नई दिल्ली। 40 लाख लोग बीमार और लगभग 3 लाख लोगों की मौत, ये कोराना वायरस का कहर है, जिसने पूरी दुनिया में दहशत मचा रखी है। कोरोनावायरस (कोरोनावायरस) ने सिर्फ जान ही नहीं ली है, बल्कि उसने दुनिया की अर्थव्यवस्था की धज्जियां भी उड़ा दी हैं। जो खेल जगत में से हमेशा दूर ही नजर आता है, आज वो कोरोनावायरस की वजह से पूरी तरह चरमरा गया है। इस महामारी के चलते पिछले लगभग 3 महीने से खेलों की दुनिया पूरी तरह से थम चुकी है। क्रिकेट (क्रिकेट), हॉकी, फुटबाल, टेनिस, बैडमिंटन सहित सभी बड़े-बड़े खेल कोरोनावायरस की मार झेल रहे हैं और उनके कई बड़े टूर्नामेंट स्थगित या रद्द हो चुके हैं। कोरोनावायरस की वजह से खेलों का महाकुंभ टोक्यो ओलिंपिक भी 2021 तक सुरक्षित करना पड़ा है। आइए आपको बताते हैं कि कोरोनावायरस ने अबतक खेलों को कितना आर्थिक चोट पहुंचाई है और किन खेलों और खिलाड़ियों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है।

क्रिकेट पर कोरोना इफेक्ट

कोरोनायरस (कोरोनावायरस) की वजह से कई बड़े टूर्नामेंट प्रभावित हो चुके हैं और भविष्य की श्रृंखलाओं पर भी मंडरा रहा है। किसी भी खेल संघ को लाइव टीवी प्रसारण के अधिकार बेचकर सबसे ज्यादा पैसा मिलता है। अब जब क्रिकेट ही नहीं हो रहा है तो प्रोजेक्शन किस चीज का होगा? और प्रसारण नहीं होगा तो खेल संघों को पैसा कहां से मिलेगा।

भारत को ही देख लीजिये, सबसे बड़ी क्रिकेट लीग IPL (IPL) से बीसीसीआई सबसे ज्यादा पैसा कमाती है, लेकिन 29 मार्च से शुरू होने वाला ये बैनर कोरोना की वजह से अनिश्चितकाल के लिए विज्ञापन करना पड़ रहा है। अब अगर आईपीएल इस साल नहीं होता है तो बीसीसीआई, प्रक्षेपणकर्ता और सभी टीमों को मिलाकर कम से कम 3 हजार करोड़ का नुकसान होने वाला है।

IPL रद्द हुआ तो 3000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान तय!

आईपीएल (आईपीएल) के दौरान फ्रेंचाइजी कम से कम 600 लोगों को कॉन्ट्रैक्ट पर रखता है, लेकिन अब बैनर ही नहीं होंगे तो वे बेरोजगार ही रहेंगे। यदि इस वर्ष आईपीएल नहीं हुआ तो बीसीसीआई को 1500 करोड़ रुपये का प्रक्षेपणकर्ता स्टार स्पोर्ट्स को लौटाने में मदद मिलेगी। आईपीएल नहीं हुआ तो इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2015 में आईपीएल ने भारत की अर्थव्यवस्था में 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा का योगदान दिया था। आईपीएल नहीं हुआ तो क्रिकेट से जुड़ी हर चीज ठप हो जाएगी, जिसमें लॉजिस्टिक कंपनी, एयरलाइंस और होटल इंडस्ट्री शामिल हैं। ये सब बंद हुआ तो जायज सी बात है इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा ही।

भारत को दिसंबर-जनवरी में ऑस्ट्रेलिया (भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया) का दौरा करना है, पिछले दौरे पर भारत ने 2-1 से टेस्ट सीरीज जीती।

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट बोर्ड को हो सकता है बड़ा नुकसान

ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड बोर्ड आन

सिर्फ बीसीसीआई (बीसीसीआई) ही नहीं क्रिकेट जगत के दूसरे अमीर बोर्ड ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड भी कोरोनावायरस की वजह से बर्बाद हो जाएंगे। एक रिपोर्ट के मुताबिक क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की सांस इस वक्त अटकी हुई है क्योंकि अगर दिसंबर में भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज नहीं हो पाई तो क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को 174 मिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है। वहीं इंग्लैंड का सबसे महत्वकांक्षी टूर्नामेंट द हंडरेड पहले ही कोरोनावायरस की चपेट में आकर सुरक्षित हो गया है। इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड को डर है कि अगर महामारी की वजह से पूरा सत्र धुल गया तो उसे 38 करोड़ पाउंड का नुकसान होगा। जब क्रिकेट बोर्ड बोर्ड के ये हाल हैं तो सोचिए श्री, वेस्टइंडीज और बांग्लादेश बोर्ड का क्या होगा? ये क्रिकेट बोर्ड का दीवालिया होना निश्चित रूप से नजर आ रहा है। बोर्ड बर्बाद हो गए तो खिलाड़ियों का भविष्य भी अधर में लटक जाएगा।

फुटकर ब्रेक

कोरोनायरस (कोरोनावायरस) की वजह से फुटबॉल की दुनिया भी अवरुद्ध हो गई है। 14 मार्च को गो में होना चाहिए भारतीय सुपर लीग का फाइनल खाली स्टेडियम में आयोजित होने वाला था। आई-लीग का सीजन 23 मैच पहले ही रोकना पड़ा और मोहन बागान को चैंपियन घोषित कर दिया गया। भारत के विश्व कप क्वालिफायर के बाकी बचे मैच सुरक्षित हो गए हैं। कतर, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ होने वाले मैच कब होंगे, इसका कोई अता-पता नहीं है। अंडर -17 महिला फुटबॉल वर्ल्ड कप को भी नाराज कर दिया गया है, जब आयोजन होगा तो किसी को पता नहीं चलेगा। साफ है कंगन खिलाड़ियों को भी उनका भविष्य अधर में नजर आ रहा है।

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फुटबॉल जैसा खेल भी थामा

बैडमिंटन भी ठप

भारतीय शटलर्स (बैडमिंटन) ने 15 मार्च को खत्म हुई ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। इसके बाद बैडमिंटन के सभी टूर्नामेंट रद्द करने पड़े। स्विस ओपन, इंडिया ओपन, मलेशिया ओपन, सिंगापुर ओपन को रद्द कर दिया गया है।

छोटे टेनिस खिलाड़ी होने वाले हैं पूरे!

भारत को फेड कप के प्लेऑफ में लातविया से 17-18 अप्रैल को भिड़ना था लेकिन कोरोनावायरस (कोरोनावायरस) की वजह से यह विज्ञापन करना पड़ा। विंबलडन रद्द कर दिया गया, फ्रेंच ओपन 20 सितंबर तक विज्ञापन हो गया है। बता दें कि टेनिस के जितने बड़े टूर्नामेंट रद्द या नाराज हुए हैं, उसका सबसे ज्यादा असर ज्यादा रैंक के खिलाड़ियों पर पड़ने वाला है। जो खिलाड़ी टॉप 100 में नहीं हैं, वो तो पैसों के लिए तरसने वाले हैं। भारत के टेनिस (टेनिस) खिलाड़ी सिद्धार्थ रावत की रैंकिंग 438 है। हाल ही में उन्होंने बताया कि वो अपनी बचत से सिर्फ सितंबर और अक्टूबर तक ही खर्चा चला सकते हैं, उसके बाद वो खुद नहीं जानते होंगे।

खेलों की वापसी कैसे होगी?

अब सवाल ये है कि कोरोनावायरस के बाद खराब आर्थिक स्थिति से जूझ रहे खेल को कैसे बदला जाएगा? विशेषज्ञों का मानना ​​है कि खेल जगत 2020 के अंत तक शायद पूरी तरह से उबर पाएगा। साथ ही छोटे बैनर और लीग का अंत भी हो सकता है। आईपीएल, मैनचेस्टर यूनाइटेड और एनबीए जैसे ब्रांड जरूर बच जाएंगे लेकिन छोटे टीमें, छोटे खेल, छोटे संघ शायद ही कोरोनावायरस खत्म होने के बाद वापसी कर सकते हैं।

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