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पूरी दुनिया वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की चपेट में है। दुनिया का हर देश वायरस का दंश झेल रहा है। चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोविड-19 देखते-देखते पूरी दुनिया में फैल गया है। वायरस की शुरुआत में चीन इसका मुख्य हॉटस्पॉट बना हुआ था। इसके बाद ईरान, इटली और अमेरिका चीन के बाहर नए हॉटस्पॉट बनकर उभरे। 

वहीं, अब दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील इस जानलेवा वायरस का नया हॉटस्पॉट बना हुआ है। ब्राजील में कोरोना से एक दिन में सबसे ज्यादा 1179 मौतें हुई हैं। इससे पहले 12 मई को सबसे ज्यादा 881 मौतें सामने आई थीं। कोरोना वायरस से प्रभावित देशों की सूची देखने से पता चलता है कि, ब्राजील दुनिया का तीसरा सबसे ज्यादा कोविड-19 प्रभावित देश है। 

ब्राजील में 14,861 स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित
इस दक्षिण अमेरिकी देश में अब तक 2,93,357 लोग इस वायरस से संक्रमित हुए हैं। वहीं, 18,894 लोगों की इस खतरनाक वायरस से मौत हुई है। देश में वायरस की चपेट में स्वास्थ्य कर्मी भी आ रहे हैं। ब्राजील नर्सिंग ऑब्जर्वेटरी ने बताया है कि देश में अब तक 14,861 स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित मिले हैं। वहीं, कोविड-19 से अब तक 179 स्वास्थ्य कर्मियों की मौत हुई है। 

मरने वालों में 109 महिला स्वास्थ्य कर्मी भी शामिल हैं। कोरोना मरीजों का इलाज कर रहीं नर्सों का कहना है कि उन्हें पीपीई किट मुहैया नहीं कराई जा रही है। देश में ज्यादातर नर्सों को इसे पहनने का तरीका भी नहीं पता है। वहीं, सरकार की तरफ से कुछ पीपीई किट मुहैया तो कराई जा रही है, लेकिन पहनने की जानकारी नहीं होने के चलते नर्सें संक्रमण का शिकार हो रही हैं।

एक ही पीपीई किट का इस्तेमाल करने को मजबूर स्वास्थ्य कर्मी
हालात इस कदर खराब हो चुके हैं कि अस्पताल के कर्मचारी अलग-अलग शिफ्ट में एक ही पीपीई किट का इस्तेमाल कर रहे हैं। स्वास्थ्य कर्मियों के बीच संक्रमण फैलने का यह भी एक खतरा है। ब्राजील में कोरोना के इलाज के लिए अस्पताल कम पड़ गए हैं। देश का सबसे बड़ा शहर साओ पाउलो कोरोना हॉटस्पॉट बन चुका है, यहां तीन हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी हैं। वहीं, शहर के अस्पतालों में बेड 90 फीसदी से ज्यादा भर चुके हैं। 

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील में बढ़ रहे कोरोना के मामलों को देखते हुए, वहां से अमेरिका की यात्रा पर प्रतिबंध लगा सकते हैं। ट्रंप ने कहा है कि हम नहीं चाहते हैं कि लोग ब्राजील से आकर अमेरिकी नागरिकों को संक्रमित करें। हम ब्राजील को वेंटिलेटर भेजकर मदद कर रहे हैं। 

ट्रंप ने यह बयान उस समय दिया है कि जब कोविड-19 के रोकथाम में असफल होने पर ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो की चौतरफा आलोचना हो रही है। गौरतलब हो कि राष्ट्रपति बोल्सोनारो ने कोरोना को साधारण फ्लू बताया था। 

सरकार कारोबार शुरू करने के लिए फंड देने में असक्षम 
कोरोना महामारी के चलते ब्राजील की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। खस्ताहाल अर्थव्यवस्था के चलते, सरकार कंपनियों को फिर से कारोबार शुरू करने के लिए फंड देने में असक्षम हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में रोजगार पर बड़ा संकट गहराने वाला है। देश की 25 फीसदी आबादी ऐसी है, जिन्हें दैनिक रूप से काम न मिलने पर दो वक्त का खाना जुटाना मुश्किल हो सकता है। ब्राजील की 1.40 करोड़ आबादी जगह की कमी के चलते तंग घरों में रहने को मजबूर हैं। इस कारण सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो पा रहा है। 

परिवहन सुविधाओं के अभाव में अस्पतालों तक नहीं पहुंच पा रहे वेंटिलेटर
ब्राजील में अर्थव्यवस्था के साथ-साथ चिकित्सा सुविधा भी बेहाल हो गई है। देश के एक तिहाई शहरों में स्थित अस्पतालों के पास 10 वेंटिलेटर भी नहीं हैं। सरकार ने 15 हजार वेंटिलेटर आयात किए थे। जो केवल 800 अस्पतालों तक ही पहुंच पाए हैं। 

अधिकारी परिवहन सुविधाओं के अभाव में वेंटिलेटरों को अस्पताल तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। इससे पहले चिकित्सा उपकरण खरीदने में देरी करने पर सरकार ने एक स्वास्थ्य मंत्री को हटा दिया था। उनके बाद बने स्वास्थ्य मंत्री ने भी पद से इस्तीफा दे दिया था। 

वहीं, साओ पाउलो शहर में प्रदर्शनकारियों ने एक इमारत के बाहर ‘बोल्सोनारो आउट’ का पोस्टर लगाकर प्रदर्शन किया। ब्राजील ब्रिटेन को पीछे छोड़ते हुए कोरोना से प्रभावित देशों की सूची में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है, उससे ऊपर अमेरिका और रूस है। 

देश में कोरोना से बिगड़ रहे हालातों को लेकर लोगों ने राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। राष्ट्रपति ने कोविड-19 महामारी को एक साधारण फ्लू बताया था और विभिन्न राज्यों द्वारा लगाए जा रहे लॉकडाउन को लेकर आक्रोश जाहिर किया था। इसके बाद से ही लोग उनके इस बयान को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

सार

  • कोविड-19 का नया हॉटस्पॉट बना ब्राजील
  • ब्राजील में 14,861 स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित
  • एक ही पीपीई किट का इस्तेमाल करने को मजबूर स्वास्थ्य कर्मी
  • कोरोना को साधारण फ्लू बताने पर राष्ट्रपति के खिलाफ प्रदर्शन

विस्तार

पूरी दुनिया वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की चपेट में है। दुनिया का हर देश वायरस का दंश झेल रहा है। चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोविड-19 देखते-देखते पूरी दुनिया में फैल गया है। वायरस की शुरुआत में चीन इसका मुख्य हॉटस्पॉट बना हुआ था। इसके बाद ईरान, इटली और अमेरिका चीन के बाहर नए हॉटस्पॉट बनकर उभरे। 

वहीं, अब दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील इस जानलेवा वायरस का नया हॉटस्पॉट बना हुआ है। ब्राजील में कोरोना से एक दिन में सबसे ज्यादा 1179 मौतें हुई हैं। इससे पहले 12 मई को सबसे ज्यादा 881 मौतें सामने आई थीं। कोरोना वायरस से प्रभावित देशों की सूची देखने से पता चलता है कि, ब्राजील दुनिया का तीसरा सबसे ज्यादा कोविड-19 प्रभावित देश है। 

ब्राजील में 14,861 स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित
इस दक्षिण अमेरिकी देश में अब तक 2,93,357 लोग इस वायरस से संक्रमित हुए हैं। वहीं, 18,894 लोगों की इस खतरनाक वायरस से मौत हुई है। देश में वायरस की चपेट में स्वास्थ्य कर्मी भी आ रहे हैं। ब्राजील नर्सिंग ऑब्जर्वेटरी ने बताया है कि देश में अब तक 14,861 स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित मिले हैं। वहीं, कोविड-19 से अब तक 179 स्वास्थ्य कर्मियों की मौत हुई है। 

मरने वालों में 109 महिला स्वास्थ्य कर्मी भी शामिल हैं। कोरोना मरीजों का इलाज कर रहीं नर्सों का कहना है कि उन्हें पीपीई किट मुहैया नहीं कराई जा रही है। देश में ज्यादातर नर्सों को इसे पहनने का तरीका भी नहीं पता है। वहीं, सरकार की तरफ से कुछ पीपीई किट मुहैया तो कराई जा रही है, लेकिन पहनने की जानकारी नहीं होने के चलते नर्सें संक्रमण का शिकार हो रही हैं।

एक ही पीपीई किट का इस्तेमाल करने को मजबूर स्वास्थ्य कर्मी
हालात इस कदर खराब हो चुके हैं कि अस्पताल के कर्मचारी अलग-अलग शिफ्ट में एक ही पीपीई किट का इस्तेमाल कर रहे हैं। स्वास्थ्य कर्मियों के बीच संक्रमण फैलने का यह भी एक खतरा है। ब्राजील में कोरोना के इलाज के लिए अस्पताल कम पड़ गए हैं। देश का सबसे बड़ा शहर साओ पाउलो कोरोना हॉटस्पॉट बन चुका है, यहां तीन हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी हैं। वहीं, शहर के अस्पतालों में बेड 90 फीसदी से ज्यादा भर चुके हैं। 


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