रिपोर्टर डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
अपडेटेड शुक्र, 08 मई 2020 08:41 पूर्वाह्न IST

औरंगा में एक ट्रेन हादसा हो गई है
– फोटो: एएनआई

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महाराष्ट्र के आंध्र प्रदेश में शुक्रवार को एक मालगाड़ी की चपेट में आने के बाद 14 प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। कर्माड पुलिस थाने के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि जालना से भुसावल की ओर पैदल जा रहे मजदूर मध्य प्रदेश लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि वे रेल की सफाई के किनारे चल रहे थे और थकान के कारण दर्द पर ही सो गए थे। अधिकारी ने बताया कि ट्रेन ने सुबह सवा पांच बजे उन्हें टक्कर दी।

घटना के बाद रेलवे और स्थानीय पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं। दक्षिण मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी का कहना है कि यह हादसा औरंगाबाद के कर्माड के पास हुआ है। मालगाड़ी का एक खाली डिब्बा कुछ लोगों के ऊपर जा रहा था। घटनास्थल पर आरपीएफ मौजूद है। कोरोनावायरस की वजह से देशभर में जारी लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न भागों में फंसे प्रवासी मजदूर पैदल ही अपने घर में रहते हैं। ऐसे में रात में रुकने के लिए वे रेलवे ट्रैक का सहारा ले रहे हैं।

पिछले दिनों केंद्र सरकार की तरफ से मजदूरों को उनके राज्य वापस भेजने की इजाजत दी गई है। जिनके बाद राज्य सरकारें विशेष ट्रेनों, बसों की व्यवस्था करके उन्हें उनके गृह राज्य वापस भेज रही हैं। रोजगार की चिंता में ये मजदूर पैदल ही अपने गांवों की ओर चले जा रहे हैं। इससे पहले भी रास्ता में हुए हादसे में प्रवासी मजदूर अपनी जान गंवा चुके हैं।

महाराष्ट्र के आंध्र प्रदेश में शुक्रवार को एक मालगाड़ी की चपेट में आने के बाद 14 प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। कर्माड पुलिस थाने के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि जालना से भुसावल की ओर पैदल जा रहे मजदूर मध्य प्रदेश लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि वे रेल की सफाई के किनारे चल रहे थे और थकान के कारण दर्द पर ही सो गए थे। अधिकारी ने बताया कि ट्रेन ने सुबह सवा पांच बजे उन्हें टक्कर दी।

घटना के बाद रेलवे और स्थानीय पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं। दक्षिण मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी का कहना है कि यह हादसा औरंगाबाद के कर्माड के पास हुआ है। मालगाड़ी का एक खाली डिब्बा कुछ लोगों के ऊपर जा रहा था। घटनास्थल पर आरपीएफ मौजूद है। कोरोनावायरस की वजह से देशभर में जारी लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न भागों में फंसे प्रवासी मजदूर पैदल ही अपने घर में रहते हैं। ऐसे में रात में रुकने के लिए वे रेलवे ट्रैक का सहारा ले रहे हैं।

पिछले दिनों केंद्र सरकार की तरफ से मजदूरों को उनके राज्य वापस भेजने की इजाजत दी गई है। जिनके बाद राज्य सरकारें विशेष ट्रेनों, बसों की व्यवस्था करके उन्हें उनके गृह राज्य वापस भेज रही हैं। रोजगार की चिंता में ये मजदूर पैदल ही अपने गांवों की ओर चले जा रहे हैं। इससे पहले भी रास्ता में हुए हादसे में प्रवासी मजदूर अपनी जान गंवा चुके हैं।





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