• आंतरिक खो-खो खिलाड़ी परविन निशा अपने कोच के साथ मिलकर केंद्र के जरूरतमंद खिलाड़ियों को राशन उपलब्ध करा रहे हैं
  • जम्मू-कश्मीर में फंसे मजदूरों के लिए मसीहा बने वूशू कोच फजल डार और उनकी टीम, घर-घर जाकर उपलब्ध करवा रही जरूरी चीजें

दैनिक भास्कर

23 मई, 2020, सुबह 06:10 बजे

खेल के मैदान पर लोहा मनवा चुके खिलाड़ी कोरोना के खिलाफ जंग में असहाय लोगों का सहारा बने हुए हैं। आंतरिक खो-खो खिलाड़ी परवीन निशा, किक बॉक्सर आशुतोष झा और जम्मू-कश्मीर के वुशू खिलाड़ी जबिना और कोच फैसल डार जरूरतमंदों को राशन और खाना पहुंच रहे हैं।

इस जंग में कई ऐसे खिलाड़ी भी आगे आए हैं, जो खुद भी कभी आर्थिक तंगी से जूझ चुके हैं। लेकिन अब लॉकडाउन में दूसरों की मदद कर रहे हैं। दरअसल, भारत में 31 मई तक लॉकडाउन का चौथा फेज लागू हो गया है।

परवीन ने नेपाल में हुए दक्षिण एशियाई खेलों में गोल्ड जीता था

परवीन निशा कोच सुमित भाटिया और अन्य सीनियर खिलाड़ियों के साथ मिलकर अपने केंद्र पर प्रशिक्षण करने वाले जरूरतमंद खिलाड़ियों की मदद कर रही हैं। वे अब तक तीन बार खिलाड़ियों को राशन दे चुके हैं। पहली बार 16, दूसरे बार 30 और तीसरे बार 15 खिलाड़ियों को राशन का पैकेट दिया। निशा लगातार दो दक्षिण एशियाई खेलों में मेडल जीत चुकी हैं। इस साल नेपाल में हुए दक्षिण एशियाई खेलों में भी उन्होंने गोल्ड जीता था।

परवीन भी आर्थिक तंगी देख चुकी हैं

खो-खो खिलाड़ी परविन ने बताया कि वे 7 बहनें और एक भाई हैं। उनके पिता दिल्ली और हरियाणा से सटे बॉर्डर बदरपुर में ही सरकारी स्कूल के पास वेज बिरयानी की रेहड़ी वाले हैं। परवीन ने कहा कि उन्होंने दर्द को महसूस किया है। कई बार उन्हें घर में राशन की भी कमी झेलनी पड़ी। खो-खो के कारण उन्हें लाइसेंस अथॉरिटी ऑफ इंडिया में जॉब मिला।

परवीन, कोच सहित अन्य खिलाड़ी जरूरतमंदों को घर जाना राशन दे रहे हैं

लॉकडाउन के कारण परविन के केंद्र पर प्रेक्टिस करने वाले कई खिलाड़ियों के घरों में चूल्हा जलना भी मुश्किल हो सकता है। इनमें से ज्यादातर खिलाड़ियों के पिता या तो रेहड़ी लगाते हैं या दिहाड़ी मजदूर हैं। परवीन, कोच सहित अन्य खिलाड़ी जरूरतमंदों के घर गो आटा, दाल, चीनी, तेल, मसाले और चावल जैसी जरूरत की चीजें पहुंच रही थीं।

परवीन, कोच सहित अन्य खिलाड़ी जरूरतमंदों को घर जाना राशन दे रहे हैं

कोलिटी के न्यू अलीपुर के रहने वाले आंतरिक किक बॉक्सर आशुतोष झा मंदिर और बस स्टेंड पर रहने वाले बेसहारा लोगों को रोज खाना खिलाने वाले हैं। आशुतोष ने बताया कि वे कॉलेज स्टूडेंट है। उनके पिताजी पंडित है। लॉकडाउन में मंदिर के बाहर और बस स्टेंड पर भीख मांगने वाले लोगों को कुछ नहीं मिल पा रहा था।

आशुतोष दोस्तों के साथ मिलकर खाना बांट रहे हैं

ऐसे में आशुतोष ने 4 दोस्तों के साथ मिलकर इन लोगों के लिए खाने की व्यवस्था शुरू की है। वह बताते हैं कि इस काम में कई और लोग भी सहयोग कर रहे हैं। वे रोजाना 400 से 500 लोगों को खाना उपलब्ध करवा रहे हैं।

आशुतोष किक बॉक्सिंग वर्ल्ड कप में मेडल जीत चुके हैं।

आशुतोष रूस में 2018 में हुए 9 वें डायमंड वर्ल्ड कप में 79 किलो के लाइट कॉन्टेक्ट और किक में कांस्य पदक जीतने हैं। इस साल जून में भी आंतरिक टूर्नामेंट में खेलने के लिए जाना था, लेकिन लॉकडाउन के कारण टूर्नामेंट रद्द हो गए हैं।

वुशू कोच फैजल डार कश्मीर में फंसे मजदूरों की मदद कर रहे हैं

जम्मू-कश्मीर में दूसरे राज्यों से आए मजदूर अब फंस गए हैं। ऐसे में उनकी मदद के लिए वुशू में आंतरिक मेडल जीतेंन जबिना और कोच फजल डार सहित अन्य खिलाड़ी सामने आए हैं। फैजल ने बताया कि मंगल कलाकार के खिलाड़ी और कोच की टीम मजदूरों की जरूरत की चीजें पहुंच रही हैं।

कोच और खिलाड़ी 500 से ज्यादा परिवारों की मदद करते हैं

लॉकडाउन के कारण काम बंद है। लौट ही ये मजदूर अपने गाँव लौटने वाले नहीं हैं। ऐसे में मार्स आर्ट फेडरेशन ने ऐसे मजदूरों की मदद करने का निर्णय लिया है। अब तक 500 से ज्यादा परिवारों की मदद कर चुके हैं। फैजल बताते हैं कि वे संपन्न और सामाजिक संस्थाओं से चंदा लेते हैं। चंदा से एकत्रित हुए पैसों से मजदूरों को घर-घर जाना राशन पहुंचा रहे हैं।





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