• मुंबई के पोश इलाकों बीकेसी और नारीमन पाइंट में हो सकती है
  • इस समय कई स्टॉक ब्रोकर और म्यूचुअल फंड इस योजना पर कर रहे हैं

दैनिक भास्कर

11 मई, 2020, 04:53 PM IST

मुंबई। वर्क फ्रॉम होम शब्द इस समय मुंबई की दलाल स्ट्रीट में रुटीन बन गया है। पेंट्री टेबल को वर्क स्टेशन के रूप में उपयोग किया जा रहा है। लॉकडाउन के समय की बाद की स्थिति बदल रही है। यहां के पोश व्यवसाय क्षेत्र जैसे नारीमन पाइंट और बीकेसी में वर्क फ्रॉम होम की चर्चा आम बात है। यह चर्चा इसलिए नहीं है कि इससे वर्कफ़्लो लाइफ बैलेंस होगा, बल्कि इसलिए क्योंकि खर्च में राहत मिलेगी।

किराया पर कंपनियां बहुत ज्यादा खर्च करती हैं

दलाल स्ट्रीट के ज्यादातर स्टॉक ब्रोकर्स और म्यूचुअल फंड अब इन योजनाओं पर काम कर रहे हैं। इससे उनके स्टॉफ का बड़ा हिस्सा वर्क फ्रॉम होम में बदल रहा है। मुंबई की ज्यादातर कंपनियां बहुत खर्च करती हैं। वे कंपनियां वर्क फ्रॉम होम रुटीन में स्विच कर सकती हैं। कई कंपनियां अपने स्टॉफ की ऑफिस में फिजिकल हिरी के विकल्प को खत्म करने की योजना बना रही हैं। कुछ कंपनियों के अधिकारियों के मुताबिक, बैक ऑफिस, कंप्लायंस, लीगल, ह्यूसमैन रिसोर्स, प्रोडक्ट, सेल्स सपोर्ट, फाइनेंस जैसे विभागों में काम कर रहे लोगों को घर से काम करने का विकल्प दिया जा सकता है।

किराया, मेंटीनेंस के खर्च में 50 प्रतिशत की कमी आई

यस सिक्योरिटीज के संयुक्त प्रबंध निदेशक प्रशांत प्रभाकर ने कहा कि किराया, एसी, इनटीनेंस और कनवर्टरेंस के पीछे खर्च में लगभग 50 प्रतिशत की बचत हो सकती है। मुंबई की ज्यादातर कंपनियों में जहां 250 लोग काम कर रहे हैं, उनमें से 180 लोगों को हमेशा के लिए घर से काम करने की छूट मिल सकती है। ब्रोकर्स हाउस और म्यूचुअल फंड इस बात पर जोर दे रहे हैं कि उनके कर्मचारी कार्यालय में आने के बजाय घर से काम करें। हालांकि कंपनियां इसके लिए थोड़ी बहुत सुविधा का खर्च देने की भी तैयारी कर रही हैं।

जीरो बेस बजटिंग के रूप में खर्चों का हो रहा है

कोटक म्यूचुअल फंड के एमडी निलेश शाह ने बताया कि हम जीरो बेस बजटिंग के रूप में तमाम खर्च का मूल्यांकन कर रहे हैं। पूंजी बाजार संरक्षण सेबी ने अपने ब्रोकर्स को विभिन्न लोकेशन पर से टर्मिनल संचालन करने की अनुमति दे दी है। इसका उद्देश्य ग्राहकों को वर्क फ्रॉम होम के जरिए सेवा को एक्जिक्यूट करना है। एक अग्रणी म्यूचुअल फंड के सीईओ के मुताबिक, प्रोडक्शन की चिंता के कारण उद्योग वर्क फ्रॉम होम कल्चर को सही नहीं मान रहा था। लेकिन लॉकडाउन खत्म होने के बाद इस पर जरूर विचार किया जाएगा कि यह कितना सही होगा।

एंजल ब्रोकिंग के सीईओ विनय अग्रवाल ने कहा कि इस प्रक्रिया का एक हिस्सा निश्चित रूप से खर्च में बचत करेगा, लेकिन इसके पहले इसे समझना होगा। उनका कहना है कि, टेक्नोलॉजीज, प्रोडक्ट और सेल्स और एचआर की टीम को घर से काम करने की अनुमति मिल सकती है।





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