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ईरान ने इस्राइल को खुली धमकी देते हुए कहा है कि जो भी देश इस्राइल से युद्ध करेगा, वह उसका समर्थन करेगा। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने बुधवार को इस बात को कहते हुए, इस सप्ताह होने वाले वार्षिक कुद्स (येरूशलम) दिवस से पहले फिलिस्तीन के प्रति अपना समर्थन दिखाया है। 

खामनेई ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से अंग्रेजी में ट्वीट करते हुए कहा कि, हम किसी भी देश या किसी भी समूह को समर्थन और सहायता करेंगे जो जायोनी शासन का विरोध और उसके खिलाफ लड़ाई करेगा और हम यह कहने में संकोच नहीं करते हैं।
 

मध्य पूर्व में ईरान इस्राइल का कट्टर दुश्मन है। साथ ही वह रूस के साथ सीरिया के गृह युद्ध में राष्ट्रपति बशर अल-असद का मुख्य समर्थक है। ईरान सीरिया के गृह युद्ध में राष्ट्रपति असद की मदद के लिए सैन्य सलाहकारों के साथ-साथ स्थानीय शिया मिलिशिया को भेजता रहा है। 

इस्राइल अपने पड़ोसी सीरिया पर गहन निगाह बनाए हुए है। हाल के दिनों में, इस्राइल ने सीरिया में तेहरान समर्थित ईरान और लेबनानी हिजबुल्लाह गुरिल्लाओं द्वारा संदिग्ध हथियारों और सैन्य आवाजाही को निशाना बनाते हुए सैकड़ों हवाई हमले किए हैं।

वहीं, खामनेई ने बुधवार को कहा कि इस्राइल के प्रति ईरान की दुश्मनी यहूदी लोगों के साथ दुश्मनी के समान नहीं है। खामनेई ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से फारसी भाषा में किए एक अन्य ट्वीट में कहा कि इस्राइल की सरकार के खात्मे का मतलब यहूदियों का खात्मा नहीं है। हमें यहूदी लोगों से कोई परेशानी नहीं है। 
 

इस ट्वीट में आगे कहा गया कि इस्राइल के खात्मे का मतलब है कि फिलिस्तीन के मुस्लिम, ईसाई और यहूदी लोग खुद के लिए खुद की सरकार को चुन सकते हैं। साथ ही विदेशियों और ठगों को बाहर कर सकते हैं, जैसे नेतन्याहू (इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू)।

खामनेई शुक्रवार को कुद्स दिवस के मौके पर भाषण देने वाले हैं।

सार

  • ईरान ने इस्राइल को धमकी दी
  • खामनेई ने कहा- जो देश इस्राइल से युद्ध करेगा, हम उसका समर्थन करेंगे
  • खामनेई कुद्स दिवस के मौके पर लोगों को करेंगे संबोधित

विस्तार

ईरान ने इस्राइल को खुली धमकी देते हुए कहा है कि जो भी देश इस्राइल से युद्ध करेगा, वह उसका समर्थन करेगा। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने बुधवार को इस बात को कहते हुए, इस सप्ताह होने वाले वार्षिक कुद्स (येरूशलम) दिवस से पहले फिलिस्तीन के प्रति अपना समर्थन दिखाया है। 

खामनेई ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से अंग्रेजी में ट्वीट करते हुए कहा कि, हम किसी भी देश या किसी भी समूह को समर्थन और सहायता करेंगे जो जायोनी शासन का विरोध और उसके खिलाफ लड़ाई करेगा और हम यह कहने में संकोच नहीं करते हैं।

 

मध्य पूर्व में ईरान इस्राइल का कट्टर दुश्मन है। साथ ही वह रूस के साथ सीरिया के गृह युद्ध में राष्ट्रपति बशर अल-असद का मुख्य समर्थक है। ईरान सीरिया के गृह युद्ध में राष्ट्रपति असद की मदद के लिए सैन्य सलाहकारों के साथ-साथ स्थानीय शिया मिलिशिया को भेजता रहा है। 

इस्राइल अपने पड़ोसी सीरिया पर गहन निगाह बनाए हुए है। हाल के दिनों में, इस्राइल ने सीरिया में तेहरान समर्थित ईरान और लेबनानी हिजबुल्लाह गुरिल्लाओं द्वारा संदिग्ध हथियारों और सैन्य आवाजाही को निशाना बनाते हुए सैकड़ों हवाई हमले किए हैं।

वहीं, खामनेई ने बुधवार को कहा कि इस्राइल के प्रति ईरान की दुश्मनी यहूदी लोगों के साथ दुश्मनी के समान नहीं है। खामनेई ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से फारसी भाषा में किए एक अन्य ट्वीट में कहा कि इस्राइल की सरकार के खात्मे का मतलब यहूदियों का खात्मा नहीं है। हमें यहूदी लोगों से कोई परेशानी नहीं है। 
 

इस ट्वीट में आगे कहा गया कि इस्राइल के खात्मे का मतलब है कि फिलिस्तीन के मुस्लिम, ईसाई और यहूदी लोग खुद के लिए खुद की सरकार को चुन सकते हैं। साथ ही विदेशियों और ठगों को बाहर कर सकते हैं, जैसे नेतन्याहू (इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू)।

खामनेई शुक्रवार को कुद्स दिवस के मौके पर भाषण देने वाले हैं।

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