाले गए थे। निजामुद्दीन थाना पुलिस ने मरकज से जुड़ी जानकारी पहले ही अपराध शाखा को दे दी थी। पुलिस को अभी तक गृह मंत्रालय, दिल्ली सरकार व किसी भी राज्य से रिपोर्ट नहीं मिली है।

मरकज से लिए सैंपल की रिपोर्ट नहीं मिली
लॉकडाउन से रोहिणी स्थित एफएसएल के अधिकारी व कर्मचारी भी प्रभावित हुए हैं। इस कारण मरकज से लिए गए जैविक व अन्य सैंपल की रिपोर्ट पुलिस को नहीं मिली है। क्राइम ब्रांच के अधिकारी का कहना है कि रिपोर्ट लेने पुलिसकर्मी गए थे, लेकिन वहां कोई नहीं मिला।





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