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कोरोना वायरस महामारी की वजह से सभी तरह के खेलों पर रोक लगाई जा चुकी है। आईपीएल समेत कई बड़े टूर्नामेंट रद्द हो चुके हैं या उनकी तारीखों को आगे बढ़ा दिया गया है। ऐसे में सट्टेबाजों ने सट्टा लगाने का नया तरीका खोज निकाला है। वे अब कोरोना के आंकड़े, मौसम, राजनीति, और टीवी शो पर दांव लगा रहे हैं।

हैरानी बात यह ही की सबसे ज्यादा सट्टा कोरोना वायरस महामारी पर लगाया जा रहा है। आईटी फर्म मॉर्निंग कंसल्ट और स्टेटिस्टा की रिपोर्ट के अनुसार, 41 फीसदी सट्टा कोरोना पर लग रहा है जबकि लगभग उतना ही सट्टा राजनीतिक हलचल पर लगाया जा रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक सट्टेबाज सबसे ज्यादा सट्टा कोरोना और उससे जुड़े विषयों पर और फिर राजनीतिक हलचल पर लगा रहे हैं। इस बार खेलों पर सबसे कम सट्टा लग रहा है। बड़े खेल बंद होने की वजह से छोटे-मोटे खेलों पर सट्टेबाज अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। 23 फीसदी लोग विदेशी लीग और 35 फीसदी करंट अफेयर्स पर सट्टा लगा रहे हैं। 

39 फीसदी सट्टेबाज मौसम पर सट्टा लगा रहे हैं। 30 फीसदी सट्टेबाज टीवी शो, ऑनलाइन फूड शो या प्रतियोगिता पर पैसा लगा रहे हैं। 28 फीसदी सट्टेबाज ऑनलाइन गेमिंग यानी ई-स्पोर्ट्स में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। 24.88 फीसदी सट्टेबाज ऐसे हैं, जो खेल के हर आयोजन पर दांव लगाते हैं

सार

  • कोरोना में सट्टेबाजों ने बदला सट्टा लगाने का तरीका
  • 41 फीसदी सट्टा कोरोना के आंकड़ों पर लग रहा
  • 39 फीसदी सट्टेबाज मौसम पर सट्टा लगा रहे
  • 30 फीसदी सट्टेबाज टीवी शो पर लगा रहे हैं सट्टा

विस्तार

कोरोना वायरस महामारी की वजह से सभी तरह के खेलों पर रोक लगाई जा चुकी है। आईपीएल समेत कई बड़े टूर्नामेंट रद्द हो चुके हैं या उनकी तारीखों को आगे बढ़ा दिया गया है। ऐसे में सट्टेबाजों ने सट्टा लगाने का नया तरीका खोज निकाला है। वे अब कोरोना के आंकड़े, मौसम, राजनीति, और टीवी शो पर दांव लगा रहे हैं।

हैरानी बात यह ही की सबसे ज्यादा सट्टा कोरोना वायरस महामारी पर लगाया जा रहा है। आईटी फर्म मॉर्निंग कंसल्ट और स्टेटिस्टा की रिपोर्ट के अनुसार, 41 फीसदी सट्टा कोरोना पर लग रहा है जबकि लगभग उतना ही सट्टा राजनीतिक हलचल पर लगाया जा रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक सट्टेबाज सबसे ज्यादा सट्टा कोरोना और उससे जुड़े विषयों पर और फिर राजनीतिक हलचल पर लगा रहे हैं। इस बार खेलों पर सबसे कम सट्टा लग रहा है। बड़े खेल बंद होने की वजह से छोटे-मोटे खेलों पर सट्टेबाज अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। 23 फीसदी लोग विदेशी लीग और 35 फीसदी करंट अफेयर्स पर सट्टा लगा रहे हैं। 

39 फीसदी सट्टेबाज मौसम पर सट्टा लगा रहे हैं। 30 फीसदी सट्टेबाज टीवी शो, ऑनलाइन फूड शो या प्रतियोगिता पर पैसा लगा रहे हैं। 28 फीसदी सट्टेबाज ऑनलाइन गेमिंग यानी ई-स्पोर्ट्स में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। 24.88 फीसदी सट्टेबाज ऐसे हैं, जो खेल के हर आयोजन पर दांव लगाते हैं

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