• हर प्रोविडेंट फंड खाताधारक को एक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर दिया जाता है
  • UAN से इंप्लॉई के बैंक अकाउंट की डिटेल एड की जाती है

दैनिक भास्कर

12 मई, 2020, 03:29 PM IST

नई दिल्ली। लॉकडाउन के कारण उपजे आर्थिक संकट में पैसे की जरूरत पड़ने पर लोग प्रोविडेंट फंड (पीएफ) से पैसे निकल रहे हैं। ऐसे में अगर आप भी पीएफ से पैसे निकालने चाहते हैं लेकिन यूएएन के गलत बैंक खाते से जुड़े होने के कारण ऐसा नहीं हो रहे हैं, तो परेशान न हों। आप घर बैठे ही अपनी बैंक डिटेल्स बदल सकते हैं।

UAN नंबर क्या है?
हर प्रॉविडेंट फंड (पीएफ) खाताधारकों को एक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) दिया जाता है। UAN से खाताधारक अपने हर पीएफ खाते की डिटेल्स एक ही जगह पा सकते हैं। यूएएन ईपीएफ खाते के साथ तो सूची में ही होता है, साथ ही इंप्लॉई के बैंक खाते की डिटेल भी एड की जाती हैं। इसी तरह से पीएफ अमाउंट निकालने पर पैसा आता है।

ऐसे अपडेट कर सकते हैं बैंक डिटेल्स
सबसे पहले EPFO ​​के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल https://unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface/ पर जाएं।
यहाँ UAN व पासवर्ड डालकर लॉग इन करें।
अब ‘टैब’ पर क्लिक करें। आपके सामने एक ड्रॉप डाउन मेनू होगा।
इस मेनू में KYC सिलेक्ट करें।
अब बैंक सिलेक्ट करें और बैंक खाता संख्या, नाम और IFSC भरें और सेव पर क्लिक करें।
इस जानकारी के एंप्लॉयर द्वारा अप्रूव होने के बाद आपके अपडेटेड बैंक डिटेल्स अप्रूवड केवाईसी सेक्शन में दिखने लगेंगी।
अगर आपका एंप्लॉयर बैंक डिटेल्स अपडेशन रिक्वेस्ट को अप्रूव न करें तो फिर ईपीएफ शिकायत पर शिकायत कर सकते हैं।

प्रोविडेंड फंड संबंधी हर काम के लिए जरूरी है यूएएन नंबर
भविष्य निधि संगठन में पंजीकृत होने के साथ ही कर्मचारी इस संगठन का सदस्य बन जाता है और इसके साथ ही उसे 12 अंक का यूएएन (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) भी जारी कर दिया जाता है। इस नंबर की मदद से ईपीएफओ की ज्यादातर सुविधाओं को ऑफलाइन इस्तेमाल किया जा सकता है। यूएएन नंबर की मदद से एक कर्मचारी अपने पीएफ खाते की पासबुक ऑनलाइन तो देख ही सकता है, साथ ही वह अपना पीएफ (प्रोविडेंट फंड) बैलेंस भी ऑफलाइन चेक कर सकता है।

एक बार ही जारी होता है UAN नंबर
यूएएन 12 अंकों का एक स्थाई नंबर होता है, जो ईपीएफओ में पंजीकृत होने वाले कर्मचारी को सिर्फ एक बार जारी किया जाता है। कई ईपीएफ आईडी होने के बाद भी उसका यूएएन नंबर सिर्फ एक ही रहता है। यानी नियोक्ता बदल जाने के बाद भी ये संख्या नहीं बदलेंगे। एक से ज्यादा ईपीएफओ आईडी होने पर ये यूएएन सभी आईडी के लिए छतरी का काम करता है। कर्मचारी की सभी मेंबर आईडी कि एकमात्र यूएएन से सूची कर दी जाती हैं, ऐसे में सभी खातों का प्रबंधन उसी एक यूएएन नंबर की मदद से किया जाता है। यूएएन नंबर की मदद से भविष्य निधि निकासी और अटैची फंड ट्रांसफर का काम आसानी से साथ किया जा सकता है। अगर कर्मचारी वनबार ईपीएफओ की वेबसाइट / यूनिफाइड पोर्टल पर जाकर अपना यूएएन नंबर एक्टिव कर लेता है, तो फिर वो कभी भी अपना पीएफ पासबुक और यूएएन कार्ड को डाउनलोड कर सकता है।





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