• निवेश की राशि के मुताबिक 10 साल तक टैक्स में छूट मिलेगी
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर में विस्तार के लिए 50 उद्योग कलस्टर का भी चयन करें

दैनिक भास्कर

12 मई, 2020, 02:39 अपराह्न IST

नई दिल्ली। कोरोनावायरस महामारी से टूटी अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है। इसी दिशा में संयुक्त मंत्रालय के नए अधिकारियों को कई प्रकार की कर छूट देने पर विचार किया जा रहा है। इस मामले से वाकिफ स्रोतों के हवाले से ईटी की रिपोर्ट में यह बात कही गई है। हालांकि यह सभी प्रकार की कर छूट नए कारोबार शुरू करने पर ही मिलेंगी।

500 मिलियन डॉलर से अधिक निवेश पर 10 साल तक टैक्स छूट
केंद्रीय मंत्रालय के प्रस्ताव के अनुसार नई कंपनियों को निवेश के आधार पर कर छूट दी जाएगी। यदि कोई कंपनी 500 मिलियन डॉलर से ज्यादा का नया निवेश करती है तो उसे 10 साल तक टैक्स पर पूरी तरह से छूट मिलेगी। प्रस्ताव के मुताबिक इस टैक्स छूट का फायदा उठाने के लिए कंपनियों को 1 जून से 3 साल के भीतर ऑपरेशन शुरू करना होगा। मेडिकल डिवाइस, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलीकॉम उपकरण और कैपिटल गुड्स से जुड़ी कंपनियों को यह कर छूट मिलेगी।

लेबर आधारित सेक्टर्स में 100 मिलियन डॉलर के निवेश पर टैक्स छूट मिलेगी
सूत्र ने बताया कि जो कंपनियां लेबर आधारित सेक्टर्स जैसे टैक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण, लेदर और फुटवियर सेक्टर में 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश करेंगी, उन्हें चार साल तक टैक्स में पूरी तरह से छूट मिलेगी। इसके बाद अगले 6 साल तक 10 प्रतिशत की कम दर पर कॉरपोरेट टैक्स का भुगतान करना होगा। यह प्रस्ताव को अभी वित्त मंत्रालय की मंजूरी मिलनी है। हालाँकि, अभी तक इस पर कोई भी अंतिम निर्णय नहीं पाया गया है।

चीन से आने वाली कंपनियों को फिर से तैयार करना शुरू करना
कोरोनावायरस के कारण बिगड़ती अर्थव्यवस्था में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार ने अधिकारियों को रिज़ाना शुरू कर दिया है। इसी के तहत चीन छोड़ने वाली कंपनियों को भारत में नई प्लांट लगाने के लिए आसानी से जमीन उपलब्ध कराई जा रही है। कोरोना महामारी के कारण भारत की अर्थव्यवस्था में चार दशक का बड़ा संकुचन आया है। अभी तक सरकार ने कोई बड़ा राहत पैकेज भी घोषित नहीं किया है। कोरोना के कारण अप्रैल में लगभग 1.22 करोड़ लोगों की नौकरी जा चुकी है और उपभोक्ता मांग पूरी तरह से खत्म हो चुकी है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर में विस्तार के लिए 50 कलस्टर का चयन
इसके अलावा कोरिया मंत्रालय ने इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार के लिए 50 उद्योग कलस्टेक्स का चपायन किया है। इन कलस्टर में टैस्टिंग रायपुर और रिसर्च और डवलपमेंट सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें टैक्सटाइल, फार्मा, खाद्य प्रसंस्करण और जेम्स एंड ज्वैलरी जैसे सेक्टर्स का विकास शामिल है। इसके अलावा मंत्रालय तुरिज्म जैसे सेवा क्षेत्र के विस्तार की योजना पर भी काम कर रहा है।





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