मोहम्मद शमी भारतीय क्रिकेट में एक ख़ास नाम हैं. शमी के जन्मदिन पर पेश है उनसे बातचीत के कुछ खास अंश.
सवाल– आप कोरोना काल में भी क्रिकेट से दूर नहीं थे. क्या आपको कभी ऐसा लगा कि इस साल क्रिकेट ही नहीं खेल पायेंगे?
उत्तर -निश्चित तौर पर मैं क्रिकेट से दूर नहीं था. इसकी वजह ये है कि मेरे घर में ऐसी सुविधा है कि मैं नियमित अभ्यास कर सकता था. जहां तक इस साल क्रिकेट नहीं खेलने वाला सवाल है, मेरा मानना था कि लंबे समय तक गेम नहीं होगा. लेकिन, अब हमलोग आईपीएल खेलने वाले हैं.

सवाल– आईपीएल के लिए आपने क्या पिछले कुछ महीनों कुछ अलग सी तैयारी की जिससे कि आप इस फॉर्मेंट में और ज़्यादा ख़तरनाक हो सकें?उत्तर -आईपीएल को ध्यान में रखते हुए ईमानदारी से बोलूं तो ऐसी कुछ ख़ास तैयारी नहीं की है. सिर्फ मैंने कोशिश ये कि है कि मेरा शरीर उसी शेप में रहें. (फिटनेस पर काफी मेहनत की है) दुबई आने से पहले मैंने अपने शहर में नॉन-स्टॉप अभ्यास किया है हम सभी को ये पता है कि T20 में आपकी गेंदबाज़ी में काफी विविधता होनी चाहिए. इसी को ध्यान में रखते हुए मैंने अपनी यॉर्कर्स और स्लोअर बॉल पर ख़ासी मेहनत की है.

सवाल- आईपीएल खत्म होने के बाद ऑस्ट्रलिया का दौरा भी है. कई आलोचकों को लगता है कि पिछली बार की तरह इस बात टीम इंडिया टेस्ट सीरीज़ शायद नहीं जीत पाए.
उत्तर- ऑस्ट्रेलिया में क्या होगा वो तो वहां पहुंचने के बाद ही पता चलेगा. लेकिन, क्रिकेट में जो टीम बेहतर खेलती है वही जीतती है और इसलिए हमें उस बात की फिक्र नहीं है. हम कोशिश करेंगे कि दोबारा हम वहां से टेस्ट सीरीज़ जीतकर घर वापस आएं.

सवाल- ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी मैथ्यू वेड ने हाल ही में कहा था कि भारतीय तेज गेंदबाज न्यूजीलैंड के नील वेगनर की तरह शॉर्ट पिच गेंदबाजी का प्रभावशाली तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पायेंगे. आपकी राय?
उत्तर-इससे क्या फर्क पड़ता है कि कौन क्या बोल रहा है? हर गेंदबाज का अपना अपना अंदाज होता है. हमें ये पता है कि किसी खास जगह पर कामयाबी हासिल करने के लिए किस तरह के कौशल की जरूरत पड़ती है. आखिर में आप अपनी योग्यता के बूते ही कहीं प्रभावशाली हो सकते हैं.

सवाल- आप ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अपना 50वां टेस्ट खेलेंगे और मुमकिन है कि 200 विकेट के क्लब में भी शामिल हो जाएं. उसके बाद क्या टारेगट जहीर खान के 313 टेस्ट विकेट को पीछे करने का होगा?
उत्तर– हाहा.. (हंसते हुए) 50वां टेस्ट निश्चित तौर पर खास होगा लेकिन मैं उन खिलाड़ियों में से नहीं जो खुद के लिए टारगेट सेट करता हो. मुझे जो जॉब दिया गया होता है उसी पर मैं अपना माइंड लगाता हूं ना कि किसी और से अपनी तुलना करने में.

सवाल– आपके बारे में कई जानकार ये भी कहतें है कि टेस्ट मैचों में आप कभी भी डिफेंसिव गेंदबाज़ी नहीं करतें हैं. क्या ये मज़बूती कभी कमज़ोरी भी बन जाती है जब हालात ऐसे हों कि आपको अपना अंदाज़ बदलना पड़ें.
उत्तर-मुझे हमेशा से अटैकिंग गेंदबाज़ी करना पसंद है और वही मेरी सामान्य लाइन एंड लैंथ होती है.

सवाल- आपको लगता है कि जैसे वेस्टइंडीज़ की महान चौकड़ी का जिक्र करते हुए उन गेंदबाज़ों के विकेट की चर्चा नहीं होती है ठीक उसी तरह आप बुमराह, ईशांत और उमेश को भी ऐसे ही याद किया जायेगा?
उत्तर-हमारा गेंदबाजी आक्रमण सबसे बढ़िया है क्योंकि हम सभी लोग एक –दूसरे को काफी अच्छे तरीके से समझतें हैं. एक दूसरे का भार कम करतें हैं और ज़िम्मेदारी लेतें हैं. हम सभी मैच के हालात के मुताबिक अपनी भूमिका में ढल जातें हैं.

सवाल-आप काफी सुलझे हुए गेंदबाज़ माने जातें है, भविष्य में कभी कप्तानी के बारे में सोचा है?
उत्तर-नहीं
सवाल- तेंज़ गेंदबाज़ों को आखिर कप्तानी के लिए कभी गंभीरता से क्यों नहीं सोचा जाता है?
उत्तर-मैं नहीं जानता हूं. इस मुद्दे पर मुझे नहीं पता है

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