कोरोना इन इंडिया 15 वें सप्ताह में 50 हजार पार कर गया, हमारे साथ फ्रांस दर से धीमा – भारत में कोरोना 15 वें सप्ताह में हुआ 50 हजार के पार, अमेरिका-फ्रांस से धीमा है औसत

Bytechkibaat7

May 7, 2020 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,


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पांच महीने पहले कोरोनावायरस इस दुनिया में आया था जिसके बाद धीरे-धीरे यह वैश्विक महामारी बन गया था। आज दुनिया के सैंकड़ों देश इससे प्रभावित हैं लेकिन दूसरे देशों के मुकाबले भारत में अभी भी कोरोना की रफ्तार धीमी है जिसके पीछे विशेषज्ञ जांच प्रक्रिया में दो लॉकडाउन के बाद आई तेजी से बता रहे हैं। चीन, अमेरिका, फ्रांस, इटली, जापान, इरान और स्पेन की तुलना में भारत की एक अलग ही तस्वीर देखने को मिल रही है।

भारत में कोरोनावायरस को 14 सप्ताह पूरे हो चुके हैं। इस समय 15 वें सप्ताह चल रहा है जब देश में 52,952 कुल रोगी रोगी सामने आए हैं। इसी अवधि को लेकर अमेरिका सहित बाकी देशों से तुलना करें तो 15 वें सप्ताह तक फ्रांस में भारत से दो तो अमेरिका में 18 गुना से ज्यादा मरीज सामने आए थे। 15 वें सप्ताह के दौरान अमेरिका में 9,83,457 और फ्रांस में 1,28,121 लोगों को दर्ज किया गया। जबकि इसी अवधि में चीन में 84,341 अस्थिर रोगी सामने आए हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अमेरिका, फ्रांस, जापान और चीन में कोरोना की अवधि 15 सप्ताह से बहुत अधिक हो गई है लेकिन इटली, इरान और स्पेन में अभी इसकी अवधि कम है। इटली में 13 वें सप्ताह में 2.03 लाख मरीज सामने आए थे। जबकि इरान में 11 वें सप्ताह में कोरोना के 92,584 मरीज मिले थे। इन सभी देशों की अपेक्षा भारत में स्थिति अभी भी नियंत्रण में दिखाई देती है। हालांकि जापान एकमात्र ऐसा देश है जहां 15 वें सप्ताह तक 13,385 मामले आए थे।

  • जून में वृद्धि का ग्राफ हो सकता है
पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स डॉ। एस जॉन का मानना ​​है कि देश में कोरोना की चाल अब जांच का मापरा बढ केे के साथ आगे जा रही है। दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ। रणदीप गुलेरिया भी कह रहे हैं कि जून में कोरोनावायरस का ग्राफ अपने पीक (सर्वोच्च) पर हो सकता है। देश में अब तक 400 से ज्यादा रायपुर में हर दिन औसतन 80 हजार सैंपल की जांच हो रही है।

हालांकि ये सेल्फ सैंपल मिलने की दर लगभग 4 प्रति ही शुरू से देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का यह भी मानना ​​है कि लॉकडाउन के बाद जांच बढ सेे से एक समय तक मरीजों की संख्या उच्च स्तर पर मिलती है लेकिन इसके बाद यह ग्राफ निरंतर नीचे चला जाता है। यही कारण है कि अमेरिका में एक लंबी लड़ाई के बाद अब स्थिति सामान्य होती दिखाई दे रही हैं।

  • भारत की सप्ताह वार स्थिति

सप्ताह का रोगी
पहले तीन
दूसरा तीन
तीसरा तीन
चौथा तीन
पाँचवाँ ३४
छठवां 101
सातवां 223
सातवीं 7२४
नौंवा १११२
10 वां 4125
11 वां 7447
12 वां 13,387
13 वां 23077
14 वां 35,043
15 वां 52,292
(भारत में पहला मरीज 30 जनवरी को मिला था। अभी 15 वें सप्ताह देश में चल रहा है।)

सार

  • फ्रांस में दो तो अमेरिका में 18 गुना से ज्यादा हो चुके थे 15 सप्ताह में रोगी थे
  • दुनिया के 9 देशों में सबसे धीमी गति से भारत में

विस्तार

पांच महीने पहले कोरोनावायरस इस दुनिया में आया था जिसके बाद धीरे-धीरे यह वैश्विक महामारी बन गया था। आज दुनिया के सैंकड़ों देश इससे प्रभावित हैं लेकिन दूसरे देशों के मुकाबले भारत में अभी भी कोरोना की रफ्तार धीमी है जिसके पीछे विशेषज्ञ जांच प्रक्रिया में दो लॉकडाउन के बाद आई तेजी से बता रहे हैं। चीन, अमेरिका, फ्रांस, इटली, जापान, इरान और स्पेन की तुलना में भारत की एक अलग ही तस्वीर देखने को मिल रही है।

भारत में कोरोनावायरस को 14 सप्ताह पूरे हो चुके हैं। इस समय 15 वें सप्ताह चल रहा है जब देश में 52,952 कुल रोगी रोगी सामने आए हैं। इसी अवधि को लेकर अमेरिका सहित बाकी देशों से तुलना करें तो 15 वें सप्ताह तक फ्रांस में भारत से दो तो अमेरिका में 18 गुना से ज्यादा मरीज सामने आए थे। 15 वें सप्ताह के दौरान अमेरिका में 9,83,457 और फ्रांस में 1,28,121 लोगों को दर्ज किया गया। जबकि इसी अवधि में चीन में 84,341 अस्थिर रोगी सामने आए हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अमेरिका, फ्रांस, जापान और चीन में कोरोना की अवधि 15 सप्ताह से बहुत अधिक हो गई है लेकिन इटली, इरान और स्पेन में अभी इसकी अवधि कम है। इटली में 13 वें सप्ताह में 2.03 लाख मरीज सामने आए थे। जबकि इरान में 11 वें सप्ताह में कोरोना के 92,584 मरीज मिले थे। इन सभी देशों की अपेक्षा भारत में स्थिति अभी भी नियंत्रण में दिखाई देती है। हालांकि जापान एकमात्र ऐसा देश है जहां 15 वें सप्ताह तक 13,385 मामले आए थे।

  • जून में वृद्धि का ग्राफ हो सकता है
पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स डॉ। एस जॉन का मानना ​​है कि देश में कोरोना की चाल अब जांच का मापरा बढ केे के साथ आगे जा रही है। दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ। रणदीप गुलेरिया भी कह रहे हैं कि जून में कोरोनावायरस का ग्राफ अपने पीक (सर्वोच्च) पर हो सकता है। देश में अब तक 400 से ज्यादा रायपुर में हर दिन औसतन 80 हजार सैंपल की जांच हो रही है।

हालांकि ये सेल्फ सैंपल मिलने की दर लगभग 4 प्रति ही शुरू से देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का यह भी मानना ​​है कि लॉकडाउन के बाद जांच बढ सेे से एक समय तक मरीजों की संख्या उच्च स्तर पर मिलती है लेकिन इसके बाद यह ग्राफ निरंतर नीचे चला जाता है। यही कारण है कि अमेरिका में एक लंबी लड़ाई के बाद अब स्थिति सामान्य होती दिखाई दे रही हैं।

  • भारत की सप्ताह वार स्थिति

सप्ताह का रोगी
पहले तीन
दूसरा तीन
तीसरा तीन
चौथा तीन
पाँचवाँ ३४
छठवां 101
सातवां 223
सातवीं 7२४
नौंवा १११२
10 वां 4125
11 वां 7447
12 वां 13,387
13 वां 23077
14 वां 35,043
15 वां 52,292
(भारत में पहला मरीज 30 जनवरी को मिला था। अभी 15 वें सप्ताह देश में चल रहा है।)





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