• 99 प्रति कर्मचारी चाहते हैं कि उनकी कंपनी को काउंटी स्वास्थ्य रेस्पोंसिबिलिटी की तर्ज पर काम करना चाहिए।
  • यह शेयर दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु के कर्मचारियों पर आधारित है, यह अप्रैल महीने के अंतिम सप्ताह में किया गया था।

दैनिक भास्कर

06 मई, 2020, 05:21 PM IST

नई दिल्ली। लाकडाउन के बाद भारत इंक के ज्यादातर कर्मचारी कार्यालय नहीं जाना चाहते हैं, वे कार्यालय में काम करने को उत्सुक हैं। एक डेवलपर के अनुसार लगभग 93 प्रति कर्मचारी कार्यालय वापस जाने वाले से डर रहे हैं। वहीं, 99 प्रति कर्मचारी चाहते हैं कि उनकी कंपनी को काउंटी स्वास्थ्य रेस्पोंसिबिलिटी (CHR) की तर्ज पर काम करना चाहिए। स्वास्थ्य टेक कम्यूनिटी, FYI द्वारा की गई डेवलपर में 85 प्रति कर्मचारी ऐसे शामिल थे जो अपने वर्क प्लेस पर सफाई चाहते हैं और स्वास्थ्य के मामले में किसी प्रकार की कोई प्रतिबद्धता नहीं करना चाहते हैं।

यह शेयर दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु के कर्मचारियों पर आधारित है
यह शेयर दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु के कर्मचारियों पर आधारित है। यह सर्वेक्षण अप्रैल 2020 के अंतिम सप्ताह में किया गया था। यह दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु में छोटे, मध्यम और बड़े उद्यमों में 560 कर्मचारियों के इंटरव्यू के आधार पर गया है। इन कर्मचारियों में से 85 प्रतिशत पुरुष और 15 प्रतिशत महिलाएं थीं। सर्वेक्षण का उद्देश्य कर्मचारियों की गतिविधियों का पता लगाना था और भारत की नई प्राथमिकताओं के बारे में बताना था।

एफवाईआई के को-एक्टिवर, यिशान गोयल का कहना है कि कोविड -19 महामारी ने लोगों के रहने और काम करने के तरीके को बदल दिया है। सर्वेक्षण में भारत इंक की नई प्राथमिकताओं का खुलासा हुआ है। अब ज्यादातर कर्मचारी स्वास्थ्य और सुरक्षा को महत्वपूर्ण मानते हैं।

73 प्रति कर्मचारी जारी रखना चाहते हैं ‘वर्क फ्रॉम होम’
सर्वे के अनुसार, 83 प्रति लोग चाहते हैं कि उनकी कंपनी उनके स्वास्थ्य की निगरानी और सुरक्षा के लिए कुछ इनोवेटिव प्रयास करे। लगभग 81 प्रति लोगों ने कहा कि वे केवल पट्टों में ही काम करना शुरू करेंगे, जबकि 73 प्रति कर्मचारी उम्मीद करते हैं कि कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम जारी रखना चाहिए। इस सर्वे में 59 फीसदी लोग ऐसे हैं जो अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। 25 प्रति ने कहा कि वे अपनी वित्तीय स्थिति के बारे में चिंतित हैं। लगभग 16 प्रतिशत को डर था कि संकट लंबे समय तक रहेगा यह लोगों में बड़ी चिंता का कारण है।





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