क्रिकेट के खिलाड़ी अंधविश्वासी होते हैं लेकिन साउथ अफ्रीका (South Africa) के इस दिग्गज बल्लेबाज का तो बेहद ही अजीबोगरीब टोटका था

क्रिकेट के खिलाड़ी अंधविश्वासी होते हैं लेकिन साउथ अफ्रीका (South Africa) के इस दिग्गज बल्लेबाज का तो बेहद ही अजीबोगरीब टोटका था

नई दिल्ली. टोटका हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा माना जाता है. दुनिया में ऐसे बहुत कम इंसान होंगे जो सफलता पाने के लिए टोटकों का इस्तेमाल ना करते हों. भारत हो या पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया हो गया इंग्लैंड, दुनिया की हर टीम के क्रिकेट खिलाड़ी अंधविश्वासी हैं. कोई अपनी जर्सी का नंबर बदलता है, तो कोई दांया पैड पहले पहनता है, कोई हर बार पिच को ठोकता है तो कोई ग्लव्ज़ को बार-बार खोलता है बंद करता है. लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसे खिलाड़ी के बारे में जिसका टोटका अपने आप में ही अनोखा है.

अंधविश्वासी नील मैकेंजी और उनका करियर
साउथ अफ्रीका क्रिकेट की बात करें तो नील मैकेंजी का नाम बड़े अदब से लिया जाता है. साल 2000 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले मैकेंजी ने साउथ अफ्रीका के लिए 3 हजार से ज्यादा टेस्ट रन और 1600 से ज्यादा वनडे रन बनाए. उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में 7 शतक लगाए. मैकेंजी भले ही साउथ अफ्रीका के लिए ज्यादा मैच नहीं खेल सके लेकिन उनका फर्स्ट क्लास रिकॉर्ड इस बात का गवाह है कि वो किस कद के खिलाड़ी रहे.

नील मैकेंजी ने अपने फर्स्ट क्लास करियर में 280 मैच खेले जिसमें उन्होंने 53 शतकों की मदद से 19041 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 86 अर्धशतक भी निकले. लिस्ट ए क्रिकेट में मैकेंजी ने 12 शतकों की मदद से 8571 रन बनाए. मतलब अपने पूरे करियर में मैकेंजी ने 65 शतक ठोके.नील मैकेंजी की कामयाबी के पीछे टॉयलेट सीट!

जाहिर सी बात है कि नील मैकेंजी के आंकड़े उनके बारे में बताते हैं कि वो किस तरह के बल्लेबाज थे लेकिन अब जानिए मैकेंजी ने इन आंकड़ों को छूने के लिए किस तरह के टोटके किए. मैकेंजी का पहला टोटका जानकर आप दंग ही रह जाएंगे. नील मैकेंजी अपनी अच्छी बल्लेबाजी के लिए ड्रेसिंग रूम के सभी टॉयलेट की सीट नीचे कर क्रीज पर जाते थे. मानें या ना मानें लेकिन नील मैकेंजी का ये टोटका तो शायद दुनिया में सबसे अजीब ही था.

नील मैकेंजी के लिए इसके अलावा और भी कई सारे अंधविश्वास थे. जैसे वो कभी क्रीज की सफेद रेखा पर पैर नहीं रखते थे. उन्होंने अपने पूरे करियर में उस रेखा पर पैर नहीं रखा. यही नहीं नील मैकेंजी हर गेंद का सामना करने से पहले लेग साइड की ओर देखते थे. मैकेंजी पहले स्कवायर लेग और उसके बाद फाइन लेग की ओर देखते थे और उसके बाद वो गेंदबाज को देखते थे. नील मैकेंजी हर गेंद पर ऐसा ही करते थे.

ड्रेसिंग रूम की छत पर टेप से बैट चिपकाते थे मैकेंजी!
नील मैकेंजी का एक और अजीब टोटका था. मैकेंजी जब भी कोई इंटरनेशनल मैच खेलते थे तो उससे एक रात पहले वो अपने बल्ले को ड्रेसिंग रूम की छत पर टेप से चिपकाते थे. इसकी वजह ये थी कि एक बार मैकेंजी के दोस्तों ने मजाक में उनके बल्ले को टेप से छत पर चिपका दिया था और इसके बाद उन्होंने शतक जड़ दिया था. इसके बाद मैकेंजी हर मैच से पहले ऐसा करने लगे. साउथ अफ्रीका के इस बल्लेबाज ने तो अंधविश्वास की हद ही पार की हुई थी.

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First published: May 21, 2020, 5:41 PM IST

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