न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 11 मई 2020 05:47 अपराह्न IST

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स्वास्थ्य मंत्रालय और गृह मंत्रालय की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में एसी ट्रेन चलाए जाने के सवाल पर अधिकारियों का साफ रुख सामने नहीं आया। अधिकारियों ने केवल इतना बताया कि एसी के फ्लो को देखने जाने की जरूरत होती है। ज्यादा परेशानी होने पर इसे बंद भी किया जा सकता है।

प्रेस कांफ्रेंस में सवाल पूछा गया था, सेंट्रलाइज एसी में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है, ऐसे में एसी ट्रेनों चलाई जा रही हैं। क्या इससे इनकार किया जा सकता है कि यात्रा के दौरान संक्रमण का खतरा नहीं होगा?

इस सवाल पर स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि सेंट्रलाइज एसी का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन उसके फ्लो को अपडेट करने की जरूरत होती है। इसका ध्यान रखें कि उसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

साथ ही कहा कि इससे जुड़ी कोई भी समस्या सामने आती है तो सेंट्रलाइज एसी के इस्तेमाल के बिना भी रेल यात्रा की जा सकती है।

यानी अधिकारियों के पास इस सवाल का सीधा-सीधा जवाब नहीं था कि जब ट्रांस का खतरा बना हुआ है तो एसी ट्रेनें क्यों चलाई जा रही हैं। बता दें कि कोरोनावायरस का संक्रमण हवा से भी होता है। ऐसे में अगर ट्रेन के किसी कोच में कोई संदिग्ध व्यक्ति सफर करता है तो ये बाकी लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसा होने पर स्वस्थ व्यक्ति भी कोरोनाटिक हो सकता है।

स्वास्थ्य मंत्रालय और गृह मंत्रालय की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में एसी ट्रेन चलाए जाने के सवाल पर अधिकारियों का साफ रुख सामने नहीं आया। अधिकारियों ने केवल इतना बताया कि एसी के फ्लो को देखने जाने की जरूरत होती है। ज्यादा परेशानी होने पर इसे बंद भी किया जा सकता है।

प्रेस कांफ्रेंस में सवाल पूछा गया था, सेंट्रलाइज एसी में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है, ऐसे में एसी ट्रेनों चलाई जा रही हैं। क्या इससे इनकार किया जा सकता है कि यात्रा के दौरान संक्रमण का खतरा नहीं होगा?

इस सवाल पर स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि सेंट्रलाइज एसी का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन उसके फ्लो को अपडेट करने की जरूरत होती है। इसका ध्यान रखें कि उसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

साथ ही कहा कि इससे जुड़ी कोई भी समस्या सामने आती है तो सेंट्रलाइज एसी के इस्तेमाल के बिना भी रेल यात्रा की जा सकती है।

यानी अधिकारियों के पास इस सवाल का सीधा-सीधा जवाब नहीं था कि जब ट्रांस का खतरा बना हुआ है तो एसी ट्रेनें क्यों चलाई जा रही हैं। बता दें कि कोरोनावायरस का संक्रमण हवा से भी होता है। ऐसे में अगर ट्रेन के किसी कोच में कोई संदिग्ध व्यक्ति सफर करता है तो ये बाकी लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसा होने पर स्वस्थ व्यक्ति भी कोरोनाटिक हो सकता है।





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