कोरोनावायरस केस न्यूज़ हिंदी में: 283 संक्रमित पाए गए आठ राज्यों के 20 ग्रीन जिलों में पिछले नौ दिनों में – कोरोना: नौ दिन में आठ राज्यों के 20 हरित जिलों में 283 मिले

Bytechkibaat7

May 10, 2020 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,


अहमदाबाद में कोरोना की जांच के लिए नमूने एकत्र करते हैं स्वास्थ्य कर्मी।
– फोटो: पीटीआई

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पिछले 9 दिनों में 8 राज्यों के 20 ग्रीन जिलों में 283 कोरोनाटे रोगी सामने आ चुके हैं। कुछ राज्यों में तो इसी अवधि में अस्थिरों की संख्या 50 प्रति से बहुत अधिक बढ़ी हुई है। इतना ही नहीं संक्रमण से मुक्त घोषित किए जा चुके त्रिपुरा में 40 नए रोगी सामने आने के बाद विकृति जोन फिर बनाए गए हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 30 अप्रैल को जारी सूची के अनुसार, देश में 130 जिले रेड, 284 ऑर्गन और 319 जिले ग्रीन इन में हैं। अब ग्रीन जिलों में से 20 में सूची के जारी होने के बाद नए प्रकार से मिलने से सरकार में चिंता बढ़ गई है। तीन मई को अमर उजाला की रिपोर्ट को जहां ज्यादा जांच, वहीं अधिक अंतर ’में बताया गया था कि ज्यादा जांच वाले प्रदेशों में रेड जोन जिले ज्यादा मिल रहे हैं।

आशंका जताई गई थी कि जांचों की संख्या बढ़ने पर ग्रीन जिले भी रेड जोन में आ सकते हैं। दिल्ली एम्स के वरिष्ठ डॉ। व टास्क फोर्स के एक सदस्य का कहना है कि जांच बढ़ने से ग्रीन जिले रेड जोन में आ सकते हैं। यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, जिससे बचाव नहीं हो सकता है।

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने हर सप्ताह समीक्षा के बाद जिलों की जोन वार सूची करने का फैसला लिया था। पुनरीक्षित सूची एक या दो दिन में सामने आ सकती है। जिनके बारे में विशेषज्ञों की टीम हर जिले की समीक्षा में जुटी है।

यहाँ दोगुना रोगी हुआ
टास्क फोर्स के मुताबिक, गत सात मई तक त्रिपुरा, पंजाब, तमिलनाडु, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, गुजरात और ओडिशा में मरीजों की संख्या दोगुनी या फिर 50 प्रतिशत से ज्यादा हुई है। इसीलिए आईसीएमआर घनी आबादी और प्रवासियों के कथा वाले ग्रीन जिलों में सेवाएंलांस के तौर पर जांच भी कर रही है।

  • पंजाब में एक मई से केसों में 361% बढ़ोतरी हुई। हरित जिलों बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब, फाजिल्का और रूपनगर (रोपड़) में नए रोगी दाखिल हुए।
  • ओडिशा के 21 जिलों में से 9 में नए क्षेत्रों में। ग्रीन जोन गंजम जिले में 47 नए मामले आने पर रोड जोन घोषित किया गया। जगतसिंह पुर और मयूरभंज में क्रमशः: पांच और चार नए रोगी आने के बाद ऑरेंज जोन में।
  • हरियाणा के संक्रमण रहित जिले महेंद्रगढ़ जिले में दो नए रोगी मिले।
  • TN के कृष्णागिरी जिले में नए नए रोगी।
  • महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग और पश्चिम बंगाल के बीर पृष्ठभूमि जिले में नए मरीज मिलने पर ग्रीन से ऑर्गन जोन में बदल गए।
  • गुजरात के देवभूमि द्वारका और जूनागढ़ में क्रमशः: चार और दो नए प्रकार सामने आने पर पाबंदी सख्त की गई।

जिला राज्य रोगी
ढाली त्रिपुरा 86
गंजम ओडिशा 47
बठिंडा पंजाब ३ 37
फतेहगढ़ पंजाब 37
फाजिल्का पंजाब २०
रोपड़ पंजाब १३
कृष्णागिरी स्नातक 08
बीर पृष्ठभूमि पी। बंगाल 06
अवतारसिंह पुर ओडिशा 05
देवभूमि गुजरात ०४
मयूरभंज ओविचारशा 04
जूनागढ़ गुजरात 02
सिंधुदुर्दर माहर 02
बालनगीर ओडिशा 02
कटक ओडिशा 02
झारसुगुड़ा ओडिशा 02
केंदुझार ओडिशा 02
महेंद्रगढ़ हरियाणा 02
देवगढ़ ओडिशा 01
पुरी ओडिशा 01

(सभी आंकड़ें 30 अप्रैल से सात मई के बीच के हैं)

सार

देश में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। बीते नौ दिनों की बात करें तो कई राज्यों में मरीजों की संख्या 50 प्रति तक बढ़ गई है। ऐसे में इन नए संशोधन क्षेत्र से चिंता बढ़ गई है।

विस्तार

पिछले 9 दिनों में 8 राज्यों के 20 ग्रीन जिलों में 283 कोरोनाटे रोगी सामने आ चुके हैं। कुछ राज्यों में तो इसी अवधि में अस्थिरों की संख्या 50 प्रति से बहुत अधिक बढ़ी हुई है। इतना ही नहीं संक्रमण से मुक्त घोषित किए जा चुके त्रिपुरा में 40 नए रोगी सामने आने के बाद विकृति जोन फिर बनाए गए हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 30 अप्रैल को जारी सूची के अनुसार, देश में 130 जिले रेड, 284 ऑर्गन और 319 जिले ग्रीन इन में हैं। अब ग्रीन जिलों में से 20 में सूची के जारी होने के बाद नए प्रकार से मिलने से सरकार में चिंता बढ़ गई है। तीन मई को अमर उजाला की रिपोर्ट को जहां ज्यादा जांच, वहीं अधिक अंतर ’में बताया गया था कि ज्यादा जांच वाले प्रदेशों में रेड जोन जिले ज्यादा मिल रहे हैं।

आशंका जताई गई थी कि जांचों की संख्या बढ़ने पर ग्रीन जिले भी रेड जोन में आ सकते हैं। दिल्ली एम्स के वरिष्ठ डॉ। व टास्क फोर्स के एक सदस्य का कहना है कि जांच बढ़ने से ग्रीन जिले रेड जोन में आ सकते हैं। यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, जिससे बचाव नहीं हो सकता है।

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने हर सप्ताह समीक्षा के बाद जिलों की जोन वार सूची करने का फैसला लिया था। पुनरीक्षित सूची एक या दो दिन में सामने आ सकती है। जिनके बारे में विशेषज्ञों की टीम हर जिले की समीक्षा में जुटी है।

यहाँ दोगुना रोगी हुआ
टास्क फोर्स के मुताबिक, गत सात मई तक त्रिपुरा, पंजाब, तमिलनाडु, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, गुजरात और ओडिशा में मरीजों की संख्या दोगुनी या फिर 50 प्रतिशत से ज्यादा हुई है। इसीलिए आईसीएमआर घनी आबादी और प्रवासियों के कथा वाले ग्रीन जिलों में सेवाएंलांस के तौर पर जांच भी कर रही है।


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ग्रीन से रेड जोन में यूं बदल रहे जिले





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