वाशिंगटन: कोरोना महामारी (कोरोनावायरस) को लेकर अमेरिका और चीन के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब अमेरिका का कहना है कि चीन और रूस ने कोरोना को लेकर गलत बातें फैलाई हैं। विदेश विभाग के ग्लोबल एंगेजमेंट सेंटर का काम देखने वालीं ली गेब्रील (ली गैब्रिएल) ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘हमने ट्विटर पर ऐसे फर्जी खातों के नेटवर्क का पता लगाया है, जिन्हें चीन के इस दावे के समर्थन के लिए नामित किया गया है। गया है कि वह दुनिया में COVID- 19 के प्रसार के लिए जिम्मेदार नहीं है ‘।

उन्होंने बताया कि इन फर्जी खातों से ऐसा लगता है कि चीन और रूस दोनों कोरोना के बारे में गलत थ्योरी फैलाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। लिहाजा दोनों देशों की सरकारों के साझा हित के लिए मिलकर काम करने की संभावना है। गेब्रियल के अनुसार, बीजिंग COVID-19 की उत्पत्ति को लेकर गलत जानकारी फैलाने के लिए रूस की रणनीति को अपना रहा है। उन्होंने आगे कहा कि COVID-19 परिस्थिति से पहले भी हमने प्रोपेगेंडा फैलाने को लेकर रूस और चीन के बीच समन्वयक देखा है, लेकिन इस महामारी के मद्देनजर यह तेजी से बढ़ता जा रहा है।

ग्लोबल एंगेजमेंट सेंटर ने पहले कहा था कि रूस से जुड़े हजारों सोशल मीडिया अकाउंट्स महामारी के को लेकर कंप्यूटिंगें फैल रही हैं। जैसे कि उनके द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि वुहान से पूरी दुनिया में फैले कोरोनावायरस को अमेरिका द्वारा निर्मित किया गया था। गौरतलब है कि चीन की तरफ से भी यह कहा गया था कि अमेरिकी सेना वायरस वुहान के बारे में आई थी। इसके बाद से अमेरिका चीन पर ज्यादा आक्रामक हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कई बार यह साफ कर चुके हैं कि बीजिंग को कोरोना की कीमत चुकानी होगी। अमेरिका के साथ-साथ अब दुनिया के कई अन्य देश भी महामारी के प्रसार के लिए चीन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।





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